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F-16 की गिनती पर बोला अमेरिकी रक्षा विभाग, जेट की गिनती के बारे में हमें कुछ नहीं मालूम

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वॉशिंगटन। अमेरिकी मीडिया में पाकिस्‍तान एयरफोर्स के एफ-16 से जुड़ी रिपोर्ट को यहां के रक्षा विभाग पेंटागन ने ही खारिज कर दिया है। पेंटागन की ओर से कहा गया है कि उसे एफ-16 की गिनती के बारे में किसी तरह की कोई जानकारी नहीं है। इसके अलावा यह भी कहा गया है कि इस बात से भी वह अनजान है कि 27 फरवरी को जब पाकिस्‍तान ने एक एफ-16 गंवाया तो इससे जुड़ी किसी तरह की कोई जांच कराई गई थी। इंग्लिश डेली हिन्‍दुस्‍तान टाइम्‍स की ओर से जारी रिपोर्ट में यह कहा गया है।

यह भी पढ़ें- बालाकोट में एयर स्ट्राइक के बाद रात 3:40 पर इंटरनेट पर क्‍या खंगाल रहे थे पीएम मोदी?

जांच से भी पेंटागन अनजान

जांच से भी पेंटागन अनजान

अमेरिका की मैगजीन फॉरेन पॉलिसी की एक रिपोर्ट में यह बात कही गई थी कि अमेरिकी रक्षा अधिकारियों की ओर से हाल ही में पाकिस्‍तान में एफ-16 जेट्स की गिनती की गई। इस गिनती में सभी जेट्स मिले हैं और कोई भी जेट गायब नहीं था। फॉरेन पॉलिसी ने अपनी इस रिपोर्ट में दो अज्ञात आफिसर्स का हवाला दिया था। मैगजीन का कहना था कि यह गिनती पाकिस्‍तान के अनुरोध पर की गई थी। पेंटागन के प्रवक्‍ता के हवाले से हिन्‍दुस्‍तान टाइम्‍स ने लिखा है, 'इस तरह की किसी भी जांच के बारे में हम कुछ नहीं जानते हैं।'

विदेश विभाग ने भी बनाई दूरी

विदेश विभाग ने भी बनाई दूरी

पेंटागन के अलावा अमेरिकी विदेश विभाग ने भी फॉरेन पॉलिसी की रिपोर्ट से खुद को अलग कर लिया है। विदेश विभाग का कहना है, 'नीतिगत मसलों के तहत विभाग सार्वजनिक तौर पर एंड-यूजर मॉनिटरिंग पर सरकारों के बीच में हुए समझौते के बारे में कोई टिप्‍पणी नहीं करता है।' विदेश विभाग ने यह भी कहा कि इस बात पर भी गौर करना काफी जरूरी होगा जनवरी 2018 से अमेरिका ने पाकिस्‍तान को किसी भी तरह की सुरक्षा मदद को बंद कर रखा है।

भारत के रुख का समर्थन

भारत के रुख का समर्थन

इस रिपोर्ट के बाद माना जा रहा है कि अमेरिकी सरकार इस पूरे मुद्दे पर भारत के रुख का समर्थन कर रही है। अमेरिका की सरकार ने भारत की ओर से मुहैया कराए गए इलेक्‍ट्रॉनिक सिग्‍नेचर को ही पाकिस्‍तान के एफ-16 के गिरने के मसले में 'सुबूत' माना है। एयर वाइस मार्शल आरजीवी कपूर ने शुक्रवार को कहा था, 'भारत की सेनाओं ने दो अलग-अलग जगहों पर इजेक्‍शन की पुष्टि की थी। आठ से 10 किलोमीटर की दूरी पर दोनों अलग हो गए थे। इसमें एक मिग-21 बाइसन था और दूसरा पाकिस्‍तान एयरफोर्स (पीएएफ) का एयरक्राफ्ट था।'

पाक के 24 जेट्स आए थे भारत में

पाक के 24 जेट्स आए थे भारत में

26 फरवरी को बालाकोट में इंडियन एयरफोर्स ने जैश-ए-मोहम्‍मद के अड्डों को निशाना बनाया गया था। इस एयर स्‍ट्राइक के अगले दिन 27 फरवरी को एरियल फाइट के लिए आईएएफ ने अपने जेट्स भेजे थे। आईएएफ के मुताबिक पाकिस्‍तान की ओर से प्रतिक्रिया रूवरूप जम्‍मू कश्‍मीर में 24 जेट्स भेजे गए थे और इन जेट्स ने भारतीय वायुसीमा क्षेत्र का उल्‍लंघन किया था। जो 24 जेट्स भारत में दाखिल हुए थे उनमें से एफ-16 के अलावा चीन के जेएफ-17 और मिराज 3/5 शामिल थे। आईएएफ रडार ने इस जेट्स को इंटरसेप्‍ट किया था।

आईएएफ के पास हैं इलेक्‍ट्रॉनिक सिग्‍नेचर

आईएएफ के पास हैं इलेक्‍ट्रॉनिक सिग्‍नेचर

आईएएफ सूत्रों की ओर से बताया गया है कि पाकिस्‍तान एयरफोर्स के रेडियो कम्‍यूनिकेशन जिसे भारतीय वायुसेना ने इंटरसेप्‍ट किया था, उसमें भी इस बात की पुष्टि हुई थी कि एक एफ-16 जिसने भारत पर हमला करने की कोशिश की थी, वह पाकिस्‍तान में अपने बेस पर वापस नहीं लौटा था। आईएएफ की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि जम्‍मू कश्‍मीर के नौशेरा सेक्‍टर में एक एफ-16 जेट को अभिनंदन के मिग-21 ने लॉक किया था और इसे पीओके में ढेर किया था। आईएएफ के मुताबिक‍ इलेक्‍ट्रॉनिक सिग्‍नेचर में भी इस बात की पुष्टि होती है कि एक एफ-16 को मिग-21 ने ढेर किया है।

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English summary
On Pakistan F-16 count Pentagon says it is not aware after Feb 27 dogfight in Jammu kashmir.
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