इमरान खान का चुनाव लड़ना हुआ असंभव! पाकिस्तानी अदालत ने जेल परिसर में ही मुकदमा चलाने की दी इजाजत
Imran Khan News: पाकिस्तान की एक अदालत ने जेल परिसर के अंदर ही पूर्व प्रधान मंत्री इमरान खान के खिलाफ खुली सुनवाई का आदेश दिया है, जो उनके परिवार के सदस्यों और जनता के लिए खुला होगा। कोर्ट के इस फैसले के बाद दो चीजें करीब करीब साफ हो गई हैं। पहली बात तो ये, कि इमरान खान फिलहाल जेल से बाहर नहीं आएंगे और दूसरी बात ये, कि जब अगले साल की शुरूआत में देश में संसदीय चुनाव होंगे, तो उनका चुनाव लड़ना करीब करीब असंभव हो गया है।
इस्लामाबाद की विशेष अदालत ने मंगलवार को कहा है, कि राज्य की गुप्त बातें कथित तौर पर लीक करने के मामले की सुनवाई राजधानी से लगभग 34 किमी (21 मील) दूर अदियाला जेल परिसर में होगी, जहां इमरान खान सितंबर के अंत से बंद हैं। पिछले सप्ताह इस्लामाबाद उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद, इमरान खान को मंगलवार को कोर्ट में पेश नहीं किया गया। सरकार ने इसके पीछे उनकी जान को खतरा बताया।

इमरान खान की उम्मीदें टूटी!
अपने संक्षिप्त आदेश में, न्यायाधीश अबुल हसनत ज़ुल्कारनैन ने कहा, कि इमरान खान के परिवार के पांच सदस्यों और पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी, जो इस मामले में सह-आरोपी हैं, उन्हें जनता और मीडिया के साथ कार्यवाही में भाग लेने की अनुमति दी जाएगी।
ये सुनवाई शुक्रवार से शुरू होगी। राज्य के गोपनीय सीक्रेट उजागर करने के मामले में, जिसे पाकिस्तान में साइफर केस के नाम से जाता है, उसमें अब तक मुकदमा जेल में चल रहा था, लेकिन इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने पिछले सप्ताह इसे अवैध घोषित कर दिया था।
यह मामला संयुक्त राज्य अमेरिका में एक पूर्व पाकिस्तानी राजदूत द्वारा इस्लामाबाद को भेजे गए एक राजनयिक केबल से संबंधित है। इमरान खान का दावा है, कि यह उनके आरोप को साबित करता है, कि पिछले साल उन्हें पद से हटाना उनके राजनीतिक विरोधियों और पाकिस्तानी सेना द्वारा रची गई एक साजिश थी, जिसमें अमेरिका के साथ मिलीभगत की गई।
हालांकि, अमेरिकी और पाकिस्तानी अधिकारी इस आरोप को खारिज करते हैं।
इमरान खान के वकील ने कहा, कि वह विशेष अदालत के फैसले से निराश हैं। उन्होंने कहा कि जेल में मुकदमा शुरू नहीं हो सकता।
इमरान खान के वकील खालिद यूसुफ चौधरी ने कहा, कि "हम निश्चित रूप से अदालत के आदेश से संतुष्ट नहीं हैं। हमारी लगातार मांग रही है, कि सुनवाई खुली अदालत में होनी चाहिए और मुकदमे तक पूरी जनता की पहुंच होनी चाहिए। लेकिन अब ये सुनवाई जेल ट्रायल में तब्दील हो गई है, जबकि अदालत ने कहा है, कि जनता को प्रवेश की अनुमति है, लेकिन जेल परिसर के भीतर ऐसा कभी नहीं होता है।"
71 साल के हो चुके इमरान खान, 2018 से अप्रैल 2022 तक पाकिस्तान के प्रधान मंत्री थे, लेकिन, अप्रैल महीने में अविश्वास प्रस्ताव के जरिए उन्हें प्रधानमंत्री पद से हटा दिया गया था। तब से, उन पर कई आरोप लग रहे हैं, जिनके बारे में उनका कहना है, कि यह उन्हें 8 फरवरी को होने वाले महत्वपूर्ण संसदीय चुनावों से बाहर रखने के लिए सरकार और सेना की एक चाल है।
इसके अलावा, इस साल अगस्त में, उन्हें प्रधान मंत्री रहते हुए विदेशी नेताओं और सरकारों से प्राप्त उपहारों को अवैध रूप से बेचने के लिए दोषी ठहराया गया और तीन साल की जेल हुई। हालांकि उन्हें जमानत दे दी गई और उनकी सज़ा निलंबित कर दी गई है, फिर भी वे साइफर मामले में हिरासत में हैं।
पाकिस्तान के मुख्य विपक्षी नेता इमरान खान, जिनकी पार्टी को अगले साल के चुनाव में काफी लोकप्रिय माना जा रहा है, वो 5 अगस्त को अपनी गिरफ्तारी के बाद से सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आ पाए हैं। पाकिस्तान में राजनीति के जानकारों का कहना है, कि निष्पक्ष चुनाव हुए, तो इमरान खान की पार्टी क्लीन स्वीप कर सकती है, लेकिन ऐसा होने नहीं दिया जाएगा।












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