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पृथ्वी के अलावा इस ग्रह पर जीवन की संभावना, बस 'रहस्यमयी झाड़ियों' का राज सुलझाना बाकी

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नई दिल्ली, 13 जुलाई: सौरमंडल के दूसरे ग्रहों पर लगातार जीवन की खोज की जा रही है। हाल ही में वैज्ञानिकों ने बृहस्पति ग्रह के चारों ओर लटके बाहरी हिस्सों में एक चंद्रमा को खोजा। जिसका नाम यूरोपा है। इसकी जांच में कुछ ऐसे अहम सबूत हाथ लगे हैं, जिनके आधार पर कहा जा सकता है कि यहां पर भविष्य में जीवन के लिए उपयुक्त स्थितियां हो सकती हैं।

बगीचे जैसी आकृति दिखी

बगीचे जैसी आकृति दिखी

वैज्ञानिकों के मुताबिक चंद्रमा की सतह के नीचे महासागर होते हैं। ऐसे में सतह पर हुए कई प्रभावी घटनाओं का मंथन किया गया। इसके अलावा वहां पर रेडिएशन के कारण उत्पन्न प्रभावों को भी देखा जा रहा है। इस सब तथ्यों को देखने के बाद वैज्ञानिक वहां पर जीवन की संभावना जता रहे हैं। वहीं दूसरी ओर नासा को यूरोपा पर एक बगीचे की आकार की आकृति दिखी है। अब ये पता लगाने की कोशिश की जा रही हैं कि ये झाड़ियों की आकार वाली चीजें क्या हैं। अगर ये झाड़ियां ही हैं, तो कैसे वहां पर उगीं।

कई गड्ढे और घाटियां

कई गड्ढे और घाटियां

नासा को कुछ अन्य तस्वीरें भी मिली हैं। जिसमें उसकी सतह पर प्राचीन गड्ढे, घाटियां और दरारें देखने को मिलीं। वैज्ञानिकों का मानना है कि अंतरिक्ष से आए कचरे की वजह से ये गड्ढे-घाटियां बनी होंगी। वैसे अभी यूरोपा की सतह पर तीव्र रेडिएशन भी है। वहीं सतह पर मोटी बर्फीली परत के नीचे नमकीन पानी का एक बड़ा सागर है। जिस वजह से जीवन की संभावनाएं काफी ज्यादा है। नासा के मुताबिक अगर किसी ग्रह की सतह के नीचे पानी रहता है, तो एक ना एक दिन वो बाहर निकलने का रास्ता खोज ही लेता है। इसके बाद जीवन के विकास की प्रक्रिया शुरू होती है।

गड्ढे ही जीवन का आधार

गड्ढे ही जीवन का आधार

वहीं यूरोपा की सतह पर करोड़ों छोटे-छोटे गड्ढे हैं, जिनकी गहराई करीब 12 इंच के आसपास है। अगर इसमें किसी तरह के केमिकल बायोसिग्नेचर मिलते हैं, तो जीवन की उत्पत्ति के रासायनिक सबूत मिल जाएंगे। अभी तक वहां के हालात ऐसे हैं कि हर चीज रेडिएशन की वजह से टूट जाती है। इसके बाद वो उन गड्ढों में चली जाती है। ऐसे में अगर वहां पर जीवन की उत्पत्ति से जुड़े कण मिलते हैं, तो वो विभाजित होकर गड्ढों में जाएंगे। वहीं से जीवन की उत्पत्ति हो सकती है।

एक सैटेलाइट कर रहा निगरानी

एक सैटेलाइट कर रहा निगरानी

यूरोपा पर जीवन को लेकर नासा काफी गंभीर है, जिस वजह से उनसे एक क्लिपर मिशन लॉन्च किया था। इसमें एक सैटेलाइट यूरोपा के चारों ओर चक्कर लगा रहा है। साथ ही उसकी तस्वीरें भी भेजता रहता है। इसके अलावा वो यान के लैडिंग के लिए जगह की भी तलाश कर रहा है, ताकि भविष्य में मशीनों के जरिए वहां से सैंपल इकट्ठा किया जा सके।

ब्लैक होल से निकलती हैं सुनामी की तरह लहरें, पहली बार नासा ने अद्भुत तस्वीर को किया कैदब्लैक होल से निकलती हैं सुनामी की तरह लहरें, पहली बार नासा ने अद्भुत तस्वीर को किया कैद

English summary
Jupiter moon Europa nasa evidence of life Clipper mission
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