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SAARC: नेपाल के विदेश मंत्री बोले-जब किम और ट्रंप कर सकते हैं बातचीत तो फिर दूसरे देश क्‍यों नहीं

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काठमांडू। नेपाल ने शुक्रवार को रुके हुए सार्क शिखर सम्‍मेलन को लेकर कड़ी टिप्‍पणी की है। नेपाल की ओर से कहा गया है कि किसी भी तरह के मतभेदों को सिर्फ बातचीत के जरिए ही सुलझाया जा सकता है। साथ ही इस संगठन को साथ में मिलकर आतंकवाद और क्षेत्र में मौजूद दूसरी चुनौतियों का सामना करना चाहिए। आपको बता दें कि साल 2016 से सार्क सम्‍मेलन का आयोजन नहीं हुआ है। भारत ने पाकिस्‍तान की ओर से जारी आतंकी गतिविधियों का हवाला देते हुए इसमें हिस्‍सा लेने से इनकार कर दिया था।

बाकी देश के नेताओं के लिए उदाहरण

बाकी देश के नेताओं के लिए उदाहरण

नेपाल के विदेश मंत्री प्रदीप कुमार गयावली की ओर से सार्क शिखर सम्‍मेलन को फिर से शुरू करने की अपील की गई है। गयावली ने पिछले वर्ष जून में सिंगापुर हुई अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप और नॉर्थ कोरियाई नेता किम जोंग उन की मुलाकात का उदाहरण दिया है। उन्‍होंने कहा कि जब ये दोनों नेता बातचीत के जरिए मतभेदों को सुलझाने के लिए मुलाकात कर सकते हैं तो फिर बाकी देशों के नेता क्‍यों नहीं ऐसा कर सकते हैं। गयावली ने यह टिप्‍पणी उस समय की जब उनसे मीडिया और विदेश नीति से जुड़े विशेषज्ञों की ओर से इससे जुड़ा सवाल किया गया था।

इस्‍लामाबाद में होना था सम्‍मेलन

इस्‍लामाबाद में होना था सम्‍मेलन

साल 2016 में पाकिस्‍तान को इस सम्‍मेलन का इस्‍लामबाद में करना था। पाकिस्‍तान इसकी मेजबानी करता इससे पहले पठानकोट आतंकी हमला हो गया। भारत ने हमले के बाद सम्‍मेलन में शामिल होने में असमर्थता जाहिर कर दी। भारत की ओर से आरोप लगाया गया कि सीमा पार से जारी आतंकवाद को लगातार समर्थन दिया जा रहा है। भारत ने कहा कि ऐसे हालात में शिखर सम्‍मेलन में शामिल होना आसान नहीं है। इसके बाद बांग्‍लादेश, भूटान और अफगानिस्‍तान ने भी इसमें हिस्‍सा लेने से मना कर दिया। मालदीव और श्रीलंका इस संगठन के सांतवे और आठवें सदस्‍य हैं।

साल 2014 में हुआ था सम्‍मेलन

साल 2014 में हुआ था सम्‍मेलन

गयावली ने कहा कि बैठकर बातचीत करने के अलावा मतभेदों को खत्‍म करने का और कोई भी ऑप्‍शन नहीं है। उन्‍होंने कहा कि क्षेत्र में जो भी चुनौतियां या समस्‍या हैं उन्‍हें अकेले नहीं सुलझाया जा सकता है। उनका कहना था कि साथ में मिलकर क्‍लाइमेट चेंज और आतंकवाद जैसे अहम मुद्दों का सामना करना होगा। गुरुवार को गयावली ने भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज से मुलाकात की। उन्‍होंने कहा कि उनका देश भारत के साथ मिलकर सार्क समिट का मुद्दा उठाता रहा है। इसके साथ ही उन्‍होंने इस बात की उम्‍मीद भी जाहिर की जल्‍द ही इस सम्‍मेलन का आयोजन होगा। सार्क सम्‍मेलन का आयोजन हर दो वष में होता है। आखिरी बार साल 2014 में समिट का आयोजन काठमांडू में हुआ था ।

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English summary
Nepal commented on stalled SAARC summit and said if US President Donald Trump can meet Kim Jong Un why can't other countries.
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