कल से होगा मालाबार युद्धाभ्यास, अमेरिका भेज रहा है परमाणु एरक्राफ्ट, चीन के कलेजे पर लोटेगा सांप
कल से भारतीय नौसेना मालाबार युद्धाभ्यास में शामिल हो रही है। इस बार अमेरिकी नौसेना परमाणु एयरक्राफ्ट कैरियर के साथ युद्धाभ्यास करेगी।
नई दिल्ली, अक्टूबर 11: कल से इंडियन नेवी बेहद प्रसिद्ध मालाबार युद्धाभ्यास में हिस्ला ले रही है। मालाबार युद्दाभ्यास में भारतीय नौसेना, जापान मैरीटाइम सेल्फ डिफेंस फोर्स (JMSDF), रॉयल ऑस्ट्रेलियन नेवी (RAN) और यूनाइटेड स्टेट्स नेवी (USN) के साथ मालाबार अभ्यास के दूसरे चरण में भाग लेगी। बेहद महत्वपूर्ण माने जाने वाले बहुपक्षीय समुद्री अभ्यास 12-15 अक्टूबर 2021 तक बंगाल की खाड़ी में होगा।

कल से मालाबार युद्धाभ्यास
नौसेना के एक बयान में कहा गया है, "भारतीय नौसेना की भागीदारी में आईएनएस रणविजय, आईएनएस सतपुड़ा, पी-8आई लंबी दूरी की समुद्री गश्ती विमान और एक पनडुब्बी शामिल है।" वहीं अमेरिकी नौसेना का प्रतिनिधित्व दो विध्वंसक एयरक्राफ्ट, यूएसएस लेक शैम्प्लेन और यूएसएस स्टॉकडेल के साथ परमाणु संचालित अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर कार्ल विंसन द्वारा किया जाएगा। जापानी नौसेना, हेलीकॉप्टर कैरियर जेएस कागा और मुरासामे श्रेणी के विध्वंसक जेएस मुरासामे को तैनात करेगा, जबकि रॉयल ऑस्ट्रेलियाई नौसेना का प्रतिनिधित्व एचएमएएस बल्लारत और एचएमएएस सीरियस द्वारा किया जाएगा।

मालाबार अभ्याय का दूसरा चरण
भारतीय नौसेना के प्रवक्ता कमांडर विवेक माधवाल ने कहा कि, "अभ्यास का दूसरा चरण पहले चरण के दौरान विकसित तालमेल, समन्वय और अंतःक्रियाशीलता पर आधारित होगा। जिसके तहत एडवांस सरफेस और एंटी सबमरीन वारफेयर अभ्यास किया जाएगा। इसके साथ ही 'नाविक विकास' और हथियार फायरिंग पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा।" आपको बता दें कि, मालाबार अभ्यास का पहला चरण 26 अगस्त से 29 अगस्त तक फिलीपींस सागर में आयोजित किया गया था।

मालाबार अभ्यास क्या है?
नौसेना युद्धाभ्यास की मालाबार श्रृंखला 1992 में भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास के रूप में शुरू हुई थी, जो हर साल होना था। 2015 में जापान की नौसेना भी इसमें शामिल हो गई और 2020 में मालाबार में क्वाड का एक साथी ऑस्ट्रेलिया भी जुड़ गया। यानि, अब मालाबार युद्धाभ्साय क्वाड देशों की नौसेना के बीच चलने वाला युद्धाभ्साय बन चुका है। मालाबार अभ्यास का 25वां संस्करण दो चरणों में आयोजित किया जा रहा है, जबकि कोविड-19 महामारी के दौरान सभी प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है। भारतीय नौसेना के प्रवक्ता कमांडर विवेक माधवाल के अनुसार, यह अभ्यास एक स्वतंत्र, खुले, समावेशी इंडो-पैसिफिक के साथ-साथ एक नियम-आधारित अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था का समर्थन करने के लिए भाग लेने वाले देशों की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।












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