नवाज शरीफ का पाकिस्तान लौटना तय, अगले महीने हो सकती है वतन वापसी, प्रधानमंत्री बन पाएंगे?
पाकिस्तान में तीन बार प्रधानमंत्री रह चुके पीएमएल-एन के सुप्रीमो नवाज शरीफ चार साल का निर्वासन झेलने के बाद पाकिस्तान लौट सकते हैं। हालांकि उनके आने की सटीक तारीख का अभी तक खुलासा नहीं हुआ है लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि वे अगले महीने वतन वापस आ सकते हैं।
कई पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले ये दावा किया गया है कि वे 10 और 15 अक्टूबर से पहले वतन वापसी कर सकते हैं। इसके अलावा कहा जा रहा है वह चुनावों के दौरान अपनी पार्टी की कमान संभाल लेंगे। कहा जा रहा है कि पाकिस्तान नवाज ने लंदन में पार्टी कार्यकर्ताओं से बात करते हुए ऐसे संकेत दिए हैं कि वह जल्द ही पाकिस्तान लौटने वाले हैं।

कुछ दिन पहले नवाज के छोटे भाई और पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा था कि चुनाव से जुड़े सारे कैंपेन और प्लानिंग नवाज के हिसाब से ही होगी और वहीं पार्टी लीड करेंगे।
वहीं कुछ पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जाता है कि नवाज शरीफ पाकिस्तान के चीफ जस्टिस उमर अता बंदियाल के रिटायर होने का इंतजार कर रहे हैं। वे 17 सितंबर को रिटायर हो रहे हैं।
पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश को इमरान खान का समर्थक माना जाता है। अगर उनके रहते नवाज शरीफ की वतन वापसी होती है तो वे किसी कानूनी अड़चन में फंस सकते हैं। ऐसी संभावना है कि नवाज के पाकिस्तान लौटने के बाद उन्हें पनामा पेपर लीक केस में राहत मिल सकती है।
तीन बार के पीएम को 2017 में पनामा पेपर्स मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने अयोग्य घोषित कर दिया था। नवाज शरीफ को इसी भ्रष्टाचार के एक मामले में सजा भी हुई थी।
कथित तौर पर उन्हें जहर देने की कोशिश के कारण वह जेल में गंभीर रूप से बीमार पड़ गए थे। इसके बाद नवाज शरीफ ने नवंबर 2019 में उपचार के लिए पाकिस्तान छोड़ दिया था।
वह तब से पाकिस्तान नहीं लौटे हैं और पाकिस्तान में उन पर कई मामले दर्ज हैं। हालांकि पीएमएल-एन ने बार-बार विरोध किया है कि नवाज को अन्यायपूर्ण तरीके से अयोग्य ठहराया गया था। पीएमएल-एन पार्टी के सदस्यों ने बार-बार संकेत दिया है कि जब देश में इस साल के अंत में चुनाव होंगे तो नवाज प्रधानमंत्री पद के लिए चुनाव लड़ेंगे।
नवाज शरीफ को फरवरी 2020 में उन्हें भगोड़ा मान लिया गया था। जब उन्होंने देश छोड़ा था तो वह भ्रष्टाचार के आरोप में सात साल की सजा भुगत रहे थे, लेकिन हाल में ही सुप्रीम कोर्ट ने रिव्यू ऑफ जजमेंट एंड आर्डर एक्ट-2023 को असंवैधानिक करार दे दिया है।
इससे नवाज की वापसी की उम्मीदों पर संदेह के बादल छा गए। उन्हें कोर्ट पहले ही आजीवन सार्वजनिक पद धारण के अयोग्य ठरारा चुका है। हालांकि उनकी वापसी को पीएमएल-एन की आगामी चुनावों में जीत की संभावनाओं के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।












Click it and Unblock the Notifications