इंग्लैंड में ओमिक्रॉन वायरस से जा सकती हैं 75 हजार लोगों की जान, वैज्ञानिकों के दावे से मचा हड़कंप
लंदन स्कूल ऑफ हाइजीन एंड ट्रॉपिकल मेडिसिन के वैज्ञानिकों ने ओमिक्रॉन वेरिएंट को लेकर चेतावनी जारी की है और सरकार को आगाह करने की कोशिश की है।
लंदन, दिसंबर 13: इंग्लैंड में वैज्ञानिक विशेषज्ञों ने ओमिक्रॉन वेरिएंट से होने वाली अनुमानित मौतों को लेकर ब्रिटिश सरकार को जो डेटा सौंपा है, उसने ब्रिटेन की सरकार के होश उड़ा दिए हैं। वैज्ञानिकों ने ब्रिटिश सरकार को बताया है कि, सख्त प्रतिबंध नहीं लगाने की वजह से आने वाले पांच महीने में, यानि अप्रैल महीने तक इंग्लैंड में 25 हजार से 75 हजार लोगों की मौत हो सकती है। (सभी तस्वीर फाइल)

वैज्ञानिकों की स्टडी रिपोर्ट से हड़कंप
लंदन स्कूल ऑफ हाइजीन एंड ट्रॉपिकल मेडिसिन (एलएसएचटीएम) के वैज्ञानिकों ने भी ओमिक्रॉन वेरिएंट के खतरे को लेकर चेतावनी जारी की है। ओमिक्रॉन वेरिएंट, जिसे पहली बार दक्षिणी अफ्रीका में खोजा गया था, इस महीने के अंत तक प्रमुख कोरोनावायरस वेरिएंट होने की संभावना है। वैज्ञानिकों ने कहा कि, अगर पूरी तरह से पॉजिटिव आंकड़ों के साथ ही अनुमान लगाया जाए, तो ब्रिटेन में हर दिन 2 हजार लोगों को अस्पताल में भर्ती करवाने की नौबत आएगी। वैज्ञानिकों ने कहा कि, अनुमानित तौर पर एक लाख 75 हजार मरीजों को अस्पताल में भर्ती करवाने की नौबच आएगी और कुल 24 हजार 700 लोगों की मौत हो सकती है। वैज्ञानिकों ने कहा कि, ये आंकड़ा तब निकाला गया है, जब हर एक पॉजिटिव बातों को शामिल किया गया है और निगेटिव चीजों को दरकिनार किया गया है।

सरकार को सलाह देते हैं वैज्ञानिक
ब्रिटेन सरकार को सलाह देने वाले वैज्ञानिकों की संस्था 'साइंटिफिक एडवाइजरी ग्रुप फॉर इमरजेंसीज' (एसएजीई) ने सरकार को सौंपी अपनी रिपोर्ट में बताया है कि, ओमिक्रॉन वेरिएंट देश में किस तरह से फैल सकता है और किस तरह से इसका विकास हो सकता है। वैज्ञानिकों ने कहा है कि, अगर बिना किसी सावधानी और गाइडलाइंस के नये साल में प्रवेश किया गया, तो कोरोना वायरस का ये वेरिएंट लोगों की नाक में दम कर सकता है। यूनाइटेड किंगडम में शनिवार को 633 ओमिक्रॉन के मामले दर्ज किए गये हैं, जो अब तक सामने आया सबसे ज्यादा मामला है। जिसके बाद ब्रिटेन में ओमिक्रॉन के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 1998 हो गई है और शनिवार को ब्रिटेन में 132 लोगों की मौत के साथ कुल 54 हजार 073 मामले सामने आए हैं।

डेल्टा से आगे निकल सकता है ओमिक्रॉन
एलएसएचटीएम के सेंटर फॉर मैथमैटिकल मॉडलिंग ऑफ इंफेक्शियस डिजीज के डॉ निक डेविस, जिन्होंने शोध का सह-नेतृत्व किया है, उन्होंने शनिवार को कहा कि, "ये शुरुआती अनुमान हैं, लेकिन वे यह सुझाव देते हैं कि, ओमिक्रॉन वेरिएंट डेल्टा वेरिएंट से भी आगे निकल सकता है''। उन्होंने कहा कि, "यदि मौजूदा रुझान जारी रहता है, तो दिसंबर के अंत तक ओमिक्रॉन वेरिएंट से यूनाइटेड किंगडम में आधे से ज्यादा मामलों तक बढ़ सकता है''। हालांकि, रिसर्च में ये भी पाया गया है कि, वैक्सीन के बूस्टर डोज का इस्तेमाल कर ओमिक्रॉन वेरिएंट के प्रभाव को काफी कम किया जा सकता है।

ब्रिटिश सरकार को सलाह
ब्रिटिश सरकार को सलाह देते हुए वैज्ञानिकों ने कहा कि, अगर सरकार को देश में स्थिति को नियंत्रण में रखना है, तो विदेशी यात्रियों के देश में एंट्री पर प्रतिबंधों का ऐलान करना होगा और मनोरंजन स्थलों को फिर से बंद करना होगा। वहीं देश में एक बार फिर से सोशल डिस्टेंसिंग को सख्ती से लागू करना होगा। वैज्ञानिकों ने कहा कि, अगर देश में सभी तरह की गाइडलाइंस का सख्ती से पालन किया गया, तो अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या कम होकर 53 हजार हो जाएंगी और मौतों के मामले में 7600 की कमी आएगी। एलएसएचटीएम के सेंटर फॉर द मैथमैटिकल मॉडलिंग ऑफ इंफेक्शियस डिजीज की डॉ रोसन्ना बरनार्ड ने कहा कि, "हमारे सबसे आशावादी हालात में, 2022 के शुरुआती हिस्से में ओमिक्रॉन के प्रभाव को वर्क फ्रॉम होम डैसे उपाय आजमाकर काफी कम कर सकते हैं।












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