Nepal protest: नेपाल में तख्तापलट और हिंसा पर चीन ने तोड़ी चुप्पी, प्रदर्शनकारियों को क्या दिया संदेश?
Chinese foreign ministry Nepal statement: नेपाल में सोशल मीडिया बैन और भ्रष्टाचार के खिलाफ शुरू हुआ Gen-Z आंदोलन अब हिंसक रूप ले चुका है। प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को इस्तीफा देना पड़ा और सरकार पूरी तरह गिरी। इस बीच, चीन ने पहली बार नेपाल में जारी राजनीतिक अस्थिरता पर प्रतिक्रिया दी है।
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने नेपाल के सभी पक्षों से घरेलू मामलों को शांतिपूर्ण ढंग से हल करने, सामाजिक व्यवस्था बहाल करने और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने का आग्रह किया। इसके अलावा चीन ने नेपाल में अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने की हिदायत दी।

नेपाल पारंपरिक रूप से दोस्ताना पड़ोसी हैं- चीन
बुधवार को चीन ने नेपाल की स्थिति पर पहली बार आधिकारिक टिप्पणी की। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा कि चीन और नेपाल पारंपरिक रूप से दोस्ताना पड़ोसी हैं। उन्होंने सभी नेपाली वर्गों से अपील की कि वे घरेलू मुद्दों को शांतिपूर्ण तरीके से हल करें और देश में सामाजिक व्यवस्था और स्थिरता बहाल करें। लिन ने हालांकि ओली के इस्तीफे पर कोई टिप्पणी नहीं की।
चीनी नागरिकों की सुरक्षा पर जोर
लिन जियान ने कहा कि नेपाल में अब तक किसी चीनी नागरिक को हानि नहीं हुई है। उन्होंने चीन में मौजूद नागरिकों से सतर्क रहने और इमरजेंसी मामलों में दूतावास से संपर्क करने की सलाह दी। नेपाल स्थित चीनी दूतावास ने इमरजेंसी सुरक्षा व्यवस्था लागू की है और नागरिकों को गैर-जरूरी बाहर निकलने से बचने की हिदायत दी।
चीन का संदेश और वैश्विक दृष्टिकोण
चीन ने साफ किया कि नेपाल में स्थिति पर नजर रखी जा रही है और आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने नेपाली पक्षों से अपील की कि वे स्थिरता और कानून-व्यवस्था बनाए रखें। यह बयान नेपाल में चीन की रणनीतिक रुचि और क्षेत्रीय स्थिरता पर ध्यान देने का संकेत है।
ये भी पढे़ं: Nepal Unrest: क्या प्रधानमंत्री बनकर भारत से टकराएंगे बालेन शाह? भारतीयों के खिलाफ देते रहे हैं बयान!
नेपाल में हिंसा जारी
नेपाल इस वक्त अपनी इतिहास की सबसे बड़ी Gen-Z क्रांति का गवाह बन रहा है। भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया बैन के खिलाफ शुरू हुआ आंदोलन अब हिंसक रूप ले चुका है। प्रदर्शनकारियों ने देशभर में तीन-तीन पूर्व प्रधानमंत्रियों के घरों में आग लगा दी। इस हिंसा में अब तक 22 लोगों की मौत और 400 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं। प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली इस्तीफा देकर दुबई चले गए हैं। पूरे देश में कर्फ्यू लागू कर दिया गया है, जो गुरुवार (11 सितंबर) सुबह 6 बजे तक रहेगा। तनावपूर्ण हालात में नेपाली सेना ने मोर्चा संभाल लिया है। आंदोलन के पीछे सिर्फ सोशल मीडिया बैन नहीं बल्कि राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक असंतोष भी है।
ये भी पढ़ें: Nepal Genz Protest: नेपाल हिंसा के बीच इस एक्ट्रेस को ससुराल जाने में लग रहा डर? बयां किया खौफनाक मंजर












Click it and Unblock the Notifications