भ्रष्टाचार के दलदल में कंठ तक डूबा ‘नया पाकिस्तान’, पीएम इमरान खान ने कहा- घबराना नहीं है!
ग्लोबल करप्शन इंडेक्श में पाकिस्तान 124वें नंबर पर चला गया है। जिसके बाद पाकिस्तान में इमरान खान की खूब खिंचाी की जा रही है।
इस्लामाबाद/नई दिल्ली: पाकिस्तान (Pakistan) के प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) ने अपने देश के आवाम से नया पाकिस्तान बनाने का वादा किया था। लेकिन तंगहाल पाकिस्तान आर्थिक मोर्चों पर तो नीलाम होने के कगार पर पहुंच ही गया है, भ्रष्टाचार (Corruption) के मामले में भी वो दिन रात तरक्की कर रहा है। ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल (Transparency international) की भ्रष्टाचार से जुड़ी एक रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान में भ्रष्टाचार और ज्यादा बढ़ गया है और दुनिया के 180 देशों में अब पाकिस्तान नीचे गिरकर 124वें नंबर पर पहुंच गया है। जिसके बाद पाकिस्तान की पूरी दुनिया में और प्रधानमंत्री इमरान खान की पूरे पाकिस्तान में थू-थू हो रही है।

करप्शन के दलदल में धंसता पाकिस्तान
इमरान खान ने सत्ता संभालने से पहले पाकिस्तानी जनता से वायदा किया था कि पाकिस्तान से भ्रष्टाचार खत्म करना उनकी पहली प्राथमिकता होगी लेकिन अब पाकिस्तान का विपक्ष इमरान खान से पूछ रहा है कि आखिर इमरान खान के वायदे का क्या हुआ? पाकिस्तान के विपक्षी दल इमरान खान सरकार पर काफी आक्रामक है। विपक्षी दलों का कहना है कि 2019 में पाकिस्तान 120वें पायदान पर था और अब पाकिस्तान 124पें पायदान पर पहुंच गया है तो क्या पाकिस्तान भ्रष्टाचार की लिस्ट में आखिर तक पहुंच जाएगा। बिलावल भुट्टों की पार्टी ने इमरान खान सरकार पर जमकर निशाना साधा है।
कर्ज में डूबा हुआ है पाकिस्तान
पाकिस्तान दुनिया का वो वाहिद मुल्क है तो कंठ तक कर्ज और उससे भी ज्यादा करप्शन में डूबा हुआ है। पीपीपी नेता शेरी रहमान ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान पर हमला बोलते हुआ कहा कि इमरान खान के कार्यकाल में भ्रष्टाचार बढ़ता जा रहा है। मौजूदा सरकार का पूरा ध्यान राजनीतिक विरोधियों को खत्म करने पर है, ऐसे में सरकार के पास भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई करने के लिए वक्त ही कहां बचता है। विपक्षी पार्टियों ने इमरान खान सरकार से नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देने की बात कही है। इमरान खान की नाकामयाबी का पाकिस्तान में काफी मजाक बनाया जा रहा है। कई ट्विटर यूजर्स ने इमरान खान की खिल्ली उड़ाते हुए लिखा है कि, भ्रष्टाचार में हम भले ही गर्त में जा रहे हों, मगर प्रधानमंत्री कहेंगे...घबराना नहीं है।
क्या है ट्रांसपैरेंसी इंटरनेशनल
अंतर्राष्ट्रीय संस्था ट्रांसपैरेंसी इंटरनेशनल दुनिया के 180 देशों में भ्रष्टाचार को लेकर सर्वे करती है। जिसके आधार पर करप्शन इंडेक्श तैयार किया जाता है। ट्रांसपैरेंसी इंटरनेशनल की तरफ से इस साल कोविड महामारी के दौरान अलग अलग सरकार की तरफ से जारी किए गये आर्थिक पैकेज में होने वाले भ्रष्टाचार पर भी नजर दिया गया। संस्था की अध्यक्ष डेलिया फरेरिया रूबियो ने कहा कि 'कोरोना वायरस सिर्फ स्वास्थ्य और आर्थिक संकट ही नहीं है बल्कि यह भ्रष्टाचार संकट भी है, जिससे निपटने में हम सब नाकामयाब हो रहे हैं'
आपको बता दें कि भ्रष्टाचार इंडेक्श में भारत की स्थिति पिछले साल के मुकाबले सुधरी है और अब भारत भ्रष्टाचार की रैंकिंग में 86वें नंबर पर आ गया है जबकि चीन भ्रष्टाचार के ग्राफ में 78वें नंबर पर है। वहीं, बांग्लादेश की स्थिति भ्रष्टाचार को लेकर और भी ज्यादा खराब है। भ्रष्टाचार इंडेक्श में बांग्लादेश 146वें स्थाव पर है। वहीं, न्यूजीलैंड और डेनमार्क भ्रष्टाचार इंडेक्श में सबसे साफ सुथरे देश हैं। इन दोनों की रैंकिंग पहले और दूसरे नंबर पर है।












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