सीरिया: सोशल मीडिया पर बच्चे कर रहे अपील, 'हमारी जान बचा लीजिए'
सीरिया के पश्चिमी घौटा में इन दिनों हालात काफी बुरे हैं। अब तक यहां पर करीब 600 लोगों की मौत हो चुकी हैं जिनमें कई बच्चे भी शामिल हैं। ताजा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अब यहां से लोगों ने अपना घर छोड़कर जा रहे हैं और यहां के हालातों को खतरनाक करार दे दिया गया है।
दमिश्क। सीरिया के पश्चिमी घौटा में इन दिनों हालात काफी बुरे हैं। अब तक यहां पर करीब 600 लोगों की मौत हो चुकी हैं जिनमें कई बच्चे भी शामिल हैं। ताजा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अब यहां से लोगों ने अपना घर छोड़कर जा रहे हैं और यहां के हालातों को खतरनाक करार दे दिया गया है। घौटा में साल 2013 से असद की सेना का जमावड़ा है और पिछले दो हफ्तों से असद की सेना की तरफ से यहां पर काफी बमबारी हो रही है। असद के प्रशासन की मानें तो यह बमबारी घौटा में मौजूद विद्रोहियों पर अंतिम प्रहार है। घौटा में हालात कितने खराब हैं इसका अंदाजा आपको सोशल मीडिया पर लग सकता है। घौटा के बच्चों ने यहां के कठिन हालातों के बारे में दुनिया को बताने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया है और अब बच्चे सोशल मीडिया पर आकर लोगों से जिंदगी की मदद मांग रहे हैं।

ट्विटर पर शेयर की कहानी
सीरिया के 15 वर्ष के मोहम्मद नजम ने कई ऐसे वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट कीं हैं जो आपको घौटा की डरा देने वाले हालातों से रूबरू कराने के लिए काफी हैं। नजम के वीडियो में घौटा के तबाह हो चुके घर और यहां की बिल्डिंग्स नजर आती हैं। वहीं नजम ने अपने दोस्तों और रिश्तेदारों की कुछ कहानियां भी अपने फेसबुक पेज पर शेयर की हैं। नजम की नई पोस्ट में उसने लिखा है कि उसका स्कूल अब रूस के राष्ट्रपति ब्लादीमिर पुतिन और असद के अपराधों का नया निशाना बना है। नजम दिसंबर 2017 में ट्टिवर पर आए थे और तब से ही वह लगातार फोटो और वीडियोज शेयर कर रहे हैं।

पुतिन और असद के अपराध जारी
फेसबुक और ट्विटर पर नजम ने लिखा है, 'हाय, मेरा नाम मोहम्मद नजम है। मैं 15 वर्ष का हूं और पश्चिमी घौटा में रहता हूं। मैं आपको असद की सेना की ओर से पश्चिमी घौटा में अंजाम दिए जा रहे हर घटनाक्रम के बारे में अपने फेसबुक और ट्विटर अकाउंट के जरिए बताऊंगा।' नजम की सभी पोस्ट यह बताने के लिए काफी हैं कि सीरिया का यह हिस्सा किस कदर तबाही की ओर बढ़ चुका है। मानवाधिकारों के नाम पर और शांति से रहने के विकल्प की जगह घौटा के लोगों पर सिर्फ अत्याचार किए जा रहे हैं।

10 वर्ष की नूर और अला भी
अपनी एक पोस्ट में नजम ने अपने दोस्त के बारे में बताया है जिसके परिवार की बमबारी में मौत हो गई है। इसके अलावा दो बहनों 10 वर्ष की नूर और आठ वर्ष की अला ने भी पश्चिमी घौटा की कहानी को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर बयां किया है। नूर और अला ने 19 फरवरी को अपनी पोस्ट में लिखा था, 'जो कोई भी हमें सुन रहा है हम उन्हें बताना चाहते हैं कि हमे खतरे में हैं, प्लीज देर हो जाए इससे पहले हमारी मदद करिए।' दोनों बहनों ने 22 फरवरी को एक वीडियो भी पोस्ट किया है जिसमें मलबे और धूल के बीच दोनों बहने मदद के लिए चिल्ला रही हैं। अला और नूर का घर घौटा में जारी बमबारी में खत्म हो चुका है।

असद ने कहा जारी रहेगी बमबारी
विश्व समुदाय की आपत्ति के बावजूद भी राष्ट्रपति बशर अल-असद ने स्पष्ट कहा है कि सीरिया के पश्चिमी घौटा पर बमबारी जारी रहेगी। विद्रोहियों ने पश्चिमी घौटा पर कब्जा करने के बाद राष्ट्रपति असद ने तीसरे सप्ताह भी सैन्य कार्रवाई को जारी रखने के आदेश दिए हैं। सीरियाई स्टेट टेलीविजन से बात करते हुए असद ने कहा कि संघर्ष विराम और कॉम्बेट आपरेशनों के बीच कोई विरोधाभास नहीं है। पिछले सोमवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा दिए गए पांच-घंटे के युद्धविराम का हवाला देते हुए, असद ने कहा कि इसका मतलब नागरिकों पर हो रहे हमले को रोकने से था।












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