ईरान को न्यूक्लियर बैलिस्टिक मिसाइल से लैस कर रहा पाकिस्तान? इजराइल में हड़कंप, इस्लामाबाद क्या बोला?
Pakistan Nuclear-Capable Ballistic Missiles Iran: कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया, कि ईरान और इजराइल के बीच एक पूर्ण युद्ध की आशंका के बीच पाकिस्तान, ईरान को न्यूक्लियर बैलिस्टिक मिसाइलों की सप्लाई कर सकता है।
ये रिपोर्ट्स उस वक्त आई हैं, जब पिछले दिनों इस्लामिक देशों की एक बैठक के दौरान पाकिस्तान ने प्रस्ताव रखा था, कि इजराइल के साथ तनाव के बीच इस्लामिक देशों को ईरान को हथियारों की सप्लाई करनी चाहिए और मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है, कि पाकिस्तान ने कई तरह के हथियारों की सप्लाई का प्रस्ताव भी ईरान के सामने रखा है, लेकिन इनमें न्यूक्लियर हथियार नहीं थे।

न्यूक्लियर हथियार देने से पाकिस्तान का इनकार
लेकिन अब पाकिस्तान ने सभी अफवाहों पर विराम लगाते हुए साफ किया है, कि वह ईरान को शाहीन-III बैलिस्टिक मिसाइल नहीं दे रहा है, जो इजरायल पर हवाई हमला करने की तैयारी कर रहा है।
इजरायली मीडिया एजेंसी द जेरूसलम पोस्ट ने 6 अगस्त को रिपोर्ट दी थी, कि अगर ईरान और इजरायल के बीच युद्ध तेज होता है तो पाकिस्तान ईरान को शाहीन-III मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें देने पर विचार कर रहा है।
सूत्रों का हवाला देते हुए रिपोर्ट में दावा किया गया है, कि ईरान ने इस महीने की शुरुआत में सऊदी अरब में पाकिस्तान और ईरान द्वारा बुलाई गई इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) के विदेश मंत्रियों की एक जरूरी बैठक के दौरान, हमास नेता इस्माइल हानिया की हत्या पर अपनी प्रतिक्रिया की समीक्षा की।
इजरायली मीडिया रिपोर्ट ने दावा किया, कि बैठक के दौरान मिसाइलों के ट्रांसफर पर कथित तौर पर चर्चा की गई थी।
आपको बता दें, कि शाहीन-III एक टू-स्टेप मीडियम रेंज की बैलिस्टिक मिसाइल है, जो सॉलिड ईंधन पर चलती है। दावा किया जाता है, कि यह मिसाइल परमाणु और पारंपरिक, दोनों तरह के पेलोड ले जाने में सक्षम है और इसकी रेंज 2,700 किलोमीटर से थोड़ा ज्यादा है, जिसका मतलब है, कि ईरान को इस मिसाइल के संभावित ट्रांसफर से उसकी मारक क्षमता में खतरनाक इजाफा होगा।
लेकिन, 9 अगस्त को पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मुमताज जहरा बलूच ने इस बात से साफ इनकार किया, कि इस्लामाबाद ईरान को मिसाइल भेज रहा है।
लेकिन, कई मीडिया रिपोर्ट्स में छपी खबरों से पता चलता है, कि ईरान को हथियारों की सप्लाई के लिए कुछ तो खिचड़ी पक रही है। क्योंकि 6 अगस्त को द न्यूयॉर्क टाइम्स ने बताया, कि रूस इजरायल के साथ संभावित संघर्ष से पहले ईरान को रडार और एयर डिफेंस उपकरण दे रहा है। हालांकि रिपोर्ट में उस एयर डिफेंस सिस्टम का नाम नहीं बताया गया था, लेकिन इससे यह अटकलें लगाई जाने लगीं, कि ईरान को मास्को से अत्याधुनिक S-400 ट्रायम्फ वायु रक्षा प्रणाली मिलने वाली है।
अभी तक, किसी भी पक्ष ने ईरान को एस-400 की डिलीवरी की पुष्टि नहीं की है। हालांकि क्रेमलिन ने इन रिपोर्टों पर कोई टिप्पणी नहीं की है, लेकिन शाहीन-III मिसाइल ट्रांसफर की खबर सामने आने के बाद पाकिस्तान सरकार ने स्थिति स्पष्ट कर दिया है। मिसाइल ट्रांसफर के दावों का खंडन करते हुए, पाकिस्तान विदेश कार्यालय ने कहा, कि "पाकिस्तान के उप प्रधान मंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने इस सप्ताह सऊदी अरब में इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) द्वारा बुलाई गई एक आपातकालीन बैठक में भाग लिया, जहां उन्होंने गाजा पट्टी में इजराइल की कार्रवाइयों की निंदा की और युद्धविराम और मानवीय सहायता के लिए बेहतर पहुँच का आह्वान किया।"
इस साल अप्रैल में, ईरान और पाकिस्तान ने एक संयुक्त बयान में मांग की थी, कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद इजरायल के खिलाफ हस्तक्षेप करे, जिसमें दोनों ने यह दावा किया था, कि इजराइल अपने पड़ोसी देशों और अंतरराष्ट्रीय राजनयिक प्रतिष्ठानों पर "अवैध रूप से" हमला कर रहा है। यह बयान मध्य पूर्व में बढ़े तनाव के दौरान पूर्व ईरानी राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की पाकिस्तान की तीन दिवसीय यात्रा के बाद जारी किया गया था।
दूसरी तरफ, पाकिस्तान के इजराइल के साथ राजनयिक संबंध नहीं हैं और उसने हानिया की हत्या की कड़ी निंदा की है। पाकिस्तान ने हमास चीफ की हत्या के लिए सीधे इजराइल को दोषी ठहराया है। विदेश कार्यालय ने कहा, कि "पाकिस्तान सभी रूपों और अभिव्यक्तियों में आतंकवाद की निंदा करता है, जिसमें न्यायेतर और देश से बाहर की हत्याएं शामिल हैं, चाहे उनका मकसद कुछ भी हो।"
इसके अलावा, पाकिस्तान ने गाजा के खिलाफ इजराइल के बमबारी अभियान की भी कड़ी निंदा की है और संकेत दिया है कि वह फिलिस्तीन के साथ पूरी तरह खड़ा है।












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