पाकिस्तान में आतंकी हमले में कट्टरपंथी नेता हाफिज हमदुल्ला सहित 11 घायल, जुलाई में भी मारने की हुई थी कोशिश
पाकिस्तान के बलूचिस्तान के मस्तंग में गुरुवार को हुए एक विस्फोट में जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम फजल (JUI-F) नेता हाफिज हमदुल्ला सहित कम से कम 11 लोग घायल हो गए। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, विस्फोट एक वाहन के पास हुआ जिसमें हमदुल्ला और कई अन्य घायल हो गए
घटना स्थल पर पहुंचने के बाद पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर दी है। मस्तंग के डिप्टी कमिश्नर अब्दुल रज्जाक सासोली ने कहा कि जेयूआई-एफ नेता सहित तीन घायलों को क्वेटा के एक अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया है, हमदुल्ला की हालत खतरे से बाहर है।

जियो न्यूज से बात करते हुए जेयूआई-एफ के प्रवक्ता असलम गौरी ने कहा कि हमदुल्ला को चोटें आई हैं लेकिन उनकी हालत गंभीर नहीं है। गौरी ने कहा कि हमदुल्ला क्वेटा से कलात की ओर यात्रा कर रहे थे जब उन पर हमला हुआ।
यह पहली बार नहीं है जब जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम फजल के नेता हाफिज हमदुल्ला पर हमला हुआ है। इससे पहले 30 जुलाई को खैबर पख्तूनख्वा के एक इलाके में जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम फजल की एक रैली में बम धमाका हुआ था जिसमें 46 लोगों की मौत हो गई थी। इस हमले में 90 से अधिक लोग घायल हो गये थे।
उस वक्त रैली को हाफिज हमदुल्लाह संबोधित करने वाले थे, लेकिन वो किसी वजह से यहां पहुंच नहीं सके थे। हमले के बाद तब हाफिज हमदुल्लाह ने कहा था कि उन पर पहले भी इस तरह के हमले होते रहे हैं। इनकी गहराई से जांच होनी चाहिए।
आपको बता दें कि पाकिस्तान में जमीयत उलेमा इस्लाम फजल (JUI-F) एक कट्टर इस्लामी संगठन है। इस संगठन के तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और अफगान तालिबान से करीबी रिश्ते हैं। पाकिस्तान सरकार और तालिबान के बीच बातचीत कराने में भी जमीयत चीफ मौलाना फजल-उर-रहमान का अहम रोल था। हालांकि बाद में यह बातचीत नाकाम हो गई थी।
इस हमले में चरमपंथी इस्लामिक स्टेट समूह का हाथ होने की आशंका जताई है। पाकिस्तान में इस्लामिक स्टेट का स्थानीय सहयोगी इस्लामिक स्टेट इन खुरासान (ISIK) के नाम से जाना जाता है। यह 2015 से अफगानिस्तान और पाकिस्तान, दोनों में घातक हमलों में शामिल रहा है।












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