जो बाइडेन ने फेसबुक को जमकर लताड़ा, Facebook ने भी किया अमेरिकी राष्ट्रपति पर पलटवार
जो बाइडेन ने फेसबुक की जमकर आलोचना की है, जिसके बाद फेसबुक ने भी अमेरिकन राष्ट्रपति पर पलटवार किया है।
वॉशिंगटन, जुलाई 17: डोनाल्ड ट्रंप के बाद अब अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन भी फेसबुक से भिड़ गये हैं। कोरोना संक्रमण के दौरान शेयर की जा रही गलत जानकारी को लेकर जो बाइडेन ने फेसबुक को जमकर लताड़ लगाई है। लेकिन, फेसबुक भी अमेरिकन राष्ट्रपति से भिड़ गया है। जिसके बाद फेसबुक और जो बाइडेन के बीच तीखी तकरार शुरू हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा है कि सोशल मीडिया पर कोरोना से जुड़ी गलत जानकारी शेयर की जा रही है, जो लोगों की जान ले रही है।

फेसबुक वर्सेस जो बाइडेन
शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने फेसबुक को जमकर खरी-खोटी सुनाी है। जिसके बाद फेसबुक ने भी जो बाइडेन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जो बाइडेन के बयान के बाद फेसबुक ने बयान जारी करते हुए कहा कि फेसबुक कोरोना संक्रमण के दौरान सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा के लिए "आक्रामक कार्रवाई" कर रहा था। फेसबुक के प्रवक्ता केविन मैकएलिस्टर ने कहा कि, कंपनी उन आरोपों से विचलित नहीं होगी जो तथ्यात्मक नहीं हैं। कंपनी ने एक अलग बयान जारी करते हुए कहा कि, 'हमने कोरोना की गलत सूचना से जुड़े 18 मिलियन (1.80 करोड़) से ज्यादा पोस्ट डिलीट कर दिए हैं और बार-बार नियम तोड़ने वालों के अकाउंट भी बंद कर दिए हैं।''

अमेरिका में वैक्सीन लेने से इनकार
अमेरिका में एक बार फिर से कोरोना वायरस का ग्राफ बढ़ने लगा है और इन दिनों कोरोना से जुड़ी मौतें और संक्रमण बढ़ते ही जा रहे हैं। इसको लेकर स्वास्थ्य अधिकारियों ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि वैक्सीन नहीं लेने वाले ज्यादातर लोग ही कोरोना वायरस संक्रमण के शिकार हो रहे हैं। अमेरिका में लगभग 67.9% वयस्कों ने टीके की अपनी पहली खुराक प्राप्त कर ली है, जबकि 59.2% ने टीकाकरण पूरा कर लिया है। कई लोगों ने वैक्सीन लेने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि वह इसमें विश्वास नहीं करते।

फेसबुक पर गलतफहमी फैलाने का आरोप
व्हाइट हाउस इन दिनों सोशल मीडिया कंपनियों पर वैक्सीनेशन को लेकर फैल रही अफवाहों को रोकने का दबाव बढ़ा रहा है। इससे पहले शुक्रवार को व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव जेन साकी ने कहा कि फेसबुक और अन्य प्लेटफॉर्म टीकों के बारे में गलत सूचना के प्रसार को रोकने के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने कुछ जरूरी कदम उठाए हैं, लेकिन और भी बहुत कुछ किया जा सकता था।

जुकरबर्ग, पिचाई और जैक डोर्सी से पूछताछ
इसी साल मार्च में एक रिपोर्ट में कहा गया था कि, वैक्सीनेशन के खिलाफ बोलने वाले, या वैक्सीनेशन के खिलाफ अभियान चलाने वालों लोगों के फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और ट्विटर पर लगभग 6 करोड़ फॉलोवर्स थे। और ऐसे लोग या ऐसे पेज से वैक्सीनेशन को लेकर काफी ज्यादा गलत जानकारियां लोगों तक पहुंचाई गई और वैक्सीनेशन को लेकर डर का माहौल तैयार किया गया। ऐसे पेज से वैक्सीनेशन के साइड इफेक्ट्स को लेकर गलत जानकारियों को फैलाया गया या फिर तथ्यों को गलत तरीके से पेश किया गया। इस संबंध में अमेरिकी संसद यानि कांग्रेस में फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग, गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई और ट्विटर के सीईओ जैक डोर्सी से पूछताछ की गई। तब तीनों सीईओ ने कहा कि वे गलत सूचना को रोकने के लिए कदम उठा रहे हैं।












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