India
  • search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts
Oneindia App Download

टूना मछली निर्यात घोटाले में NCP सांसद मोहम्मद फैजल, भतीजे CBI के रडार पर

|
Google Oneindia News

नई दिल्ली/कोलंबो, 25 जून: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के एक डीआईजी के नेतृत्व में टूना मछली के निर्यात से संबंधित 25 सदस्यीय टीम लक्षद्वीप प्रशासन के कुछ विभागों में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के संबंध में लक्षद्वीप प्रशासन के सतर्कता अधिकारियों के साथ औचक निरीक्षण कर रही है।

11
सीबीआई के रडार पर हैं

सीबीआई के रडार पर हैं

सीबीआई के एक सूत्र ने कहा कि लक्षद्वीप के एक सांसद मोहम्मद फैजल और उनके भतीजे अब्दुल रजाक उनके रडार पर हैं। दोनों कोलंबो स्थित एक फर्म एसआरटी जनरल मर्चेंट इम्पोर्ट एंड एक्सपोर्ट के मालिक हैं। बता दें कि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में टूना मछली की कीमत लगभग 400 रुपये प्रति किलो है। इसे एलसीएमएफ (लक्षद्वीप कॉर्पोरेट मार्केटिंग फेडरेशन) द्वारा स्थानीय मछुआरों से खरीदा गया था। बाद में इसे श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में स्थित एसआरटी जनरल मर्चेंट नाम की कंपनी को बेच दिया गया। हालांकि इसके एवज में एआरटी कंपनी ने एलसीएमएफ को पैसे नहीं दिए। इसके कारण स्थानीय मछुआरों को काफी नुकसान उठाना पड़ा।

नई और पुरानी फाइलों की जांच कर रही सीबीआई

नई और पुरानी फाइलों की जांच कर रही सीबीआई

फिलहाल सीबीआई की टीम इस मछली सौदे की सभी नई और पुरानी फाइलों की जांच कर रही है। वहीं एनसीपी सांसद मोहम्मद फैजल के श्रीलंकाई कंपनी से संबंधों की भी जांच चल रही है। एलसीएमएफ के अलावा मत्स्य पालन विभाग, पीडब्ल्यूडी, खादी बोर्ड और पशुपालन विभाग भी सीबीआई की जांच के दायरे में हैं।

टूना मछली घोटाला मामला

टूना मछली घोटाला मामला

फैजल के भतीजे रजाक के प्रभाव में एलसीएमएफ ने टूना मछली की खरीद की थी। इसे बाद में श्रीलंका स्थित फर्म को निर्यात किया गया, जिसमें वे स्वयं एक प्रतिनिधि हैं। मत्स्य विभाग, लक्षद्वीप प्रशासन के कुछ अज्ञात लोक सेवकों ने दूसरों के साथ मिलकर लक्षद्वीप द्वीप के गरीब निवासियों के नाम पर बड़ी संख्या में नावों को अवैध रूप से पंजीकृत करके भारी मात्रा में सब्सिडी की ठगी की। ये नावें गरीब मछुआरों के लिए सब्सिडी वाले डीजल से चलाई जा रही हैं।

सरकारी कर्मचारी, अधिकारी भी जिम्मेदार

सरकारी कर्मचारी, अधिकारी भी जिम्मेदार

सीबीआई का कहना है कि मछुआरों के इस नुकसान के लिए कुछ सरकारी कर्मचारी और अधिकारी भी जिम्मेदार हो सकते हैं। जांच एजेंसी ने कहा कि एसआरटी कंपनी को मछलियां बेचते समय नियमों की अवहेलना की गई और एलसीएमएफ ने एनसीपी सांसद मोहम्मद फैजल के रसूक का इस्तेमाल स्थानीय मछुआरों से बड़ी मात्रा में मछली खरीदने के लिए किया। फैसल के रिश्तेदार अब्दुल रज्जाक उसी श्रीलंकाई कंपनी में एक प्रतिनिधि थे, जिस पर मछली के बदले एलसीएमएफ के पैसे का भुगतान नहीं करने का आरोप है।

एनसीपी सांसद ने कहा, नहीं हो रही सीबीआई जांच

एनसीपी सांसद ने कहा, नहीं हो रही सीबीआई जांच

वहीं मीडिया से बात करते हुए एनसीपी सांसद मोहम्मद फैजल ने सीबीआई जांच की जानकारी होने से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में कोई भ्रष्टाचार नहीं है और अगर सीबीआई की जांच हो रही है तो सच्चाई सामने आ जाएगी।

ये भी पढ़ें :80% मुस्लिम आबादी वाले इस देश ने संविधान से हटाया 'इस्लाम', लेने वाला है बड़ा फैसलाये भी पढ़ें :80% मुस्लिम आबादी वाले इस देश ने संविधान से हटाया 'इस्लाम', लेने वाला है बड़ा फैसला

Comments
English summary
TheCentral Bureau of Investigation (CBI) is probing nationalist Congress Party (NCP) Lok Sabha member Mohammed Faizal in the alleged tuna fish scam. Abdul Razzaq, a relative of the MP, is also said to be on the CBI's radar along with a Colombo-based company in the case. The vigilance department of the Lakshadweep administration is also involved in this investigation with the CBI. The involvement of some local officials of the concerned department is also being suspected in the scam
देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X