भूुकंप के बाद अब नेपाल पर मंडरा रहा भुखमरी का खतरा
संयुक्त राष्ट्र। खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) ने भूकंप प्रभावित नेपाल के किसानों की तत्काल मदद का आह्वान किया है, जहां 10 लाख लोग खाद्य असुरक्षा का सामना कर रहे हैं। यानी अब नेपाल पर भुखमरी का खतरा मंडराने लगा है। संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन डुजैरिक ने शुक्रवार को नियमित प्रेस वार्ता के दौरान यह बात कही।
उन्होंने बताया कि एफएओ ने पाया कि नेपाल में भूकंप से सर्वाधिक प्रभावित छह जिलों में 50 फीसदी किसानों के घरों में जमा धान, मक्का, गेहूं और बाजरे बर्बाद हो गए और इसलिए संगठन ने दो करोड़ डॉलर की मदद मांगी है। नेपाल में अप्रैल और मई में आए दो विनाशकारी भूकंप और उसके बाद के झटकों में 8,000 से अधिक लोगों की जान चली गई।
एफएओ द्वारा कृषि आधारित आजीविका पर पड़े प्रभाव का आकलन कराए जाने पर निम्न बातें पता चली हैं-
- भूकंप के कारण किसानों की मशीन, सब्जी की खेती, उवर्रक की आपूर्ति और लघु सिंचाई व्यवस्था को भी क्षति पहुंचाई है।
- 16 फीसदी मवेशी और 36 फीसदी कुक्कुट भूकंप में मारे गए हैं।
- ग्रामीण गृहस्थों की आय और उपभोग के साधन पर असर पड़ा है।
- नेपाल की दो-तिहाई जनसंख्या कृषि पर निर्भर करती हैं और कृषि को ही प्राथमिकता देती है।
- मौजूदा फसल के मौसम में बीज, ऊवर्रक, सिंचाई और कृषि से जुड़े मशीन और तकनीकी सहायता की जरूरत है।
- 30 लाख डॉलर की तत्काल मदद मिली है, जो इसकी 2.3 करोड़ डॉलर की मांग का सिर्फ 13 फीसदी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।













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