भारत ने चीन के 'आतंकी' को दिया वीजा और पूरा किया बदला
बीजिंग। भारत ने यूनाइटेड नेशंस में चीन की ओर से जैश-ए-मोहम्मद के लीडर और पठानकोट आतंकी हमले के मास्टरमाइंड मौलाना मसूद अजहर को आतंकी घोषित करने के प्रस्ताव में अड़ंगा डालने पर चीन से बदला ले लिया है। भारत ने चीन के एक ऐसे नेता को भारत के लिए वीजा दिया है जिसे चीन आतंकी मानता है।

चीन जिसे मानता है आतंकी उसे मिला वीजा
साथ ही भारत के इस कदम से चीन गुस्सा गया और उसने अपनी नाराजगी भी जाहिर कर दी है। भारत ने हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में होने वाले एक कार्यक्रम के लिए वर्ल्ड उइगर कांग्रेस के नेता डोल्कन इसा को वीजा दिया है।
इस पर चीन ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई है और कहा है कि इसा के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया है। चीन ने उपदेश देते हुए कहा है कि यह सभी देशों की जिम्मेदारी है कि उसे पकड़ा जाए।
विदेश मंत्रालय का बयान
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा कि उन्हें इसा की भारत यात्रा के बारे में जानकारी नहीं है। लेकिन डोल्कन इंटरपोल और चीनी पुलिस के अनुसार आतंकी है। डोल्कन इसा और विश्व उइगर कांग्रेस के अन्य नेताओं को भारत ने दलाई लामा से मिलने की इजाजत दी है।
कौन हैं उइगर नेता इसा
भारत के इस फैसले को चीन मौलान मसूद अजहर पर प्रतिबंध लगाने के खिलाफ एतराज जताने के जवाब के रूप में देखा जा रहा है। चीन का मानना है कि उइगर नेता मुस्लिम बहुल शिजियांग प्रांत में आतंकवाद को बढ़ावा देते हैं।
आपको बता दें कि चीन के शिजियांग में उइगर मुसलमानों की आबादी एक करोड़ है। कई सालों से अलग अलग मांगों को लेकर उइगर मुसलमान प्रदर्शन कर रहे हैं।
धर्मशाला में दलाई लामा से मिलेंगे इसा
इसा धर्मशाला में 28 अप्रैल से एक मई तक चलने वाली कांफ्रेंस में शामिल होंगे। इसमें चीन से निर्वासित नेता शामिल होंगे। इसे अमेरिका की सिटीजन पावर ऑफ चाइना नाम का संगठन आयोजित कर रहा है। इसके मुखिया यांग जियानली हैं जो थियानमन चौक पर हुए आंदोलन में भी शामिल थे।












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