बनारसी साड़ी को बताया हिंदू राष्ट्रवाद, भारत में अमेरिकी मीडिया का जमकर उड़ा मजाक
वॉशिंगटन। अमेरिका के न्यूयॉर्क टाइम्स अखबार में असगर कादरी ने एक आर्टिकल लिखा है, जिसमें कहा गया है कि नरेंद्र मोदी भारत के प्रधानमंत्री बनने के बाद फैशन भी हिंदु राष्ट्रवाद का प्रतिक बनता जा रहा है। पूरे आर्टिकल में भारत के पारंपरिक परिधान साड़ी पर फोकस करते हुए कहा गया है कि जब से देश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी है, तभी से लोग तेजी से वेस्टर्न फैशन को छोड़ते हुए फिर से पारंपरिक फैशन की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। सोशल मीडिया पर इस आर्टिकल को लेकर लोगों ने न्यूयॉर्क टाइम्स का जमकर मजाक उड़ाया है।

आर्टिकल में सबसे ज्यादा हास्यास्पद जो लिखा है वो यह है कि पारंपरिक भारतीय परिधानों को बढ़ावा देने की कोशिश के चलते ही साड़ी और विशेष रूप से बनारसी साड़ी का कारोबार बढ़ रहा है। इसको आर्टिकल को लेकर भारत में ना सिर्फ आम नागरिकों ने इस फालतु बताया, बल्कि कई लेखकों और जर्नलिस्ट ने इसे बकवास करार दिया है। इस आर्टिकल में कहा गया है भारत की टेक्सटाइल मिनिस्टर स्मृति ईरानी भी साड़ी ही पहनती है और पीएम मोदी भी भारतीय परिधान को अपनाने के लिए कई बार कह चुके हैं।
अर्थशास्त्री और इतिहासकार संजीव सन्याल ने न्यूयॉर्क टाइम्स पर चुटकी लेते हुए लिखा कि ! अब क्या दोसा, बिरयानी और चाट खाना भी बंद करार दिया जाएगा? उन्होंने इस आर्टिकल पर हैरानी व्यक्त करते हुए कहा कि न्यूयार्क टाइम्स यह सोचता है कि पारंपरिक भारतीय परिधान पहनना एक तरह का उन्मादी कृत्य है। कोलांबिया यूनिवर्सटी में इंटरनेशनल अफैयर्स के स्टूडेंट और कॉलमनिस्ट ने लेखक असगर कादरी का नाम लिए बगैर Twitter पर लिखा, 'बाकि दुनिया में भारत को वास्तविक रूप से समझने की कमी है। शायद, अधिक अकेडमिक्स और पॉलिसी स्कोलर्स को को पत्रकारिता में प्रवेश करना चाहिए।'
न्यूयॉर्क टाइम्स में 'In India, Fashion Has Become a Nationalist Cause' नाम से छपे इस आर्टिकल में लेखक के विचार को घटिया और बेतुका बताते हुए ट्विटर पर #Sareeswag ट्रेंड भी चला था, जिसमें कई महिलाओं ने साड़ी पहनकर अपनी फोटो अपलोड की।












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