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जापान की मैगजीन ने बताया पार्टी में लड़कियों के साथ रिलेशन बनाने में कौन सी यूनिवर्सिटी बेस्‍ट, मचा बवाल !

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टोक्‍यो। मंगलवार को जापानी की एक मैगजीन को अपने एक आर्टिकल के लिए माफी मांगनी पड़ी है। इस आर्टिकल में वीमेन यूनिवर्सिटीज को रैंकिंग दी गई है। यह रैंकिंग इस आधार पर थी कि किस यूनिवर्सिटी के स्‍टूडेंट को किसी पब में होने वाली पार्टी में सेक्‍स के लिए राजी करना कितना आसान है। यह लिस्‍ट 25 दिसंबर को मैगजीन में पब्लिश हुई थी और इसकी वजह से इसे ऑनलाइन आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। इसके साथ ही एक महिला ने इस मैगजीन के खिलाफ एक कैंपेन शुरू कर दिया था। यह भी पढ़ें-जापानी अरबपति युसाकू माइजावा की ट्वीट सबसे ज्‍यादा बार री-ट्वीट

मांगनी पड़ी माफी

मांगनी पड़ी माफी

इस वीकली मैगजीन का नाम स्‍पा है। इस आर्टिकल के खिलाफ जो ऑनलाइन कैंपेन शुरू किया गया उसमें मैगजीन से माफी मांगने और बिक्री रोकने की मांग की गई थी। इस ऑनलाइन पीटिशन को मंगलवार तक 28,000 से ज्‍यादा लोगों का सपोर्ट मिल गया था।change.org नामक प्‍लेटफॉर्म से शुरू की गई इस मुहिम में आर्टिकल को महिलाओं का असम्‍मान करने वाला और उन्‍हें एक वस्‍तु के तौर पर दिखाने वाला करार दिया गया था। मैगजीन के एडीटोरियल डिपार्टमेंट ने न्‍यूज एजेंसी एएफपी के साथ बातचीत में कहा है, 'हम इस तरह की संवेदनशील भाषा का प्रयोग करने के लिए माफी मांगते हैं जिसमें बताया गया है कि रीडर महिलाओं के साथ कैसे इंटीमेट हो सकते हैं।

डेटिंग एप के डेवलपर का इंटरव्‍यू

डेटिंग एप के डेवलपर का इंटरव्‍यू

इस मैगजीन का यह आर्टिकल एक तरह की प्रैक्टिस पर था जिसे 'ग्‍यारानोमी' कहते हैं। इसका मतलब है उस तरह की ड्रिकिंग पार्टीज जहां पर आने वाले पुरुष महिलाओं को पार्टी में शामिल होने के लिए पेमेंट करते हैं। इस आर्टिकल में कहा गया था कि से पार्टियां कॉलेज जाने वाली छात्राओं के बीच काफी पॉपुलर हैं। आर्टिकल में एक ऐसी एप के डेवलपर का इंटरव्‍यू भी था जिसे पुरुषों और महिलाओं को उनके संभावित पार्टनर तलाशने के लिए डेवलप किया गया था। मैगजीन की ओर से कहा गया था कि यह लिस्‍ट डेवलपर की ओर से दी गई जानकारी पर आधारित थी।

महिलाओं की कमजोर स्थिति

महिलाओं की कमजोर स्थिति

आर्टिकल की ओर से जारी बयान में कहा गया है, 'ऐसा मुद्दा जिसमे सेक्‍स का जिक्र हो, एक मैगजीन के तौर पर हम कई विचारों को सुन सकते हैं।' इस बारे में कोई भी इशारा फिलहाल मैगजीन की तरफ से नहीं किया गया है कि इस इश्‍यू को हटाया जाएगा या नहीं। जापान को महिलाओं के राजनीति और बिजनेस में प्रतिनिधित्‍व के मामले में जी7 देशों की लिस्‍ट में सबसे नीचे रखा गया है। जहां दुनियाभर में #MeToo आंदोलन में महिलाओं ने आवाज उठाई तो जापान में इसे पूरी तरह से दबा दिया गया। शिक्षा के क्षेत्र में भी जापान में महिलाओं का प्रतिनिधित्‍व बहुत कम है और आंकड़ा सिर्फ 30 प्रतिशत ही है।

English summary
Japanese tabloid magazine ranked women universities articles on how to make love in pub.
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