Imran Khan Sisters Protest: पाक में बवाल! इमरान खान को लेकर सड़कों पर उतरीं बहनें, 'शरीफ सरकार' से सीधी टक्कर
Imran Khan Sisters Protest: पाकिस्तान की राजनीति में एक बार फिर बड़ा टकराव देखने को मिल रहा है। जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के साथ कथित दुर्व्यवहार के आरोपों के बीच अब उनकी बहनें भी खुलकर मैदान में उतर आई हैं।
इमरान खान की बहनों ने प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ, सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर और सरकार के खिलाफ बड़ा कदम उठाते हुए रावलपिंडी की अदियाला जेल ( Adiala Jail Rawalpindi) के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है।

अदियाला जेल के बाहर अनिश्चितकालीन धरना
इमरान खान की बहनों का कहना है कि उनके पास विरोध के अलावा अब कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है। इसी के तहत उन्होंने अदियाला जेल के बाहर बैठकर धरना शुरू किया है। उनका आरोप है कि सरकार और सेना जानबूझकर इमरान खान को निशाना बना रही है और उनके मौलिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है।
मंगलवार, 17 दिसंबर की देर रात हालात उस समय और तनावपूर्ण हो गए, जब पुलिस और सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। आरोप है कि इन वाटर कैननों में केमिकल मिला पानी था, जिसे सीधे इमरान खान की बहनों और उनके समर्थकों पर छोड़ा गया। इस कार्रवाई के बाद कई लोग बीमार पड़ गए और इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
जेल के अंदर इमरान खान के साथ दुर्व्यवहार का दावा
इमरान खान की बहनों का कहना है कि जेल के अंदर उनके भाई को लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि न तो उन्हें परिवार से मिलने दिया जा रहा है और न ही बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उनका दावा है कि अदियाला जेल में इमरान खान के साथ जानबूझकर अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है, ताकि उन पर राजनीतिक दबाव बनाया जा सके।
'अब विरोध के अलावा कोई विकल्प नहीं'
धरने के दौरान इमरान खान की बहनों ने साफ शब्दों में कहा कि "अब हमारे पास विरोध के अलावा कोई और विकल्प नहीं बचा है।" उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक इमरान खान की सुरक्षा और उनके अधिकारों की गारंटी नहीं दी जाती, तब तक यह धरना जारी रहेगा। साथ ही यह भी कहा गया कि अगर सरकार और सेना ने उनकी मांगें नहीं मानीं, तो आंदोलन को पूरे पाकिस्तान में फैलाया जाएगा।
सरकार की चुप्पी, मानवाधिकार संगठनों की चिंता
इस मामले पर पाकिस्तान सरकार और सुरक्षा एजेंसियों की ओर से अब तक कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, सरकारी सूत्रों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कार्रवाई जरूरी थी। दूसरी ओर, मानवाधिकार संगठनों ने वाटर कैनन में केमिकल मिले होने के आरोपों पर गंभीर चिंता जताई है और स्वतंत्र जांच की मांग की है।
बड़े आंदोलन के संकेत
इस पूरे घटनाक्रम ने पाकिस्तान की राजनीति को और गरमा दिया है। इमरान खान पहले ही कई मामलों में जेल में बंद हैं और उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) लगातार सरकार और सेना पर राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप लगाती रही है। अब उनकी बहनों के इस सीधे विरोध से यह साफ हो गया है कि इमरान खान की रिहाई और उनके साथ कथित दुर्व्यवहार का मुद्दा आने वाले दिनों में पाकिस्तान में बड़े राजनीतिक आंदोलन का रूप ले सकता है।












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