न्यूजीलैंड में अब युवा भी कर सकेंगे धूम्रपान, सरकार ने बदला फैसला, एक साल भी क्यों नहीं टिका कानून?
न्यूजीलैंड में पिछले साल दिसंबर में युवाओं के सिगरेट पीने पर आजीवन प्रतिबंध लगाया गया था। लेकिन एक साल से भी कम समय में सरकार ने ये बैन हटाने का फैसला किया है। ये फैसला न्यूजीलैंड में हाल में ही बनी नई सरकार ने किया है।
सरकार का मानना है कि इससे लोगों को टैक्स में राहत मिलेगी। दरअसल, दिसंबर 2022 में न्यूजीलैंड संसद में जैसिंडा अर्डर्न के नेतृत्व वाली सरकार ने तम्बाकू-सिगरेट को बैन करने वाला स्मोक फ्री एनवायरनमेंट कानून पास कराया था।

आपको बता दें कि न्यूजीलैंड में नई सरकार बनी है। सोमवार को शपथ लेने वाले प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने तंबाकू प्रतिबंधों को लागू होने से पहले ही रद्द करने के अपने फैसले की घोषणा की। उन्होंने कहा कि उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता अर्थव्यवस्था में सुधार करना और मुद्रास्फीति पर अंकुश लगाना है।
इसके तहत ऐसे लोग जिनका जन्म 2008 के बाद हुआ है, वो किसी भी तरह के स्मोकिंग प्रोडक्ट्स नहीं खरीद सकते थे। इस कानून में यह प्रावधान किया गया था कि 1 जनवरी 2009 के बाद पैदा हुए किसी भी युवक को कभी भी तम्बाकू नहीं बेचा जा सकेगा।
इस कानून के तहत सिगरेट खरीदने की न्यूनतम आयु भी साल दर साल ब़़ढाई जानी थी। अगली पीढ़ी के लिए धूम्रपान को अवैध बनाने के लिए न्यूजीलैंड में दुनिया का पहला कानून बना था। लेकिन अब 'द गार्डियन' की रिपोर्ट में कहा गया कि न्यूजीलैंड की नई सरकार तम्बाकू-सिगरेट पर बैन लगाने वाले इस कानून को खत्म कर देगी।
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने अचानक हुए इस उलटफेर की कड़ी आलोचना की है। ओटागो यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर रिचर्ड एडवर्ड्स ने कहा, हम स्तब्ध और निराश हैं। यह देश को पीछे ले जाने वाला कदम है।
दरअसल न्यूजीलैंड में सरकार का लक्ष्य 2025 तक देश में धूम्रपान करने वालों की संख्या 5 प्रतिशत कम करना था। न्यूजीलैंड की तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री आयशा वेर्राल ने संसद में इस बिल को पेश किया था। उन्होंने इसे 'स्मोक फ्री फ्यूचर' की तरफ एक कदम बताया था।
उन्होंने दावा किया था कि स्मोकिंग पर बैन लगाने से कम से कम 5000 लोगों की मौत रूक जाएगी। वे लंबी और अच्छी जिंदगी जी पाएंगे। और लोगों को स्मोकिंग से होने वाली बीमारियां नहीं होंगी। इससे न्यूजीलैंड के हेल्थ सिस्टम की 3.2 यूएस बिलियन डॉलर की बचत होगी। हालांकि विधेयक का विरोध करने वाली एसीटी पार्टी ने कहा कि सिगरेट की बिक्री पर रोक लगने से कई छोटी दुकानें का व्यापार ठप हो जाएगा।












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