मेडिकल जगत को बहुत बड़ा झटका, कैंसर का इलाज खोज रहे डॉ. लुकमान जुबैर की समुद्र में डूबने से मौत
डॉ जुबैर ग्रिफिथ विश्वविद्यालय के कैंसर पर रिसर्च कर रहे थे और साल 2014 में वो इराक युद्ध के बाद इराक से भागकर ऑस्ट्रेलिया आ गये थे।
क्वींसलैंड, फरवरी 19: विश्व के प्रसिद्ध डॉक्टर और कैंसर की इलाज खोजने की दिशा में बेहद अहम योगदान देने वाले डॉक्टर लुकमान जुबैर की पानी में डूबने से मौत हो गई। पानी में डूबते एक तैराक को बचाने की कोशिश करते हुए डॉ. लुकमान जुबैर खुद पानी में डूब गये और अब डॉ लुकमान जुबैर का शव गोल्ड कोस्ट में मरमेड बीच से तलाश लिया गया है। क्वींसलैंड पुलिस ने शनिवार सुबह डॉ लुकमान जुबैर के पानी में डूबने से मौत की पुष्टि कर दी है।

मियामी बीच पर हुआ था हादसा
रिपोर्ट के मुताबिक, मियामी बीच पर एक तैराक को बचाने की कोशिश करने के बाद 35 साल के डॉक्टर लुकमान जुबैर गुरुवार शाम करीब 6 बजे डूब गये थे और उसके बाद से ही उनकी तलाश में अभियान चलाया जा रहा था। डॉक्टर लुकमान जुबैर को दुनिया के अग्रणी कैंसर शोधकर्ताओं में से एक माना जाता था और उनके निधन के बाद मेडिकल फील्ड में काफी बड़ा नुकसान हुआ है।

तैराक को बचाने की कोशिश
रिपोर्ट के मुताबिक, मियामी बीच पर एक तैराक को डूबने से बचाने के दौरान ये हादसा हुआ था। स्थानीय पुलिस के मुताबिक, मछुआरों के मना करने के बाद भी तैराक समुद्र में तैरने के लिए चला गया था और फिर वो मियामी बीच पर शाम के वक्त डूबने लगा था। जिस वक्त तैयार समुद्र में डूब रहा था, संयोगवश डॉ. जुबैर भी वहीं पर थे और उन्होंने तैयार को समुद्र में डूबते हुए देखा और फिर उसे बचाने के लिए खुद समुद्र में उतर गये।

समुद्र तट पर मिला शव
डॉ. जुबैर ने कुछ और लोगों को भी तैराक को डूबने से बचाने के लिए सहायता के लिए बुलाया, लेकिन इस दौरान खुद डॉ. जुबैर पानी में गायब हो गये। जिसके बाद काफी तेजी के साथ उन्हें बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। लेकिन, शनिवार सुबह मरमेड समुद्र तट के पास डॉ. जुबैर का शव मिला, जिसे पुलिस ने 'पूर्ण त्रासदी' बताया है।

दूसरे की जिंदगी बचाते गई जान
गोल्ड कोस्ट पुलिस के कार्यवाहक मुख्य अधीक्षक राइस वाइल्डमैन ने कहा कि, "यह एक दुखद घटना है और एक डॉक्टर ने समुद्र में डूबते तैराक को बचाने की कोशिश में अपनी जान दे दी। दुर्भाग्य से हम उनकी जान बचाने में नाकामयाब रहे। आपको बता दें कि, घटना के फौरन बाद शुरूआत में कुछ लोगों ने पुलिस को बताया था कि, कोई मछुआरा समुद्र में डूब रहा है। हालांकि, बाद में पुलिस ने बताया कि, मछुआरे लोगों को समुद्र में जाने से मना कर रहे थे और उस तैराक को भी मछुआरों ने समुद्र में उतरने से मना किया था, लेकिन वो नहीं माना। वहीं, जब वो पानी में डूबने लगा, तो किनारे पर खड़े कुछ लोगों ने पानी में उतरकर उसे बचाने की कोशिश की थी।

कौन थे डॉ लुकमान जुबैर?
डॉ जुबैर ग्रिफिथ विश्वविद्यालय के कैंसर पर रिसर्च कर रहे थे और साल 2014 में वो इराक युद्ध के बाद इराक से भागकर ऑस्ट्रेलिया आ गये थे, जहां उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट बनने के लिए फिर से ट्रेनिंग लिया था। ग्रिफिथ विश्वविद्यालय में डॉ जुबैर के साथ काम करने वाले डॉक्टर निगेल मैकमिलन ने एबीसी रेडियो गोल्ड कोस्ट को बताया कि, डॉक्टर जुबैर "एक अच्छे सहयोगी, दोस्त और एक समर्पित वैज्ञानिक" थे। उन्होंने कहा कि, 'डॉक्टर जुबैर एक ऐसे बैकग्राउंड से आए थे, जो काफी कठोर था, लेकिन उन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया और कैंसर का इलाज खोजने की दिशा में काफी अहम योगदान दिया।'












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