फिर से खुल रहे हैं चीन के बाजार, मॉर्गन स्टेनली ने जताई एशिया में महंगाई के लौटने की आशंका
मल्टीनेशनल इन्वेस्टमेंट फर्म मॉर्गन स्टेनली ने अपने अनुमान में साल 2023 के लिए कई पॉजिटिव उम्मीदें भी जताई हैं, जिसमें सबसे बड़ी बात ये है, कि केन्द्रीय बैंक अब आसानी से महंगाई दर को काबू में कर सकते हैं।

Morgan Stanley On China Reopens: मल्टीनेशनल इन्वेस्टमेंट फर्म मॉर्गन स्टेनली ने आशंका जताई है, कि तीन सालों के बाद चीनी बाजारों के फिर से खुलने की वजह से पूरे एशिया में महंगाई में इजाफा हो सकता है। मॉर्गन स्टेनली ने कहा है, कि कोविड संकट के दौरान लगातार चीन ज़ीरो कोविड पॉलिसी के सहारे चल रहा था, लेकिन अब चीन ने अपनी अर्थव्यवस्था को फिर से खोल दिया है, जिसकी वजह से एशिया में मुद्रास्फीति में इजाफा हो सकता है।

एशिया में मुद्रास्फीति में इजाफा
एशियाइकोनॉमिक्स| एशिया पैसिफिक- द व्यूप्वाइंट: रैपिड डिसइन्फ्लेशन एंड ग्रोथ आउटपरफॉर्मेंस' के नाम से मॉर्गन स्टेनली ने अपनी एक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें चिंता जताई गई है, कि चीन के फिर से खुलने से बाकी एशिया में मुद्रास्फीति पर प्रभाव पड़ेगा। रिपोर्ट में कहा गया है, कि चीन की अर्थव्यवस्था में सुधार का मतलब ये होगा, कि "स्वाभाविक तौर पर तेल की डिमांड में इजाफा होगा।" चीन की तेल मांग वर्तमान में 2020-21 के स्तर से नीचे 1 मिलियन बैरल प्रति दिन है, जो लॉकडाउन और अन्य प्रतिबंधों की वजह से है। लेकिन, मॉर्गन स्टेनली का अनुमान है, कि 2023 के जनवरी-मार्च क्वार्टर में देश की तेल मांग में सुधार शुरू हो जाएगा, जिसके बाद मॉर्गन स्टेनली ने कहा है, कि कच्चे तेल की कीमतों पर कुछ दबाव बढ़ेगा।

चीनी अर्थव्यवस्था के खुलने का मतलब
मॉर्गन स्टेनली ने अपनी रिपोर्ट में ये भी कहा है, कि भले ही महंगाई में इजाफा होगा, "लेकिन औद्योगिक और निर्माण गतिविधि के लिए अभी तक जो मंद समय चल रहा था, उसपर प्रभाव काफी हद तक कम हो जाएगा, जो कि कमजोर मांग की स्थिति को देखते हुए तेल की मांग का लगभग 40 प्रतिशत है"। इसके अलावा मॉर्गन स्टेनली ने अपनी रिपोर्ट में एक आशा जताते हुए कहा है, कि तेल की मांग में वृद्धि 2022 की शुरूआत से होने लगी थी, लेकिन अब चीन की डिमांड में वृद्धि होने के बाद भी तेल की आपूर्ति का मैनेजमेंट आसान होगा। यानि, पहले जो कीमतें आपूर्ति में कमी आने की वजह से थी, वो तेल की डिमांड में इजाफा होने की वजह से होगी और आपूति में जो कमी अभी तक आ रही थी, वो कमी भी धीरे धीरे खत्म हो जाएगी।"
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एशिया के लिए पॉजिटिव संकेत
मॉर्गन स्टेनली ने इसके अलावा एक पॉजिटिव संकेत देते हुए कहा है, कि महंगाई से जूझ रगे 90 प्रतिशत एशियाई देशों के केन्द्रीय बैंकों के लिए इस साल जून तक इस महंगाई को संभालना काफी आसान हो जाएगा। इसके अलावा मॉर्गन स्टेनली ने कई कारकों का हवाला देते हुए कहा है, कि उसके बाद से महंगाई में कमी आने की संभावना बनने लगेगी। आपको बता दें कि, अभी तक वैश्विक स्तर पर विभिन्न केंद्रीय बैंकों ने ब्याज दरों में वृद्धि की है, ताकि बढ़ती मुद्रास्फीति को नियंत्रित किया जा सके। मॉर्गन स्टेनली ने कहा कि, "2023 वो साल होगा, जब पूरी दुनिया में महंगाई का ग्राफ तेजी से कम होगा और 2023 के मध्य तक 90 प्रतिशत क्षेत्र के लिए मुद्रास्फीति कंट्रोल में आ जाएगी, जिससे केंद्रीय बैंकों को वित्त वर्ष के पहले क्वार्टर (जनवरी-मार्च) में अपनी सख्ती को कम करने की सुविधा हासिल होगी। वहीं, मुद्रास्फीति की लड़ाई जीतने का मतलब ये होगा, कि एशिया की घरेलू मांग की पूर्ति होगी, लिहाजा एशिया के कई देश विकास के रास्ते पर फिर से लौट पाएंगे।












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