नेपाल हादसा:16 साल पहले ही प्लेन क्रैश में पति को खोया, अब पायलट बनने से कुछ सेकंड पहले मारी गईं को-पायलट अंजू
नेपाल विमान हादसा: पांच भारतीयों सहित प्लेन में सवार सभी 72 लोगों की कथित तौर पर मौत हो गई। नेपाल की यति एयरलाइंस ने पुष्टि की है कि विमान में पांच भारतीयों समेत कुल 68 यात्री सवार थे।

Nepal Pokhara Plane crashed co-pilot Anju Khatiwada: नेपाल के पोखरा में रविवार 15 जनवरी को एक दर्दनाक विमान हादसा हो गया, जिसमें लैंडिंग से पहले ही प्लने क्रैश हो गया और जिसमें 70 लोगों की मौत हो गई है। पोखरा में दुर्घटनाग्रस्त हुए यति एयरलाइंस ATR-72 में 72 लोग सवार थे, जिसमें 70 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं। प्लेन में सवार को-पायलट अंजू खतिवडा की कहानी सोशल मीडिया पर अब वायरल हो रही है। को-पायलट अंजू खतिवडा की बतौर को-पायलट उनकी ये आखिरी यात्रा बन गई। प्लेन के कुशल लैंडिंग कराने के बाद अंजू को-पायलट से कैप्टन यानी पायलट बनने वाली थी। इसलिए वह प्लेन के पायलट और और ट्रेनर कमल केसी के साथ उड़ान पर गई थीं। अगर सबकुछ सही रहता तो वह आज कैप्टन होती लेकिन उनका सपना विमान के साथ क्रैश हो गया था।

अपने सपने से 10 सेकेंड दूर थीं को-पायलट अंजू
को-पायलट अंजू खतिवडा कैप्टन बनने के अपने लक्ष्य को प्राप्त करने से कुछ सेकंड दूर थी, जब उनका विमान क्रैश हुआ। विमान को सीनियर कैप्टन कमल केसी चला रहे थे और अंजू विमान में को-पायलट थीं। यात्री विमान ATR-72 में कुल 72 लोग सवार थे और यह 27 मिनट की उड़ान थी। विमान के क्रू-मेंबर समेत दोनों पायलट की मौत हो गई है।
असल में फ्लाइंग कैप्टन बनने के लिए कम से कम 100 घंटे का फ्लाइंग अनुभव चाहिए होता था। को-पायलट अंजू ने इससे पहले भी नेपाल के लगभग सभी फ्लाइंग की सफल लैंडिंग कराई थी। सफल लैंडिंग बाद अंजू को कैप्टन का लाइसेंस मिलने वाला था। लेकिन महज 10 सेकंड की दूरी से पहले ही प्लेन क्रैश हो गया।

16 साल पहले पहले प्लेन क्रैश में ही हुई थी पति की मौत, वो भी थे को-पायलट
को-पायलट अंजू खतिवडा के पति दीपक पोखरेल भी एक पायलट थे और 16 साल पहले प्लेन क्रैश में उनका निधन हो गया था। अंजू ने 16 साल पहले 21 जून 2006 को एक विमान दुर्घटना में अपने पति को खो दिया था। उनके पति भी को-पायलट थे। संयोग से वो भी यति एयरलाइंस के को-पायलट थे।
16 साल पहले, यती एयरलाइंस का 9N AEQ विमान नेपालगंज से सुरखेट के रास्ते जुमला जा रहा था, जिसमें छह यात्री और चालक दल के चार सदस्य मारे गए थे। मारे गए लोगों में अंजू का पति दीपक पोखरेल भी शामिल थे।

पायलट की सीट पर लास्ट फ्लाइंग में बैठी थीं अंजू
अंजू को कहां पता था कि उनकी ये आखिरी फ्लाइंग बन जाएगी। कैप्टन बनने के इरादे से अंजू फ्लाइंग के लिए गई थीं। पोखरा के लिए उड़ान भरते समय कैप्टन कमल केसी ने अंजू को पायलट की सीट पर बिठाया था। सफल लैंडिंग के बाद अंजू को चीफ पायलट का लाइसेंस मिलने वाला था। हालांकि, अपने लक्ष्य से महज 10 सेकंड की दूरी पर, उसके सपने टूट गए।












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