पेरिस समझौते से अमेरिका के बाहर होने के बाद पीएम मोदी ने ट्रंप को दिया कड़ा संदेश
सेंट पीटर्सबर्ग। अमेरिका के पेरिस जलवायु समझौते से बाहर होने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन और भारत को दोष दिया। इस दोषारोपण के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप का नाम लिए बिना अमेरिका और ट्रंप को कड़ा संदेश दिया है।

तो किस तरफ जाएंगे पीएम मोदी
पीएम मोदी शुक्रवार को रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम में हिस्सा ले रहे थे। यहां पर उनसे सवाल पूछा गया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने जलवायु समझौते से अमेरिका का नाम वापस ले लिया है। ऐसे में पीएम मोदी किस तरफ जाएंगे? मोदी ने इस पर कहा, 'यह कोई वैसा मुद्दा नहीं है, जिसमें मुझे इस तरफ या उस तरफ जाना चाहिए। यह मुद्दा भावी पीढ़ी का है। वह पीढ़ी जिसने अभी जन्म नहीं लिया है। मैं उनके पक्ष में जाऊंगा।' उन्होंने इस सप्ताह बर्लिन में कही गई अपनी उन बातों को दोहराया, जिसमें उन्होंने कहा था, 'पेरिस समझौता हो या न हो, हमारी प्रतिबद्धता पर्यावरण बचाने की है। जो चीजें भावी पीढ़ी की हैं, उन्हें छीनने का हमें कोई अधिकार नहीं है।' इकोनॉमिक फोरम में अपने संबोधन में मोदी ने 5,000 साल पहले लिखे गए अथर्ववेद का जिक्र किया, जो प्रकृति तथा उसके संरक्षण को समर्पित है। उन्होंने कहा कि हमारा यही मानना है कि प्रकृति का शोषण एक अपराध है।
क्या कहा था ट्रंप ने
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मुताबिक पेरिस क्लाइमेट डील अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए खतरा है और यह अमेरिकी नौकरियों के लिए बड़ा संकट भी थी। ट्रंप ने इस डील से अमेरिका के बाहर निकलने पर चीन और भारत को दोषी ठहराया। अमेरिका ने कहा कि भारत को वर्ष 2015 के पेरिस एग्रीमेंट के तहत बिलियन डॉलर की रकम मिलती और साथ ही चीन को भी बड़ा फायदा होता है। चीन और भारत जैसे देश अमेरिका की ओर से मिलने वाली बिलियन डॉलर्स की मदद से कोयले से संचालित होने वाले पावर प्लांट्स को दोगुना कर लेते।












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