• search
क्विक अलर्ट के लिए
अभी सब्सक्राइव करें  
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

माउंटबेटन की डायरी सार्वजनिक करने से ब्रिटेन का इनकार, नेहरू-एडविना-भारत को लेकर राज खुलने का डर!

|

लंदन, मई 16: ब्रिटिश सरकार ने एक बार फिर से भारत के आखिरी वायसराय माउंटबेटन की डायरी और चिट्ठियों को सार्वजनिक करने से इनकार कर दिया है। एंड्रयू लोवनी नाम के एक लेखक ने डायरी और चिट्ठियों को लेकर चार साल तक इंतजार किया और इस दौरान उन्होंने करीब ढाई करोड़ रुपये भी खर्च किए, लेकिन अंत में उनके हाथों में डायरी और चिट्ठियों की जगह निराशा लगी है। ब्रिटिश सरकार और साउथहैम्पटन यूनिवर्सिटी ने माउंटबेटन की डायरी और चिट्ठियों को सार्वजनिक करने से साफ इनकार कर दिया है। लेखक एंड्रयू लोवनी का मानना है कि माउंटबेटन की डायरी से भारत-पाकिस्तान बंटवारे और भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू-एडविना के रिश्तों को लेकर कई खुलासे हो सकते हैं।

माउटबेटन की डायरी नहीं होगी सार्वजनिक

माउटबेटन की डायरी नहीं होगी सार्वजनिक

गार्डियन न्यूजपेपर के मुताबिक साल 2010 में लॉर्ड माउंटबेटन की डायरी और कुछ चिट्टियों को ब्रिटिश सरकार ने सुरक्षित अपने पास रख लिया था। माउंटबेटन की डायरी और चिट्ठियों को ब्रिटेन की साउथहैंपटन यूनिवर्सिटी ने ब्रॉडलैंड आर्काइव के लिए 2.8 मिलियन पाउंड में खरीद लिया था। डायरी और चिट्ठियों को खरीदने के लिए यूनिवर्सिटी को कई लोगों ने चंदा दिया था। हालांकि, उस वक्त यूनिवर्सिटी ने कहा था कि वो इस बात को सुनिश्चित करेगा तमाम दस्तावेज लोगों की पहुंच में हो।

भारत के बंटवारे पर खुलासे की संभावना

भारत के बंटवारे पर खुलासे की संभावना

लेखक एंड्रयू लोवनी, जिन्होंने माउंटबेटन नाम से किताब लिखी है, उन्होंने कहा कि 'मैं लगातार 4 साल से एडविना को लिखी गई चिट्ठियों और डायरी को हासिल करने के लिए संघर्ष कर रहा हूं लेकिन अभी तक मुझे कामयाबी नहीं मिली है।' लेखक एंड्रयू लोवनी ने कहा कि 'मुझे यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कहा कि ब्रिटिश सरकार की तरफ से कुछ दस्तावेजों को कहीं भी सार्वजनिक करने की इजाजत नहीं है'। एंड्रयू लोवनी ने कहा कि 'मुझे पूरा यकीन है कि इन चिट्ठियों और दस्तावेजों में कई गोपनीय जानकारियां हैं और इसीलिए ब्रिटिश सरकार और साउथहैम्पटन यूनिवर्सिटी लाखों पाउंड खर्च कर डायरी और चिट्ठियों को सुरक्षित रखने का काम कर रही है।' एंड्रयू लोवनी ने कहा कि 'मुझे पूरी उम्मीद है कि इन दस्तावेजों से रॉयल फैमिली और भारत के बंटवारे को लेकर कई राज सामने आ सकते हैं।'

माउंटबेटन के थे पराई महिलाओं से संबंध

माउंटबेटन के थे पराई महिलाओं से संबंध

फिलिप जेइगलर ने अपनी किताब 'माउंटबेटन, द ऑफिसियल बायोग्राफी' में दावा किया था कि 'एक बार माउंटबेटन ने इस बात को माना था एडविना और मैंने, हमने सारी शादीशुदा जिंदगी दूसरे लोगों के बिस्तर पर गुजारी है।' माउंटबेटन की बेटी पामेला हिक्स ने अपनी कितान 'डॉटर ऑफ एंपायर: लाइफ एज ने माउंटबेटन' में भी अपने पिता के अलग महिलाओं से रिश्ते को स्वीकार किया था। उन्होंने अपनी किताब के जरिए दावा किया था कि 'उनके पिता कई सालों तक योला लेटेलिअर के साथ रिलेशनशिप में रहे। योला लेटेलिअर डेउविले के मेयर हेनरी की पत्नी थीं।' ब्रिटिस अखबर एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक 'एडविना एक धनी परिवार से ताल्लुक रखती थीं और उनके पिता एक सांसद थे और एडविना के कई महिलाओं के साथ फ्रेम संबंध थे। और उन्होंने अपने रिश्तों को कभी भी माउंटबेटन से नहीं छिपाया था'

पराए मर्दों की तरफ आकर्षित होती थीं एडविना

पराए मर्दों की तरफ आकर्षित होती थीं एडविना

माउंटबेटन की बेटी पामेला हिक्स ने अपनी मां को लेकर कई सनसनीखेज खुलासे किए थे। उन्होंने अपनी किताब में लिखा था कि उनकी मां पराए मर्दों की तरफ काफी आकर्षित होती थीं। पामेला हिक्स ने अपनी किताब में लिखा था कि 'उनकी मां का ब्वॉयफ्रेंड लगातार उनके घर आता था, जिसे वो अंकल कहा करती थी'। 2019 में लिखी अपनी किताब में दावा करते हुए कहा था कि 'उनकी मां का लव अफेयर्स माउंटबेटन से उनकी शादी के ठीक तीन साल बाद 1925 से शुरू हुआ था। और उनका लव अफेयर हूग मोल्यनेऑक्स के साथ भी करीब 10 सालों तक चला था। इसके बाद एडविना का रिश्ता स्टीफन लॉडी के साथ शुरू हुआ था जो काफी अमीर थे और पोलो खेला करते थे।'

एडविना-नेहरू में भावनात्मक संबंध!

एडविना-नेहरू में भावनात्मक संबंध!

भारत के आखिरी वायरसराय लॉर्ड माउंटबेटन ब्रिटेन के प्रिंस फिलिप के चाचा था और ये कहा जाता है कि माउंटबेटन की पत्नी एडविना और भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के बीच करीबी रिश्ते थे। इससे पहले ब्रिटेन रॉयल फैमिली की बायोग्राफी लिखने वाले लेखक फिलिप जीग्लर ने दावा किया था कि 'ऐसे काफी ज्यादा दस्तावेज मौजूद हैं, जिससे जाहिर होता है कि माउंटबेटन की पत्नी एडविना के बाहरी लोगों से रिश्ते थे।' माउंटबेटन की बेटी ने अपनी किताब में लिखा है कि भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और उनकी मां एडविना के बीच भावनात्मक प्रेम संबंध था। उन्होंने अपनी किताब में लिखा है कि 'एक पुराना मुहावरा है आत्मीय रिश्ता, जो उन दोनों पर पूरी तरह सटीक बैठता है। मेरे पिता एक बहिर्मुखी स्वभाव के इंसान थे लेकिन मेरी मां को अपने आप में रहना ज्यादा पसंद था। मेरे पिता और मेरी मां, काफी लंबे वक्त तक एक दूसरे के साथ रहे और दोनों में गहरा रिश्ता भी था, बावजूद मेरी मां अकेलेपन की शिकार थीं। और ऐसे ही वक्त में उनकी मुलाकात एक ऐसे इंसान (नेहरू) से हुई थी, जो संवेदनशील, आकर्षक और बेहद मनमोहक थे। और शायद यही वजह रही होगी कि वो उनके प्यार में डूब गई थीं। '

चीन के मंगल मिशन को बड़ी कामयाबी, जुरोंग रोवर को मंगल ग्रह पर उतार रचा इतिहासचीन के मंगल मिशन को बड़ी कामयाबी, जुरोंग रोवर को मंगल ग्रह पर उतार रचा इतिहास

English summary
The UK cabinet has refused to make Lord Mountbatten's diaries and letters public. There was a fear of the Nehru-Edwina Raj opening up and many secrets about the India-Pakistan Partition behind not releasing the document.
देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X