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नाइजीरिया: फिर स्कूल जाना चाहती है वो लड़की जिसका स्कूल से ही हुआ था अपहरण

By BBC News हिन्दी
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नाइजीरिया छात्राएं
Getty Images
नाइजीरिया छात्राएं

"मैं स्कूल जाना चाहती हूं. मैं अपने लिए एक बेहतर भविष्य चाहती हूं."

ये कहना है उस बच्ची का जिसे उसके स्कूल से ही अग़वा कर लिया गया था. नाइजीरिया के ज़म्फ़ारा राज्य के एक स्कूल में पढ़ने वाली बच्ची का कहना है कि उसके साथ जो कुछ भी हुआ, बावजूद उसके वो स्कूल वापस लौटना चाहती है.

हालांकि वो सुरक्षा व्यवस्था में सुधार की भी मांग करती है. इस बच्ची का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था ठीक हो जाने के बाद वो दोबारा स्कूल जाना चाहती है.

बीबीसी हाउज़ा सर्विस से बात करते हुए इस बच्ची ने उस रात के आतंक के बारे में बताया जब बंदूकधारियों ने उसे और उस जैसी ही 279 बच्चियों का अपहरण कर लिया था. उसने बताया कि कैसे उन्हें अपहरण के बाद जंगल में लेकर जाया गया.

हालांकि उसने अपनी बातचीत में यह भी स्पष्ट कह दिया कि यह अनुभव. उन्हें शिक्षा लेने से रोक नहीं सकता.

वो कहती हैं, "मैं सच में स्कूल जाना चाहती हूं क्योंकि मैं अपने लिए एक बेहतर भविष्य चाहती हूं लेकिन सरकार को हमारे स्कूल में स्थायी सुरक्षा बल तैनात करने की ज़रूरत है. इसके बाद ही कहीं मैं दोबारा से स्कूल लौटने का साहस जुटा सकूंगी."

उन्होंने बताया, "पिछले शुक्रवार को लगभग एक बजे के आसपास एक ज़ोरदार धमाका हुआ. कुछ हथियारबंद लोग उनके हॉस्टल में दाख़िल हो गए. हॉस्टल में मौजूद ज़्यादातर छात्र इससे सदमे में आ गए."

वो कहती हैं, "पहले तो हमें लगा कि ये हमारे शिक्षक हैं जो हमें सुबह की प्रार्थना के लिए जगाने आ रहे हैं."

"लेकिन इसके बाद जो आदमी हमारे हॉस्टल में दाख़िल हुए थे उन्होंने गोलियां चलानी शुरू कर दीं. इसके बाद तो हम सभी सिर्फ़ चीख रहे थे. वो गोली मार देने की धमकी दे रहे थे. वो कह रहे थे कि जिसने भी शोर मचाया उसे गोली मार देंगे. इससे हम सभी बहुत डर गए थे."

वो बताती हैं, "इसके बाद वो सभी लड़कियों को असेंबली ग्राउंड लेकर गए और जिन लोगों को उन्होंने कब्ज़े में ले रखा था, उन्हें दूसरे हॉस्टल के बारे में बताने को कहा."

"उनमें से कुछ छात्र हमारे साथ ही रहे और कुछ दूसरे हॉस्टल में गए और उसके बाद दूसरे हॉस्टल के छात्र भी आ गए. फिर उन्होंने हवा में फ़ायरिंग करके हमें स्कूल से बाहर निकलने को कहा. उन्होंने हमें आदेश दिया कि हम कतारबद्ध होकर स्कूल के पीछे वाले जंगल में चलें."

नाइजीरिया छात्राएं
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नाइजीरिया छात्राएं

नंगे पैर जंगलों में चले जा रहे थे

वो बताती हैं, "ज़्यादातर लड़िकयों के पास जूते नहीं थे. वे कांटों और पत्थरों वाले जंगल के रास्ते पर मीलो चली जा रही थीं. कुछ के पास सिर्फ़ एक ही जोड़ी कपड़ा था जबकि एक छात्रा अपने साथ बिछौना लेती आई थी.बाद में इसी चादर से एक सहपाठी को ठंड से बचाया जा सका."

जांगेबे के गवर्नमेंट गर्ल्स सेकेंडरी स्कूल पर बंदूकधारियों ने हमला करके 279 लड़कियों का अपहरण कर लिया था. हालांकि अब इन लड़कियों को रिहा कर दिया गया है.

जो लड़कियां घर लौटीं उन्हें लौटने के बाद भी एक आघात झेलना पड़ा. जिस समय इन लड़कियों को उनके माता-पिता के सुपुर्द किया जा रहा था उसी समय सशस्त्र बलों ने गोलियां चला दीं.

आधिकारिक सूचना के मुताबिक़, इस गोलीबारी में कम से कम तीन लोगों को गोली लगी है. हालांकि अभी तक किसी के मरने की पुष्टि नहीं की गई है.

नाइजीरिया छात्राएं
Getty Images
नाइजीरिया छात्राएं

गुफ़ा में छिपा दिया था

जंगल में मीलों चलने के बाद लड़कियों को मजबूर किया गया कि वे गुफ़ाओं में जाकर सोएं.

रिहा हुई बच्ची ने बताया, "हम कम से कम 12 घंटे लगातार चलते रहे. जब तक हम उनके शिविर में पहुंचे, हम बुरी तरह थक चुके थे."

वो बताती हैं, "उन्होंने हमें दो समूहों में बांद दिया था और दो अलग-अलग गुफ़ाओं में जाने को कहा. वो दोनों ही गुफ़ाएं छोटी थीं और हम उसमें समा नहीं रहे थे लेकिन फिर भी हमें मजबूर किया गया."

इस बच्ची ने बताया, "कुछ लड़कियों की स्थिति बेहद ख़राब हो गई थी और वे आगे नहीं चल पा रही थीं. जिन लोगों ने हमारा अपहरण किया था वे किसी साधन से नहीं आए थे लेकिन जब उन्हें ये समझ आया कि हममें से ज़्यादातर लोग अब चल नहीं सकते तो उन्होंने मोटर-साइकिलें मंगवाईं."

"जिनका वज़न अधिक था या जो लोग बीमार-कमज़ोर थे उन्हें मोटरसाइकिल पर जाने की अनुमति दी गई लेकिन उसके पहले उन्हें मारा गया. जब हम शिविर में पहुंचे तो हमें हमारा खाना ख़ुद बनाने को कहा गया."

मोटरसाइकिल पर सवार डकैत या लुटेरों ने उत्तरी नाइजीरिया में आतंक मचा रखा है.

इन लड़िकयों का अपहरण करने वाले फुलफुड में ही बात कर रहे थे. यह उत्तरी नाइजीरिया के फुलानी लोगों की बोली है.

इस बच्ची ने बताया कि उसे तो समझ नहीं आया कि वे लोग क्या बात कर रहे थे लेकिन साथ की कुछ लड़कियां जिन्हें फुलफुड समझ आती थी उन्होंने बताया कि - वे कह रहे थे कि अगर सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं तो वे उन लड़कियों को छोड़ेंगे नहीं.

ज़म्फ़ारा के गवर्नर का का कहना है कि - लड़कियों की रिहाई के लिए कोई फ़िरौती नहीं दी गई.

इस बच्ची ने बताया कि जब उन्हें पता चला कि उन्हें रिहा किया जा रहा है तो उनकी खुशी की ठिकाना नहीं रहा.

"उन्होंने हमें यह नहीं बताया था कि हम उस दिन घर जा रहे थे . सूर्यास्त के बाद उन्होंने हमें जाने को कहा.हमें लगा कि वो हमारी जगह बदल रहे हैं और कुछ दूर चलने के बाद हममें से कुछ लोगों ने शिकायत भी की.इसके बाद उन्होंने बताया कि हमें रिहा किया जा रहा है."

BBC Hindi
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English summary
Nigeria: The girl who was kidnapped from school wants to go school again
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