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दुर्घटना से देर भली: दो मिनट लेट होने से छूटी फ्लाइट और बच गई जिंदगी

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अदीस अबाबा। रविवार को इथोपियन एयरलाइंस की नैरोबी जा रही फ्लाइट ईटी 302 टेक ऑफ करते ही कुछ मिनटों बाद क्रैश हो गई। इस हादसे में जेट में सवार सभी 157 लोगों के मारे जाने की पुष्टि भी इथोपियन अथॉरिटीज ने कर दी। इस हादसे में एक शख्‍स ऐसा भी है जिसकी जान उसकी लेट-लतीफी ने बचाई है। ग्रीस के रहने वाले एंटोनिस मावरोपोउलोस ने अपनी फ्लाइट लेट होने की वजह से मिस कर दी थी। पहली बार जिंदगी में उन्‍हें बस दो मिनट लेट होने पर पछतावे की जगह खुशी हो रही होगी। रविवार की सुबह इथोपिया से एक दिल तोड़ने वाली खबर आई जब राजधानी अदीस अबाबा से उड़ान भरने वाली इथोपियन एयरलाइन की फ्लाइट ईटी 302 क्रैश हो गई। इस क्रैश में चार भारतीयों की भी मौत हो गई है।

यह भी पढ़ें-इथोपिया प्‍लेन क्रैश में पर्यावरण मंत्रालय की सलाहकार का भी निधन

फेसबुक पर शेयर किया टिकट

फेसबुक पर शेयर किया टिकट

एंटोनिस ने अपनी फेसबुक पोस्‍ट पर अपनी फ्लाइट का टिकट शेयर करते हुए इस बात की जानकारी दी है। उन्‍होंने लिखा, 'मैं एकदम पागल हो रहा था क्‍योंकि कोई मेरी मदद करने वाला नहीं था।' एंटोनिस ने जो पोस्‍ट लिखी है, उसका टाइटल उन्‍होंने दिया है, 'माइ लकी डे।' एंटोनिस, इंटरनेशनल सॉलिड वेस्‍ट एसोसिएशन के प्रेसीडेंट हैं जोकि एक एनजीओ है। एंटोनिस नैरोबी जा रहे थे और यहां पर उन्‍हें यूएन के पर्यावरण कार्यक्रम में हिस्‍सा लेना था। एंटोनियो को भी इस फ्लाइट में सवार होना था लेकिन बस दो मिनट वह लेट हो गए और गेट बंद हो गए।

पुलिस ने कहा गुस्‍से की जगह भगवान को थैंक्‍यू कहें

इसके बाद एंटोनिया ने एक और फ्लाइट बुक की लेकिन उन्‍हें बोर्डिंग स्‍टाफ ने बोर्ड करने से रोक दिया। उन्‍होंने लिखा कि एयरपोर्ट के कर्मी उन्‍हें पुलिस स्‍टेशन लेकर गए। यहां पर एक ऑफिसर ने उनसे कहा कि वह विरोध न करें बल्कि भगवान का शुक्रिया अदा करें क्‍योंकि ईटी 302 फ्लाइट के वह अकेले पैसेंजर हैं जो जिंदा बच गए हैं। एंटोनिस को इस बात पर एक सेकेंड को यकीन नहीं हुआ। इसके बाद अथॉरिटीज ने उन्‍हें बताया कि वे बस उनसे कुछ सवाल जवाब करना चाहती हैं क्‍योंकि वह इस फ्लाइट के अकेले जिंदा बचे यात्री हैं।

35 देशों के लोगों की गई जान

35 देशों के लोगों की गई जान

एंटोनिस के मुताबिक अथॉरिटीज ने उन्‍हें बताया कि वह उन्‍हें जाने नहीं दे सकते हैं। उन्‍हें एंटोनिस की आईडी को चेक करना था। नैरोबी जाने वाली इस फ्लाइट में 35 देशों के यात्री सवार थे और अब कोई भी जिंदा नहीं बचा है। जो लोग सवार थे, उसमें यूनाइटेड नेशंस के वर्कसे भी थे। इथोपियन एयरलाइन को अफ्रीका की सबसे बड़ी एयरलाइन माना जाता है। इससे पहले इस एयरलाइंस का एक जेट बेरुत से उड़ान भरने के बाद क्रैश हो गया था, जिसमें 90 यात्रियों की जान चले गई थी। जो जेट क्रैश हुआ है वह हादसा पिछले वर्ष अक्‍टूबर में इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में क्रैश हुए जेट जैसा है। इंडोनेशिया में हुए हादसे में 189 यात्रियों और क्रू मेंबर्स की मौत हो गई थी।

चार भारतीयों का भी निधन

चार भारतीयों का भी निधन

जो चार भारतीय इस हादसे में मारे गए हैं उनमें पर्यावरण मंत्रालय की सलाहकार शिखा गर्ग भी शामिल हैं। विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज ने इस हादसे पर शोक जताया है। इस हादसे में जो भारतीय मारे गए हैं उनके नाम हैं- वैद्य पन्नागेश भास्कर, वैद्य हासिन अन्नागेश, नुकावारपु मनीषा और शिखा गर्ग। सुषमा की ओर से कहा गया है कि इथियोपिया में भारतीय उच्चायुक्त से भारतीय मृतकों के परिवार वालों की हर तरह की मदद करने का आदेश दिया गया है।

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English summary
A lucky Greek man who missed crashed Ethiopian Airlines flight as he arrived 2 minutes late and saved his life.
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