आत्महत्याएं नहीं रोक पाए तो लोकल अफसर होंगे जिम्मेदार, बढ़ते सुसाइड पर Kim Jong Un का अजीबोगरीब फरमान
उत्तर कोरिया का 'सनकी' तानाशाह किम जोंग अपने अजीबोगरीब फरमानों को लेकर पूरी दुनिया में चर्चाओं में रहता है। आए दिन वो अमेरिका को खुली चुनौती देता है। इस बीच अब किम जोंग का नया सीक्रेट ऑर्डर अधिकारियों के लिए परेशानी बन गया है।
हाल ही में किम जोंग उन ने रणनीतिक सहयोग के लिए रूस राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ हाथ बढ़ाया है। दूसरी तरफ उनके देश में भुखमरी और गरीबी के कारण सुसाइड के आंकड़े बढ़ गए हैं, जिसे लेकर अब तानाशाह ने अधिकारियों को नया आदेश दिया है।

आत्महत्याओं पर किम का आदेश
दरअसल, रेडियो फ्री एशिया से बात करने वाले सरकारी अधिकारियों के अनुसार उत्तर कोरिया के लीडर किम जोंग उन ने स्थानीय अधिकारियों को आत्महत्या पर कंट्रोल करने के लिए आदेश जारी किया है। क्योंकि देश में सुसाइड के आंकड़ों ने आसमान छू लिया है। सटीक आंकड़े तो अब तक सामने नहीं आ पाए हैं, क्योंकि प्योंगयांग के आंकड़ों पर गोपनीयता का पर्दा पड़ा हुआ है।
लगभग 40 फीसदी बढ़ गई सुसाइड
लेकिन मई में दक्षिण कोरियाई खुफिया विभाग ने अनुमान लगाया था कि उत्तर कोरिया में आत्महत्याएं पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 40 फीसदी बढ़ गई हैं। अब किम जोंग उन ने इन आत्महत्याओं को समाजवाद के खिलाफ देशद्रोह का कृत्य करार दिया है। इसी के साथ आदेश में चेतावानी देते हुए कहा गया है कि अगर स्थानीय अधिकारी अपने अधिकार क्षेत्र में लोगों को आत्महत्या करने से नहीं रोका तो उनके लिए उनको जवाबदेह ठहराया जाएगा।
बैठक में दिखाए गए आंकड़े
इधर, उत्तर कोरियाई प्रांतों में आपातकालीन बैठकों की इस आदेश का जिक्र किया गया था। उत्तरी हामग्योंग के पूर्वोत्तर प्रांत के एक अधिकारी ने रेडियो फ्री एशिया को बताया कि आदेश के अलावा आत्महत्याओं की संख्या पर डेटा भी दिया था और साथ ही पूरे परिवारों के खुद को मारने के कई उदाहरण भी दिए गए थे। अधिकारी ने दावा किया कि बैठक में शामिल होने वाले लोगों इससे हैरान थे।
गरीबी और भुखमरी के कारण दे रहे जान
रयांगगैंग के एक अन्य अधिकारी ने रेडियो फ्री एशिया को बताया कि समुदाय पर भुखमरी से ज्यादा आत्महत्या का प्रभाव पड़ रहा है। अधिकारी ने कहा, "महासचिव द्वारा आत्महत्या-रोकथाम नीति की पुष्टि के बावजूद, अधिकारी एक उचित समाधान के साथ आने में सक्षम नहीं थे। अधिकांश आत्महत्याएं अत्यधिक गरीबी और भुखमरी के कारण हुई थीं।" विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के 2019 के आंकड़ों के अनुसार उत्तर कोरिया में प्रति 1,00,000 लोगों पर 8.2 आत्महत्याएं हुई हैं।












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