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तालिबान ने कर दी खटिया खड़ी, पाकिस्तानी आर्मी का हुआ सांप-छछुंदर जैसा हाल

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इस्लामाबाद, जुलाई 18: तालिबान को पालना पाकिस्तान को भयानक स्तर पर भारी पड़ गया है। अफगानिस्तान संकट का डायरेक्ट असर पाकिस्तान पर पड़ रहा है और पाकिस्तानी आर्मी सांप-छछुंदर जैसे हालात में फंस गई है। पाकिस्तान की आर्मी ने कहा है कि अफगानिस्तान में हालात हैं, उसकी वजह से पाकिस्तान में आतंकी घटनाएं हो रही हैं। पाकिस्तानी आर्मी ने कहा है कि हालिया दिनों में पाकिस्तान में लगातार आतंकी घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है, पाक सैनिकों पर हमले हो रहे हैं और इसकी वजह अफगानिस्तान के हालात हैं।

क्यों फंस गई है पाकिस्तान आर्मी ?

क्यों फंस गई है पाकिस्तान आर्मी ?

पूरी दुनिया जानती है कि पाकिस्तान ने ही तालिबान को ना सिर्फ जन्म दिया है, बल्कि उसे पाल पोसकर बड़ा किया है। लेकिन, कहते हैं ना...जो सांप को पालता है, सांप उसे भी नहीं बख्शता, आज पाकिस्तान का यही हाल हो रहा है। पिछले 15 दिनों में पाकिस्तानी आर्मी के कई बड़े अधिकारियों को मारा गया है। बलूचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा में कई आतंकी हमले हुए हैं और जिस हमले से पूरी पाकिस्तान सरकार घुटने पर आ गई है, वो है चीन के इंजीनियरों पर आतंकी हमला। खैबर पख्तूनख्वा में चीन के इंजीनियरों को ले जा रही बस पर हुए हमले में 9 इंजीनियर मारे गये, जिसके बाद पाकिस्तान पर चीन भयानक भड़का हुआ है और पाकिस्तान को बार बार सफाई देनी पड़ रही है। लेकिन, पाकिस्तान की सफाई पर चीन को यकीन नहीं है, लिहाजा चीन ने अपने 15 अधिकारियों को जांच के लिए पाकिस्तान भेजा है।

जैसी करनी वैसी भरनी!

जैसी करनी वैसी भरनी!

एक पाकिस्तानी न्यूज चैनल को दिए गये इंटरव्यू में पाकिस्तान आईएसआई के पब्लिक रिलेशन ऑफिसर (आईएसपीआर) डायरेक्टर जनरल मेजर जनरल बाबर इफ्तिकार ने दावा किया है कि 'चीन के इंजीनियरों पर हुए हमले के पीछे कोई संगठित आतंकी संगठन नहीं है'। उन्होंने कहा कि ''पाकिस्तान में हालिया समय में जो घटनाएं हो रही हैं, उसकी वजह से अफगानिस्तान के हालात हैं''। आईएसआई का साफ इशारा तालिबान की तरफ था, लेकिन पाकिस्तान के लिए समस्या ये है कि वो तालिबान का नाम नहीं ले सकता है। दरअसल, समझने वाली बात ये है कि खैबर पख्तूनख्वा को तालिबान, ग्रेटर अफगानिस्तान का हिस्सा मानता है और वो पाकिस्तान-अफगानिस्तान को विभाजित करने वाली डूरंड लाइन को नहीं मानता है और खैबर पख्तूनख्वा में ज्यादातर आबादी पश्तूनो की है और तालिबान पश्तूनों का संगठन है, लिहाजा अफगानिस्तान को अस्थिर करने वाला पाकिस्तान खुद बुरी तरह से फंस गया है।

तालिबान कर देगा जीना मुश्किल !

तालिबान कर देगा जीना मुश्किल !

अफगानिस्तान के साथ पाकिस्तान करीब 2600 किलोमीटर का बॉर्डर साझा करता है और अब पाकिस्तान को डर सता रहा है कि वो तालिबान को 2600 किलोमीटर के बॉर्डर तक कैसे रोके? इसके साथ ही अफगानिस्तान में अब गृहयुद्ध के हालात हैं और अमेरिका ने कहा है कि वो तालिबान पर कभी भी एयरस्ट्राइक कर सकता है। ऐसे में अगर तालिबान अमेरिकी एयरस्ट्राइक से भागता है तो वो पाकिस्तान को ही ठिकाना बनाएगा, जिसका नतीजा पाकिस्तान में भयानक हिंसा का होना तय है। इसके साथ ही पाकिस्तान में भारी तादाद में शरणार्थी भी आएंगे। वहीं, पाकिस्तान के एनएसए मोईद युसूफ ने कहा है कि ''अफगानिस्तान की स्थिति काफी खराब हो चुकी है और पाकिस्तान के कंट्रोल से बाहर है''।

पाकिस्तान के शुरू होंगे बुरे दिन ?

पाकिस्तान के शुरू होंगे बुरे दिन ?

आप सोच रहे होंगे कि भला पाकिस्तान के बुरे दिन क्यों शुरू होंगे, तो आपको बता दें कि पाकिस्तान में एक बेहद खतरनाक आतंकी संगठन है, जिसका नाम है तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी), जो अफगान तालिबान को मदद देते हैं और इस संगठन का मकसद खैबर-पख्तूनख्वा को आजादी दिलाना है। पिछले हफ्ते पाकिस्तानी विदेश विभाग ने दावा किया है कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के पास 5 हजार से ज्यादा आतंकी हैं, जो पाकिस्तान के अंदर भारी हिंसा फैला सकते हैं और इन दिनों पाकिस्तान के अंदर जो आतंकी हमले हो रहे हैं, वो तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान पर ही करवाने के आरोप लग रहे हैं। तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान को आईएसआई ने कश्मीर के लिए तैयार किया था, लेकिन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने अपना मकसद बदल दिया और अब वो पाकिस्तान पर ही भारी पड़ गया है। लिहाजा, सांप को पालने वाले पाकिस्तान के लिए आने वाला वक्त काफी ज्यादा खराब होने वाला है और पाकिस्तान की आर्मी के लिए मुश्किल ये है कि वो तालिबान के खिलाफ एक्शन लेकर उसे नाराज करने की हैसियत में अब है नहीं।

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English summary
The Taliban is now big concern for Pakistan itself and the Pakistani Army and ISI have also accepted this.
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