Nuh Violence: नूंह हिंसा को लेकर अमेरिका के बयान पर आया भारत का जवाब, कहा- हम भी चाहते हैं शांति
हरियाणा के मेवात में भड़के सांप्रदायिक हिंसा को लेकर अमेरिकी विदेश विभाग के द्वारा शांति का आह्वान और हिंसा से दूर रहने की अपील पर विदेश मंत्रालय ने भी टिप्पणी की है।
मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा, कि आप हिंसा को रोकने और शांति बहाल करने के लिए स्थानीय अधिकारियों द्वारा उठाए गए कदमों से अवगत हैं। अमेरिकी विदेश विभाग की टिप्पणियां हमने देखी हैं। उनमें ये भी शामिल है। हम भी स्थिति को सामान्य होते देखना और शांति की वापसी चाहते हैं।

इससे पहले अमेरिका के स्टेट डिपार्टमेंट ने हिंसक झड़पों पर बयान जारी करते हुए दोनों-पक्षों से शांति की अपील की थी। अमेरिका के स्टेट डिपार्टमेंट के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने बुधवार को कहा, "जाहिर तौर पर हमेशा की तरह अमेरिका शांति की अपील करता है और दोनों पक्षों से हिंसक कार्य ना करने की अपील करता है।"
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने एक नियमित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान "मेवात में हिंदू-मुस्लिम झड़पों" पर टिप्पणी के सवाल पर कहा, "जाहिर तौर पर हम हमेशा की तरह, शांति का आग्रह करेंगे और पार्टियों से हिंसक गतिविधियों से परहेज करने का आग्रह करेंगे।"
मिलर ने आगे कहा कि हमें इस बारे में कुछ भी मालूम नहीं था। फिर कुछ लोगों से सुनने में आया। फिर हमने दूतावास से संपर्क किया है। उन्होंने कहा कि झड़पों में कोई अमेरिकी नागरिक प्रभावित नहीं हुआ है।
आपको बता दें, कि इस हफ्ते हरियाणा में भड़के सांप्रदायिक झड़पों में छह लोग मारे गए हैं और कई लोग घायल हुए हैं। इनमें दो होमगार्ड व चार आम नागरिक हैं। वहीं, लगभग 20 पुलिसकर्मियों सहित दर्जनों लोग हिंसा की चपेट में आ गए हैं।
इसके अलावा विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को पाकिस्तान को दो टूक जवाब देते हुए साफ कर दिया कि अगर भारत के साथ बातचीत करना चाहते हैं तो इसके लिए आतंकवाद और शत्रुता मुक्त वातावरण जरूरी है। इससे पहले, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक बार फिर से भारत के साथ बातचीत की इच्छा जाहिर की थी।












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