श्रीलंका में मुकेश अंबानी का गेम चेंजिंग कदम! सरकारी मोबाइल कंपनी खरीदने के लिए लगाई बोली, 3 कंपनियों में रेस
Mukesh Ambani Sri Lanka: भारत के सबसे अमीर कारोबारी मुकेश अंबानी रणनीतिक तौर पर बेहद महत्वपूर्ण उठाते हुए श्रीलंका की सरकारी मोबाइल खरीदने के लिए लाइन में लग गये हैं। रिलायंस इंडस्ट्रीज की दूरसंचार शाखा जियो प्लेटफॉर्म्स ने सरकारी स्वामित्व वाली दूरसंचार कंपनी श्रीलंका टेलीकॉम पीएलसी में हिस्सेदारी खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है।
आर्थिक रूप से तनावग्रस्त श्रीलंकाई सरकार धन जुटाने के लिए अर्थव्यवस्था के कई क्षेत्रों का निजीकरण करना चाह रही है। कोलंबो ने 10 नवंबर से संभावित निवेशकों से प्रस्ताव आमंत्रित किए थे। जिसमें जियो ने भी आवेदन दिया है।

तीन कंपनियों से जियो की रेस
रिपोर्ट के मुताबिक, जियो के अलावा दो और विदेशी कंपनियों ने श्रीलंका की सरकारी टेलीफोन कंपनी खरीदने के लिए अपनी बोली लगाई है, और बोली लगाने की समय सीमा खत्म होने के बाद 12 जनवरी को श्रीलंकाई सरकार ने एक प्रेस रिलीज जारी की है, जिसमें Jio प्लेटफ़ॉर्म, गोर्ट्यून इंटरनेशनल इन्वेस्टमेंट होल्डिंग लिमिटेड और पेटीगो कॉमर्सियो इंटरनेशनल LDA को तीन संभावित बोलीदाताओं के रूप में नामित किया गया है।
प्रेस रिलीज में कहा गया है, कि प्रस्तावों का "विशेष दिशानिर्देशों के अनुसार मूल्यांकन किया जाएगा" और राज्य के स्वामित्व वाले उद्यमों के विनिवेश को मंत्रियों की कैबिनेट द्वारा मंजूरी दी गई है।
गैर-प्रमुख क्षेत्रों के निजीकरण पर जोर देने के लिए द्वीप राष्ट्र श्रीलंका को अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) कार्यक्रमों द्वारा भी अनिवार्य किया गया है।
श्रीलंका की सरकारी कंपनी के लिए बोली लगाना, सिर्फ कारोबारी नजरिए से ही नहीं, बल्कि रणनीतिक नजरिए से भी काफी ज्यादा महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे ना सिर्फ हिंद महासागर में भारत के पड़ोसी देश के बाजार में किसी भारतीय कंपनी का विस्तार होगा, बल्कि भविष्य में श्रीलंकन टेलीकॉम सेक्टर में घुसने की चीन की किसी कोशिश को भी रोका जा सकता है।
ब्रोकरेज कंपनी BofA ने जियो प्लेटफॉर्म्स की वैल्यूएशन 107 अरब डॉलर आंकी है। बोफा ने एक नोट में कहा है, कि उसे उम्मीद है, कि जियो प्लेटफॉर्म्स इस साल अपने एडवांस फीचर फोन जियोभारत और वायरलेस ब्रॉडबैंड डिवाइस जियोएयरफाइबर के साथ गहरी पैठ बनाते हुए ग्राहकों को जोड़ना जारी रखेगा।
रिपोर्ट के मुताबिक, श्रीलंकन टेलीकॉम कंपनी पीएलसी में श्रीलंका की सरकार की करीब साढ़े 49 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जबकि करीब 45 प्रतिशत हिस्सेदारी ग्लोबल टेलीकम्युनिकेशन होल्डिंग्स के पास है, जबकि श्रीलंका की सरकार ने अपनी हिस्सेदारी बेचना का फैसला किया है।












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