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कुलभूषण जाधव को बचाने के लिए पाकिस्तान में बने नये कानून पर घमासान, विपक्ष ने इमरान खान को कहा गद्दार

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इस्लामाबाद, जून 11: पाकिस्तान में भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को लेकर बवाल मच गया है। दरअसल, बवाल मचा है इमरान खान सरकार द्वारा पास किए गये नये बिल को लेकर, जिसमें कहा गया है कि पाकिस्तान में पकड़े गये जासूसों को सिविल कोर्ट में अपील करने का अधिकार होगा, जिसमें खास तौर पर कुलभूषण जाधव के नाम को भी शामिल किया गया है, ऐसे में पाकिस्तान में बवाल मच गया है कि क्या इमरान खान भारत के डर से भारत के सामने लेट गये हैं और क्या सिर्फ कुलभूषण जाधव को बचाने के लिए ही तो नहीं पाकिस्तान में इस बिल को लाया गया है।

    Pakistan Kulbhushan Jadhav: झुकी Imran Khan Govt, Kulbhushan मिला अपील का अधिकार | वनइंडिया हिंदी
    कुलभूषण जाधव को बड़ी राहत

    कुलभूषण जाधव को बड़ी राहत

    दरअसल, पाकिस्तान की संसद के निचले सदन, जिसे नेशनल असेंबली कहा जाता है, उसमें एक नया बिल पास किया गया है। इमरान खान सरकार द्वारा पास किए गये इस पिल में कुलभूषण जाधव को भी सैन्य अदालत के फैसले के खिलाफ सिविल अदालत में अपील करने की मंजूरी दे दी गई है। पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने कुलभूषण जाधव को जासूसी का दोषी मानते हुए फांसी की सजा दे दी थी लेकिन उसके खिलाफ भारत अंतर्राष्ट्रीय कोर्ट पहुंच गया था और फिर कुलभूषण जाधव की फांसी की सजा पर रोक लगानी पड़ी थी। पाकिस्तान में निमयों के तहत अगर किसी को मिलिट्री कोर्ट से सजा मिल जाती है तो फिर वो सामान्य अदालतों में अपील नहीं कर सकता है, लेकिन अब इमरान खान सरकार ने देश की संसद में नया बिल पास करा लिया है, जिसमें मिलिट्री कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील करने का अधिकार दिया गया है। जिसको लेकर अंतर्राष्ट्रीय कोर्ट ने पाकिस्तान सरकार को जमकर फटकार लगाई थी और अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के दवाब में आकर इमरान खान सरकार ने नया कानून बनाया है, जिसपर पाकिस्तान में बवाल मच गया है।

    'मोदी का जो यार है...गद्दार है गद्दार है'

    'मोदी का जो यार है...गद्दार है गद्दार है'

    इमरान खान सरकार के इस कानून का पूरे पाकिस्तान में जमकर विरोध किया जा रहा है और विरोधियों ने इमरान खान को गद्दार कहना शुरू कर दिया है। जब पाकिस्तानी संसद में इस कानून को लेकर वोटिंग हो रही थी तो सदन में जबरदस्त हंगामा हो रहा था और स्पीकर को सदन की कार्रवाई तीन बार रोकनी पड़ी। लेकिन अंत में संसद से यह कानून 112-101 के बहुमत से पास हो गया। सदन में बिल पास होने के बाद विरोधी दल के नेता स्पीकर के डायस के पास जमकर प्रदर्शन करने लगे और जोर-जोर से नारेबाजी करने लगे। विरोधियों ने कहना शुरू कर दिया... 'मोदी का जो यार है, गद्दार है'। इसके साथ ही विरोधी दल के नेता 'कुलभूषण को फांसी दो' के नारे भी लगा रहे थे। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की पार्टी के सांसद अहसाल इकबाल ने कहा कि 'इमरान खान सरकार ने सिर्फ और सिर्फ कुलभूषण यादव को बचाने के लिए और सुरक्षित भारत भेजने के लिए नया कानून बनाया है'

    पाकिस्तान में कानून पर बवाल

    पाकिस्तान में कानून पर बवाल

    पाकिस्तान की पीपीपी पार्टी के नेता रज़ा परवेज असरफ ने इमरान खान सरकार के नये कानून पर कहा कि 'क्या इमरान खान सरकार भारत को ये मैसेज देना चाहती है कि कुलभूषण जादव को लेकर आधा पाकिस्तान, हिंदुस्तान के साथ है।' दरअसल, इस बिल को लेकर पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा था कि 'इस बिल का विरोध कर पाकिस्तान की विपक्षी पार्टियां कुलभूषण जाधव पर भारत के राय का समर्थन कर रही है'। वहीं, पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी यानि पीपीपी के चेयरमैन बिलावल भुट्टो ने सरकार को कोसते हुए कहा कि 'इमरान खान ने संसदीय व्यवस्था को रौंदते हुए भारतीय कुलभूषण जाधव को बचाने के लिए पहले अचानक से ऑर्डिनेंस पास किया और फिर संसद से बिल पास कराया है।' वहीं, पाकिस्तान के कानून मंत्री ने कहा कि 'इंटरनेशनल कोर्ट के फैसले को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इस बिल को पास किया है'। उन्होंने कहा कि 'मैं पाकिस्तान की विपक्षी पार्टियों का रवैया देखकर हैरान हूं। क्या उन्होंने इंटरनेशनल कोर्ट का ऑर्डर नहीं पढ़ा है, जिसमें पाकिस्तान को कहा गया था कि कुलभूषण जाधव को सजा के खिलाफ अपील करने का अधिकार आप दें'। उन्होंने कहा कि 'विपक्षी पार्टियां भारत के एजेंडे के हिसाब से काम कर रही हैं और भारत चाहता है कि इमरान खान को पाकिस्तान में गद्दार कहा जाए और लोगों ने इमरान खान को गद्दार कहना शुरू कर दिया है।'

    इंटरनेशनल कोर्ट ने क्या कहा था?

    इंटरनेशनल कोर्ट ने क्या कहा था?

    आपको बता दें कि कुलभूषण जाधन को फांसी देने के खिलाफ भारत सरकार ने इंटरनेशल कोर्ट में चुनौती दी थी। फैसले को चुनौती देते हुए भारत सरकार ने वर्ष 2017 में ही अंतरराष्ट्रीय न्यायालय का रुख किया था। इस मामले पर फैसला सुनाते हुए अंतरराष्ट्रीय अदालत ने जुलाई, 2019 में पाकिस्तान सरकार से कहा था कि वह कुलभूषण जाधव को दोषी ठहराए जाने और सजा देने के फैसले की प्रभावी समीक्षा व पुनर्विचार करे। इसके अलावा कोर्ट ने जाधव को बिना देने भारत द्वारा राजनयिक पहुंच देने का आदेश दिया था। अंतरराष्ट्रीय न्यायालय कोर्ट के फैसले के बाद अक्टूबर 2020 में पाकिस्तान संसदीय पैनल ने कुलभूषण जाधव की सजा की समीक्षा बिल को मंजूरी दे दी थी।

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    English summary
    There has been a ruckus in Pakistan over the law regarding Kulbhushan Jadhav. Opponents have called Imran Khan a traitor.
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