पाकिस्तान में अब अपराधी कर सकेंगे MBBS, शहबाज शरीफ के मंत्री का प्लान होगा कामयाब?
पाकिस्तान में 80 हजार से ज्यादा कैदी जेलों में अपनी-अपनी सजा काट रहे हैं। इन अपराधियों में युवा कैदियों की संख्या भी अधिक है। यही वजह है कि पाकिस्तान सरकार अब इन कैदियों को प्रोफेशनल डिग्री दिलाना चाहती है।

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पाकिस्तान में सरकार ने जेलों में सजा काट रहे युवा कैदियों को मेडिकल शिक्षा देने का फैसला किया है। इसके लिए उन्हें MBBS और नर्सिंग जैसे प्रोफेशनल कोर्स भी कराए जाएंगे। राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा मंत्री अब्दुल कादिर ने एक अभूतपूर्व कदम उठाते हुए पाकिस्तान चिकित्सा आयोग को बाल कैदियों को यह अवसर देने का अभूतपूर्व निर्देश दिया है।

पाकिस्तान में जेल की सजा काट रहे हजारों बाल कैदी
अब्दुल कादिर पटेल ने कहा कि देश भर की जेलों में बंद बच्चों को बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड बैचलर ऑफ सर्जरी (MBBS), नर्सिंग कॉलेजों और संबद्ध स्वास्थ्य विज्ञान के मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश लेने की अनुमति दी जानी चाहिए। सितंबर 2021 तक के डेटा के मुताबिक पाकिस्तान में 80 हजार से ज्यादा कैदी जेलों में अपनी-अपनी सजा काट रहे हैं। इन अपराधियों में युवा कैदियों की संख्या भी अधिक है। यही वजह है कि पाकिस्तान सरकार अब इन कैदियों को प्रोफेशनल डिग्री दिलाना चाहती है।

जेल में बंद कैदियों को भी पढ़ने का अधिकार
अब्दुल कादिर पटेल ने एक बयान में कहा कि पाकिस्तान पिपुल्स पार्टी का मिशन सभी नागरिकों को समान अवसर प्रदान करना है। उन्होंने कहा, "कोई भी समाज बिना शिक्षा के आगे नहीं बढ़ सकता है और हम लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि जेल में बंद कैदियों को भी पढ़ने का अधिकार है। यही वजह है कि स्वास्थ्य मंत्री ने पाकिस्तान मेडिकल कमीशन को निर्देश दिया कि वह अगले साल से युवा कैदियों को मेडिकल और डेंटल कॉलेज में एडमिशन दिलाने के लिए टेस्ट की व्यवस्था करे।

बुद्धिमान युवा कैदियों को मिलेंगे अवसर
पाकिस्तान चिकित्सा आयोग के प्रवक्ता साजिद शाह ने डॉन से बात करते हुए कहा कि, "सार्वजनिक क्षेत्र के सभी विश्वविद्यालयों को यह सुनिश्चित करने के लिए बाध्य किया जाएगा कि जेल में सजा काट रहे बाल कैदी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों की प्रवेश परीक्षा में बैठने और कक्षाओं में भाग लेने में सक्षम हों।" शाह ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री ने यह निर्दश दिया है कि बुद्धिमान, सक्षम और मेहनती छात्रों को स्वास्थ्य पेशे से जुड़ने का अवसर देने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।

कैद भी बनेंगे समाज का प्रभावी हिस्सा
साजिद शाह ने कहा सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि जेल में बंद कैदी भी समाज का प्रभावी हिस्सा बनें और देश के विकास में अपनी भूमिका निभाएं। शाह ने कहा कि सरकार के इस निर्देश पर 2023 से अमल होगा। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों और पीएमसी के लिए इस पर विचार-विमर्श करने और कैदियों के लिए कॉलेजों में भाग लेना कैसे संभव होगा, इस पर प्रस्ताव के साथ आने के लिए पर्याप्त समय है। उन्होंने कहा, "यह विचार एक सकारात्मक और अच्छी मंशा के साथ रखा गया है और मुझे यकीन है कि हम कैदियों को समाज का एक प्रभावी और लाभकारी हिस्सा बनाने के लिए एक समाधान खोज लेंगे।"












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