मालदीव में जल संकट: भारत की 50 टन बोतलों से बुझेगी लाखों 'लोगों की प्यास'
माले। मालदीव की राजधानी माले में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में आग लगने से पानी का संकट गहरा गया है। मालदीव में गहराए जल संकट को कम करने के लिए भारत ने मदद को हाथ आगे बढ़ाए हैं। मालद्वीप के लोगों के लिए भारत से पीने का पानी भेजा गया है। मालदीव में भारत के राजदूत ने कहा कि शुक्रवार को पांच बड़े प्लेनों के जरिए मालदीव पानी पहुंचाया गया। गौरतलब है कि मालदीप में नदी न होने की वजह वहां के लोगों के लिए जल संकट बना रहता है। मालदीव सरकार ने भारत के अलावा श्रीलंका, चीन और अमेरिका से भी मदद मांगी है।

भारत के राजदूत ने खुद मालदीव जाकर अधिकारियों को राहत सामग्री सौंपी। सिर्फ शुक्रवार को ही 50 टन पानी की बोतलें पहुंचाई गईं। इसके अलावा, आईएनएस सुकन्या और आईएनएस विवेक को भी भेजा गया है, जो हालात सामान्य होने तक माले तट पर रहेंगे और युद्धपोत में लगे रिवर्स ऑस्मॉसिस प्लांट के जरिए पानी शुद्ध करके मुहैया कराते रहेंगे। मालदीव के रक्षामंत्री मोहम्मद अजीम ने भारत की इस मदद के लिए शुक्रिया अदा किया है।
मालदीव में मौजूद होटलों और रिजॉर्ट्स में पानी की कोई कमी नहीं है, क्योंकि उनमें उनके खुद के प्लांट लगे हैं। मालदीव की अर्थव्यवस्था बहुत हद तक टूरिज्म पर निर्भर है और देश की जीडीपी का 30 प्रतिशत इसी सेक्टर पर निर्भर है। ट्रीटमेंट प्लांट से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि हालात सामान्य होने में कम से कम एक हफ्ता लगेगा।
कहना है कि मालदीव में हर नागरिक को तीन लीटर पानी मुफ्त में दिया जा रहा है, इसके बावजूद दुकानों पर पानी खरीदने के लिए लंबी लाइनें लगी हुई हैं।












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