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चीन के BRI प्रोजेक्ट को काउंटर करेगा अमेरिका, ब्रिटेन ने बाइडेन के प्लान का किया समर्थन, भारत आएगा साथ !

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वाशिंगटन: चीन के खिलाफ अमेरिका ने रणनीतिक लड़ाई का ऐलान पहले ही कर दिया है लेकिन अब चीन को उसी की भाषा में जबाव देने की तैयारी भी अमेरिका शुरू करने वाला है और इसमें भारत प्रमुख भूमिका निभा सकता है। भारत के अलावा विश्व की कई बड़ी शक्तियां भी इस प्रोजेक्ट में शामिल हो सकती हैं। इस प्रोजेक्ट के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने पहल भी शुरू कर दी है।

चीन को मुंहतोड़ जबाव

चीन को मुंहतोड़ जबाव

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने चीन के खिलाफ दुनिया की तमाम लोकतांत्रिक देशों को एक साथ आने का आह्वान किया है। और फिर चीन को मुंहतोड़ जबाव दिया जाएगा। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने चीन के अरबों अरब डॉलर के मेगा प्रोजेक्ट बेल्ड इन रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर इनीशिएटिव को टक्कर देने के लिए ऐसे ही एक प्रोजेक्ट लाने की वकालत की है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने शुक्रवार को कहा है कि उन्होंने अपने इस प्रपोजल के बारे में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन से भी बात कर ली है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि चीन लगातार उइगर मुस्लिमों को टॉर्चर कर रहा है, और इसे लेकर भी ब्रिटेन के प्रधानमंत्री से उन्होंने बात की है। इसके अलावा अमेरिकी राष्ट्रपति ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री से बात करने के बाद कहा कि ‘मैंने उन्हें (बोरिस जॉनसन) को कहा है कि हम लोगों को भी एक ऐसे ही प्रोजेक्ट की शुरूआत करनी चाहिए जिसमें तमाम लोकतांत्रिक देश शामिल हों और इसके तहत उन समुदायओं की मदद करनी चाहिए, जिन्हें वास्तविक तौर पर मदद की जरूरत हो'

चीन का खतरनाक प्रभाव

चीन का खतरनाक प्रभाव

अमेरिका जानता है कि पिछले कुछ सालों में चीन ने अरबों डॉलर का कर्ज छोटे देशों में बांटा है और इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास के नाम पर छोटे देशों पर काफी ज्यादा प्रभाव बनाने में कामयाब रहा है, जो क्षेत्रीय शक्तियों के अलावा वेस्टर्न नेशंस को भी खतरा है। चीन ने पिछले कुछ सालों में मदद के नाम पर छोटे देशों में विकास के कई काम किए हैं, जैसे रेलवे का निर्माण, बांधों का निर्माण और बंदरगाहों के निर्माण कराए हैं। विकास के नाम पर शी जिनपिंग ने छोटे देशों को अरबों डॉलर का कर्ज दिया है, जिसे चुकाना अब उन छोटे देशों के लिए नामुमकिन है। हालांकि, इसी मदद ने चीनी बैंकों की स्थिति भी खराब कर दी है। और पिछले महीने आई एक रिपोर्ट के मुताबिक चीन का बीआरआई प्रोजेक्ट फिलहाल फंस गया है।

चीन को जबाव देने की प्लानिंग

चीन को जबाव देने की प्लानिंग

अमेरिका और ब्रिटेन जल्द से जल्द चीन को सख्त जबाव देने के लिए कार्ययोजना पर काम कर रहे हैं। माना जा रहा है कि अमेरिका और ब्रिटेन चीन के शिनजियांग में उइगर मुस्लिमों के साथ अत्याचार को लेकर कार्रवाई करने को लेकर एकमत हैं। वहीं, यूरोपीय यूनियन, ब्रिटेन, कनाडा, और अमेरिका ने शिनजियांग प्रांत के कई अधिकारियों पर प्रतिबंध लगा दिया है। इन अधिकारियों पर शिनजियांग प्रांत में उइगर मुस्लिमों को प्रताड़ित करने के आरोप हैं। वहीं, चीन ने शिनजियांग मामले को चीन का आंतरिक मामला बताया है और कई दखलअंदाजी के आरोप में कई ब्रिटिश अधिकारियों के ऊपर प्रतिबंध लगा दिया है। चीन ने कहा है कि ये ब्रिटिश अधिकारी चीन के खिलाफ ‘बदनाम करने वाले' और गलत जानकारियां फैला रहे थे। वहीं, चीन लगातार छोटे देशों को धमकी भी दे रहा है, लिहाजा अमेरिका चाहता है कि दुनिया के लोकतांत्रिक देश मिलकर क्यों ना एक ऐसे महाप्रोजेक्ट पर काम करें, जिससे चीन को सीधे तौर पर रोका जा सके। माना जा रहा है कि अगर अमेरिका ऐसा प्रोजेक्ट लॉन्च करता है तो उसमें भारत अहम भूमिका निभा सकता है।

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English summary
To stop China, the US can also bring a super project like the BRI project. For this, Joe Biden has started the initiative.
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