जो बाइडेन बोले- 'पुतिन हमलावर हैं, अब वह और उनका देश परिणाम भुगतेंगे'
वॉशिंगटन, 25 फरवरी: यूक्रेन पर हमले के बाद अमेरिका समेत दुनिया के कई देशों ने रूस पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं। इसी बीच गुरुवार रात अमेरिका राष्ट्रपति ने रूस पर और कड़े प्रतिबंधों का ऐलान किया। राष्ट्र को संबोधित करते हुए जो बाइडेन ने कहा कि, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने युद्ध को चुना है और अब वह इसका परिणाम भुगतेंगे। हम G-7 देश मिलकर रूस को जवाब देंगे। VTB सहित रूस के 4 और बैंकों पर प्रतिबंध लगाए जाएंगे। अमेरिका और उसके सहयोगी चार बड़े रूसी बैंकों की संपत्ति को ब्लॉक कर रहे हैं और निर्यात पर प्रतिबंध लगा रहे हैं।

जो बाइडेन ने कहा कि, यूक्रेन पर रूस का हमला सुनियोजित है। हाल ही के प्रतिबंधों के चलते रूसी शेयर बाजार में आज गिरावट हुई है। प्रतिबंधों का असर देर से होता है पर तगड़ा होता है और ये रूस महसूस करेगा। अमेरिका में उनकी हर संपत्ति बंद हो जाएगी। हम रूस के हाई-टेक आयात में कटौती करेंगे। रुस आगे से डालर, पाउंड, यूरो आदि में अपना कारोबार नहीं कर पाएगा इस तरह का प्रतिबंध हम लगाने जा रहे हैं।
बाइडेन ने कहा कि, पुतिन हमलावर हैं, पुतिन ने इस युद्ध को चुना और अब वह और उसका देश परिणाम भुगतेगा। बाइडेन ने कहा कि यूक्रेन में हमारी सेना जंग के लिए नहीं जाएंगी। नाटो के सभी देशों को हमारा समर्थन रहेगा। ये हम सबके लिए एक ख़तरनाक समय है। निर्यात नियंत्रण रूस के उच्च-तकनीकी आयात के आधे से अधिक को बंद किया जाएगा। हम रूस के साइबर हमले का जवाब देने के लिए तैयार हैं।
बाइडेन ने कहा कि, अमेरिका और उसके सहयोगी चार बड़े रूसी बैंकों की संपत्ति को ब्लॉक कर रहे हैं और निर्यात पर प्रतिबंध लगा रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा है कि तेल कंपनियां दाम नहीं बढ़ाएंगी। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त बैरल तेल छोड़ेगा अमेरिका, हम आजादी के लिए खड़े हैं। इसके साथ ही बाइडेन ये साफ कर दिया कि रूस के राष्ट्रपति पुतिन से बात करने की मेरी कोई योजना नहीं है। वह पूर्व सोवियत संघ को फिर से स्थापित करना चाहते हैं। मुझे लगता है कि उनकी महत्वाकांक्षा उस जगह के बिल्कुल विपरीत है जहां इस समय हम हैं।
बाइडेन ने कहा कि, यूक्रेन पर रूसी सैन्य कार्रवाई का सामना करने के लिए अमेरिका नाटो को मजबूत करने के लिए जर्मनी में अतिरिक्त बल तैनात कर रहा है। अमेरिकी सेना "नाटो क्षेत्र के हर इंच की रक्षा पूरी ताकत से करेगी। जो बाइडेन से पूछा गया कि, क्या भारत संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ है तो उन्होंने कहा कि, हम आज भारत के साथ परामर्श करने जा रहे हैं, हमने इसे पूरी तरह से हल नहीं किया है।












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