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म्यांमार में प्रदर्शनकारियों पर थर्ड डिग्री कार्रवाई, 3 की मौत, UN में भारत ने उठाई सैन्य शासन के खिलाफ आवाज

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नेपीतॉ: म्यांमार में सैन्य शासकों ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सबसे बड़ी और थर्ड डिग्री कार्रवाई शुरू कर दी है। पिछले 3 हफ्तों से चले रहे सैन्य तानाशाहों के खिलाफ प्रदर्शन को लेकर अब म्यांमार पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए आंसू गैस के गोले और रबर बुलेट भी चलाना शुरू कर दिया। म्यांमार के सैन्य शासकों ने अंतर्राष्ट्रीय दबावों को दरकिनार करते हुए प्रदर्शनकारियों को खामोश करने की सख्त कोशिशें शुरू कर दी हैं।

MYANMAR

सेना कर रही है सख्त कार्रवाई

बताया जा रहा है कि म्यांमार में सेना की सख्ती और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई में पिछले तीन हफ्तों में तीन लोगों की मौत हो चुकी है वहीं दर्जनों लोग अब कर घायल हुए हैं। म्यांमार की मिलिट्री दिन में प्रदर्शन कर रहे लोगों को रात में सोते वक्त गिरफ्तार करती है। म्यांमार सेना ने लोगों के खिलाफ सख्ती बरतना तब शुरू किया है, जब म्यांमार के प्रतिनिधि ने UN में म्यांमार की सैन्य सत्ता के खिलाफ आवाज उठाने के लिए कहा। म्यांमार में राजनीतिक तूफान इसी महीने एक फरवरी से मचा हुआ है जब सेना ने चुनी हुई सरकार को बर्खास्त करते हुए सत्ता पर कब्जा कर लिया है। वहीं म्यांमार की नेता आंग सान सू की और राष्ट्रपति को हिरासत में रखा गया है। वहीं, अब म्यांमार नेशनल लीग पार्टी का कहना है कि आंग सान सू की अबतक हिरासत में रखा गया था लेकिन अब आशंका है कि सेना ने उन्हें किसी अज्ञात जगह पर कैद कर दिया है।

MYANMAR

वहीं सैन्य शासन के खिलाफ हजारों प्रदर्शनकारी लगातार सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं और सैन्य शासन खत्म करने की मांग कर रहे हैं। वहीं, कई शहरों में पुलिस फोर्स ने प्रदर्शनकारियों पर जमकर लाठियां भांजी हैं। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक प्रदर्शनकारियों के साथ म्यांमार में दर्जनों जर्नलिस्ट को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, लाठीचार्ज के खिलाफ सड़क पर प्रदर्शनकारियों के गुस्से के बाद दोनों पक्षों के बीच जमकर संघर्ष भी हो रहा है। पिछले हफ्ते म्यांमार में सैन्य शासन के खिलाफ प्रदर्शन करने वाली एक लड़की के सिर में सेना के जवान ने गोली मार दी, जिसके बाद लड़की की इलाज के दौरान मौत हो गई है। सेना के खिलाफ प्रदर्शन में किसी प्रदर्शनकारी को गोली लगने और मौत का यह पहला मामला है जिसके खिलाफ अब म्यांमार में जमकर बवाल शुरू हो गया है। वहीं, अब अमेरिकी सेना ने भी म्यांमार को चेतावनी जारी कर दी है।

MYANMAR GIRL

पुलिस की गोली से प्रदर्शनकारी की मौत

म्यांमार की राजधानी नेपीतॉ में नौ फरवरी को प्रदर्शन के दौरान म्या थ्वेत थ्वेत नाम की प्रदर्शनकारी के सिर में गोली लग गई थी, जिसके बाद इलाज के लिए उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। लड़की की स्थिति लगातार नाजुक बनी हुई थी और उसे ICU में रखा गया था। लेकिन, अब लड़की ने दम तोड़ दिया है। चश्मदीदों के मुताबिक प्रदर्शनकारियों पर हो रहे पानी की बौछार से बचने के दौरान लड़की के सिर के पिछले हिस्से में सेना की गोली लग गई थी और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लेकिन, अब युवा प्रदर्शनकारी की मौत के बाद पूरी दुनिया में म्यांमार सेना की आलोचना हो रही है। वहीं, मानवाधिकार संगठनों ने लड़की की मौत की जांच की मांग की है।

UN में भारत ने उठाया मुद्दा

म्यांमार की घटना पर लगातार भारत सरकार नजर रख रही है। यूनाइटेड नेशंस की बैठक में भारत ने म्यांमार पर अपना बयान देते हुए कहा कि म्यांमार में लोकतांत्रिक मूल्य जल्द से जल्द बहाल होना चाहिए और सभी प्रतिनिधियों को आजाद करना चाहिए। भारत ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से म्यांमार के लोगों का समर्थन करने की अपील की है। संयुक्त राष्ट्र संघ में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरूमूर्ति ने कहा कि म्यांमार की घटना पर भारत पैनी नजर बनाए हुआ है और भारत चाहता है कि म्यांमार में लोकतांत्रिक सरकार की जल्द से जल्द स्थापना हो।

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English summary
The military rulers in Myanmar have initiated the largest and third degree crackdown against the protesters.
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