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Coronavirus: अमेरिका का वुहान बन गई है न्‍यूयॉर्क सिटी, हर 2.9 मिनट में जा रही है एक जान

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न्‍यूयॉर्क। न्‍यूयॉर्क सिटी, अमेरिका का वह शहर जिसकी मिसाल दुनिया के कई देशों में सिर्फ इसलिए दी जाती है क्‍योंकि यहां पर हर चीज पूरी प्‍लानिंग के साथ मौजूद है। लेकिन अब यह शहर दो दशकों के अंदर ही दूसरी सबसे बड़ी त्रासदी झेलने को मजबूर है। न्‍यूयॉर्क, अमेरिका का वुहान बन चुका है जहां पर जानलेवा कोरोना वायरस सबसे ज्‍यादा लोगों की जान ले रहा है। आप सुनकर डर जाएंगे कोविड-19 की वजह से यहां पर हर 2.9 मिनट में एक व्‍यक्ति की जान कोरोना वायरस से जा रही है। साफ है यह शहर 9/11 के बाद फिर से अपने सबसे खराब समय से गुजर रहा है।

यह भी पढ़ें-अमेरिका के लिए 9/11 से ज्‍यादा खतरनाक साबित हुआ कोरोना

न्‍यूयॉर्क में बिगड़ रहे हालात

न्‍यूयॉर्क में बिगड़ रहे हालात

सोमवार दोपहर तक न्‍यूयॉर्क में 914 लोगों की मौत हो गई। कहा जा रहा है कि यहां पर छह घंटे सबसे ज्‍यादा खतरनाक साबित हुए और इन छह घंटों के हर 2.9 मिनट के दौरान एक मरीज की जान गई। इन छह घंटों में न्‍यूयॉर्क में 124 मरीजों की मौत हो गई थी। सिटी हॉल की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक सोमवार सुबह 10:30 बजे तक न्‍यूयॉर्क में 36,221 मरीज थे और 790 लोगों की मौत हो चुकी थी। शाम 4:30 बजते-बजते आंकड़ा बिगड़ गया और 790 से 914 पर जा पहुंचा। साथ ही संक्रमित मरीजों की संख्‍श भी 38,087 पर पहुंच गई थी।

शहर के हर हिस्‍से में हालात खराब

शहर के हर हिस्‍से में हालात खराब

सिटी हॉल की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक 38,000 से ज्‍यादा मरीजों में से 7,‍741 यानी करीब 20 प्रतिशत मरीज अस्‍पताल में भर्ती है। न्‍यूयॉर्क का क्‍वींस हिस्‍सा बुरी तरह प्रभावित है। यहां पर 12,756 केस हैं। इसके बाद ब्रुकलिन में 10,171 मरीज यानी 27 प्रतिशत केस हैं और दूसरे नंबर पर है। इसके बाद ब्रॉन्‍क्‍स जहां पर 6,925 मरीज यानी करीब 18 प्रतिशत मरीज हैं और फिर मैनहैट्टन जहां 6,060 यानी कुल 16 प्रतिशत मरीज और फिर स्‍टेटेन आईलैंड जहां पर 2,140 यानी छह प्रतिशत मरीज हैं।

9/11 के बाद दूसरी त्रासदी झेल रहा न्‍यूयॉर्क

9/11 के बाद दूसरी त्रासदी झेल रहा न्‍यूयॉर्क

कोरोना वायरस के साथ ही अमेरिका के साथ ही लोग अब 9/11 के बारे में सर्च करने लगे हैं। अमेरिका में कोरोना वायरस से होने वाली मौतों का आंकड़ा 3,400 पहुंच गया है। देश में कुल मरीजों की संख्‍या करीब 175,000 पहुंच गई है। यही वजह है कि अब सितंबर 2001 में अमेरिका पर हुआ आतंकी हमला सर्च किया जा रहा है। 11 सितंबर 2001 को अमेरिका को अल कायदा के आतंकियों ने निशाना बनाया था। वर्ल्‍ड ट्रेड सेंटर और पेंटागन के अलावा पेंसिलवेनिया के शैंक्‍सविले में हाइजैक प्‍लेन को क्रैश करा दिया गया था। इस डरावने हमले में 3000 लोगों की मौत हो गई थी।

 डॉक्‍टर बोले 9/11 तो कुछ नहीं था

डॉक्‍टर बोले 9/11 तो कुछ नहीं था

9/11 हमले ने भी न्‍यूयॉर्क को सबसे ज्‍यादा नुकसान पहुंचाया था। कोरोना के हमले ने भी इस शहर को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है। 19 साल पहले आतंकियों ने न्‍यूयॉर्क शहर को सबसे ज्‍यादा नुकसान पहुंचाया था। अब दो दशकों के अंदर ही शहर इतिहास की दूसरी सबसे बड़ी त्रासदी को झेल रहा है। अमेरिकी अस्‍पताल में आईसीयू स्‍पेशिलिस्‍ट के तौर पर काम करने वाले स्‍टीवन कासापिडीस का कहना है, '9/11 इस महामारी के आगे कुछ नहीं था। आज के हालात नरक की तरह है।' उन्‍होंने बताया कि आज स्थिति यह है कि अस्‍पताल में मरीजों का आना बंद ही नहीं हो रहा है।

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English summary
New York sees a coronavirus death every 2.9 minutes in horrific six-hour stretch.
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