पाकिस्तान की संसद में तालिबान पर हंगामा, सांसद ने कहा, खैबर पख्तूनख्वा पर आतंकियों ने कब्जा किया
तालिबान की जीत पर सबसे ज्यादा जश्न पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने ही मनाया था और बतौर प्रधानमंत्री उन्होंने दुनिया के हर मंच से तालिबान के लिए चंदा मांगा। तालिबान की मदद के लिए इमरान खान हर दिन बयान जारी करते थे।
Pakistan Taliban: पाकिस्तान के कुछ नेताओं को अब अहसास होने लगा है, कि आतंकवाद का साथ देने का अंजाम क्या होता है और आज पाकिस्तान की संसद में तालिबान के ऊपर जमकर हंगामा हुआ है। पाकिस्तान के सांसद मोहसिन डावर ने पाकिस्तान की संसद में ही उन लोगों को जमकर लताड़ा है, जिन्होंने तालिबान के जीतने के बाद उत्सव मनाया था। मोहसिन डावर ने संसद से ही पाकिस्तान के लोगों को भी जमकर कोसा है और दावा किया है, कि खैबर पख्तूनख्वा पर अब तालिबान का कब्जा हो गया है।

संसद में तालिबान पर संग्राम
पाकिस्तान के सांसद मोहसिन डावर ने संसद में तालिबान की जीत पर जश्न मनाने वालों को फटकार लगाई है। उन्होंने कहा कि, 'खैबर पख्तूनख्वा पर दहशतगर्दों ने कब्जा कर लिया है, लेकिन दिक्कत ये है, कि हम इस चीज को कबूल करना ही नहीं चाहते हैं।' आपको बता दें कि, पाकिस्तान में पिछले एक महीने में आतंकवादी घटनाओं में भारी इजाफा हुआ है और पिछले एक साल में कम से कम 400 से ज्यादा पाकिस्तानी जवान आतंकियों के हाथों मारे गये हैं। वहीं, तीन दिन पहले ही खैबर पख्तूनख्वा में एक सैन्य छावनी पर आतंकियों ने कब्जा कर लिया था, जिसमें कम से कम 8 सैन्य अधिकारी मारे गये हैं। वहीं, आतंकियों को मारने के लिए पाकिस्तान की सेना तीन दिनों तक बेबस रही और फिर जाकर 33 आतंकियों को मारने के बाद सैन्य छावनी को आजाद करवाया गया है। लिहाजा, अब पाकिस्तान के अंदर तालिबान के खिलाफ गुस्सा फूटने लगा है।
'पाकिस्तान में मचा था उत्सव'
सांसद मोहसिन डावर ने कहा कि, "अफगानिस्तान में तालिबान की जीत को जिन्होंने भी सेलिब्रेट किया था, वो तमाम लोग आज के हाल के लिए जिम्मेदार हैं।" उन्होंने आगे कहा कि, 'हम यहां से शामियाने बजा रहे थे, यहां से हम अपने पत्रकारों को वहां भेज रहे थे, कि आप लोग सेलिब्रेट करें, लेकिन, जिन जिन लोगों ने भी काबुल पर उनके टेकओवर को सेलिब्रेट किया है, आज वो हमारे मुजरिम हैं। आज जो हमारा खून बह रहा है, उन लोगों के हाथ उस खून से रंगे हुए हैं और हमें उन लोगों को इसका जिम्मेदार ठहराना होगा और उन्हें जिम्मेदार ठहराए बगैर इस मसले का हल हम नहीं निकाल सकते हैं।' आपको बता दें कि, मोहसिन डावर उत्तरी वजीरिस्तान से सांसद हैं और पाकिस्तानी सेना के जुल्म के खिलाफ आवाज उठाते रहते हैं। इमरान खान की सरकार के दौरान उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था।

फौजी जनरलों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
इसके साथ ही पाकिस्तानी सांसद मोहसिन डावर ने पाकिस्तान की संसद में कहा कि, 'तालिबान से बातचीत के नाम पर खैबर पख्तूनख्वा में जिन आतंकियो को बसाया गया, उन-उन फौजी जनरैलों को कटघरें में खड़ा करना होगा।' हालांकि, जैसे ही सांसद मोहसिन डावर ने फौजी अफसरों का जिक्र किया, ठीक वैसे ही स्पीकर ने उन्हें टोकना शुरू कर दिया, लेकिन अपनी बात रखते हुए मोहसिन डावर ये भी कह गये, कि "पाकिस्तान अभी भी 40 साल पुराने अफगान पॉलिसी पर चल रहा है और उसे बदलना ही होगा।" इसके साथ ही मोहसिन डावर ने कहा कि, अगर ऐसा नहीं किया गया, तो पाकिस्तान में ऐसे ही लोग मरते रहेंगे, लेकिन पाकिस्तान आज भी उस बात को लेकर सीरियस नहीं है।

पाकिस्तान में मनाया गया था जश्न
आपको बता दें कि, 15 अगस्त 2021 को अफगानिस्तान पर तालिबान का कब्जा हुआ था और उसके बाद से पूरे पाकिस्तान में जश्न मनाया गया था और पटाखे फोड़े गये थे। उस दिन पाकिस्तान बहुत खुश था और उस वक्त के पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने तालिबान की जीत को 'गुलामी की बेड़ी तोड़ने' की घटना बताया। उन्होंने कहा था कि, 'आज अफगानिस्तान ने गुलामी की बेड़ियां तोड़ दी हैं।' इसके बाद से इमरान खान जब तक सत्ता में रहे, उन्होंने तालिबान के लिए हर अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भीख मांगा। इमरान खान की पार्टी के एक नेता ने तो यहां तक कह दिया, कि 'तालिबान हमें भारत से कश्मीर छीन कर देगा।' लेकिन अब उस तालिबान ने पाकिस्तान पर हमले करने शुरू कर दिए हैं और तालिबान की अफगान सेना डूरंड लाइन पर लगातार पाकिस्तानी सैनिकों की हत्या कर रही है।












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