• search
क्विक अलर्ट के लिए
अभी सब्सक्राइव करें  
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

सलाम कीजिए: स्पेस में शक्तिशाली बनने की लड़ाई, ISRO निकला काफी आगे, मिलेंगी कई Good News

|

नई दिल्ली/वाशिंगटन: सितंबर 2019 में भारत अंतरिक्ष की दुनिया में इतिहास रचने से भले एक कदम दूर रह गया हो और भले ही भारत का अंतरिक्षयान चांद के दक्षिणी ध्रूव पर नहीं उतर पाया हो मगर 2021 में भारत ने कई ऐसे मिशन को लॉन्च करने वाला है, जो उसे अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के बराबर ला देगा। नासा के बराबर इसलिए, क्योंकि इसरो जितने कम बजट में काम करता है, उतना बजट नासा के एक मिशन के लिए होता है। बावजूद इसके इसरो अंतरिक्ष में कामयाबी के नये नये अध्याय लिख रहा है।

अंतरिक्ष की ‘लड़ाई’

अंतरिक्ष की ‘लड़ाई’

इस वक्त विश्व के तमाम बड़े देश अंतरिक्ष में अपनी बादशाहत बनाने के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं। चाहे अमेरिका हो या फिर रूस या फिर चीन या जापान...हर कोई अंतरिक्ष में वक्त रहते अपना वर्चस्व बना लेना चाहता है। ऐसे में भारत के लिए भी अंतरिक्ष बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है। और इस काम को आगे बढ़ा रहे हैं इसरो के चेयरमैन के सिवन। विश्व के तमाम देशों के बीच अंतरिक्ष में अपना जगह बनाने की होड़ लगी है और के सिवन के नेतृत्व में इसरो इस साल कई ऐसे मिशन लॉन्च करने वाला है, जो इसरो को विश्व के स्पेस मिशन में आगे ला देगा। इसरो इस साल स्पेस में मानवरित और मानव के साथ कई मिशन लॉन्च करने जा रहा है और इसका पूरा श्रेय जाता है इसरो के चेयरमैन के सिवन और उनकी टीम को।

अंतरिक्ष मिशन में भारत टॉप-5

अंतरिक्ष मिशन में भारत टॉप-5

के सिवन के नेतृत्व में भारत का स्पेस मिशन और इसरो विकसित देशों की कतार में खड़ा हो गया है। अमेरिका, रूस, चीन जैसे देशों की पंक्ति में भारत है और अंतरिक्ष में भारत के लिए नये नये अवसरों की तलाश कर रहा है, जिसका फायदा भविष्य में भारत को मिलेगा। इसरो की नई लड़ाई दुनिया में बेस्ट बनने की है। इसरो मंगलयान मिशन कामयाबी के साथ अंजाम दे चुका है और अब भारत लुनार मिशन यानि चंद्रयान-2 और गगनयान पर काम कर रहा है। इसरो अभी तक 111 स्पेसक्राफ्ट मिशन, 79 लॉन्च मिशन को कामयाबी के साथ अंजाम दे चुका है और आने वाले वक्त में कई ऐसे मिशन पर काम कर रहा है, जिसपर दुनिया के किसी भी देश में काम नहीं चल रहा है।

पीएसएलवी-सी-51 मिशन

पीएसएलवी-सी-51 मिशन

इस साल की शुरूआत में ही भारत ने सबसे बड़े मिशन को कामयाबी के साथ अंजाम दिया है। भारत ने फरवरी महीने में श्रहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केन्द्र से पीएसएलवी-सी-51 मिशन को कामयाबी के साथ लॉन्च किया है। पीएसएलवी-सी-51 अमेजोनिया-1 और दूसरे 18 सैटेलाइट को लेकर अंतरिक्ष में गया है। जिसमें ब्राजील का अमेजोनिया-1 उपग्रह भी शामिल था। भारत का यह मिशन ब्राजील के लिए बेहद जरूरी था और ब्राजील के टीवी चैनल लगातार लाइव कवरेज कर रहे थे। मिशन के कामयाब होने के बाद इसरो के चेयरमैन के सिवन ने कहा था कि ये मिशन भारत और ब्राजील दोनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और ये गर्व का विषय है।

इसरो का मिशन मंगलयान-2

इसरो का मिशन मंगलयान-2

भारत अपना सबसे महत्वपूर्ण मिशन मंगलयान-2 यानि ऑर्बिटर मिशन-2 इस साल अंत में या नये साल की शुरूआत में लॉन्च करने वाला है। ये मिशन भारत की प्रतिष्ठा के साथ जुड़ा हुआ है। इस मिशन के मुताबिक मंगल ग्रह पर भारत एक और आर्बिटर मिशन भेजेगा। भारत पहले ही एक ऑर्बिटर मंगल ग्रह की कक्षा में कामयाबी के साथ भेज चुका है। भारत का वो पहला मिशन मंगलयान था। यह किसी दूसरे ग्रह पर पहुंचने वाला भारत का पहला स्पेश मिशन था जिसके बारे में इसरो चेयरमैन के सिवन ने कहा था कि भारत का मंगल ग्रह अभियान चंद्रयान-3 के बाद शुरू होगा।

इसरो का मिशन विक्रम-1

इसरो का मिशन विक्रम-1

इस साल दिसंबर में इसरो एक और कामयाबी हासिल करने जा रहा है। भारत पहली बार प्राइवेड डिजाइन्ड रॉकेट को अंतरिक्ष भेजने वाला है। भारत का महत्वपूर्ण मिशन इस साल अंत में कामयाब होगा। विक्रम-1 मिशन का वक्त काफी करीब आ चुका है। स्काइरूट एयरोस्पेस ने विक्रम-1 को बनाया है। इससे पहले स्काइरूट एयरोस्पेस ने कलाम-5 डिमॉन्सट्रेटर मिशन में कामयाबी हासिल की है, जिसके तहत सॉलिड रॉकेट प्रोपॉल्शन को कामयाबी के साथ फायर टेस्ट किया गया है। जिसके बाद वैज्ञानिकों में काफी उत्साह है और अब इसरो इसके बड़े मॉडल को लॉन्च करने पर काम कर रहा है और इस साल अंत तक इसरो इसे लॉन्च करने वाला है।

एसएसएलवी डी-1 मिनी रॉकेट

एसएसएलवी डी-1 मिनी रॉकेट

भारत का गर्व इसरो इस साल न्यू जेनरेशन मिनि रॉकेट एसएसएलवी लॉन्च करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। इसरो का ये पहला मिनि रॉकेट कॉम्पैक्ट लॉन्च मिशन है, जिसे ऑर्बिट में भेजा जाएगा। इसके साथ ही इसरो विश्व के स्मॉल सैटेलाइट सर्विस मार्केट में भी शामिल हो जाएगा। अगले महीने अप्रैल में भारत स्मॉल सैटेलाइट को लॉन्च करेगा।

इसरो का मिशन गगनयान

इसरो का मिशन गगनयान

गगनयान मिशन इसरो और भारत दोनों के लिए बेहद गर्व करने वाला मिशन है। इस मिशन के तहत इसरो अंतरिक्ष में तीन वैज्ञानिकों को भेजने वाला है। अंतरिक्ष में जाने वाले वैज्ञानिकों की ट्रेनिंग जारी है। गगनयान मिशन की शुरूआत इसरो ने 2006 में ही शुरू की थी और 2008 में इसरो ने डिजाइन को फाइनल किया था। इस मिशन के तहत 3 टन के कैप्यूल में अंतरिक्ष में तीन वैज्ञानिक भेजे जाएंगे जो अलग अलग ऑर्बिट में जानकारियां हासिल करेंगे। अंतरिक्ष में ये मिशन सात दिनों तक चलेगा और भारत के इस मिशन पर पूरी दुनिया की नजर है। इसके साथ ही भारत शुक्रयान मिशन पर भी काम कर रहा है। लिहाजा, इसरो पर गर्व करिए और इसरो चेयरमैन के सिवन को सलाम करिए...जिन्होंने अपनी मेहनत और नेतृत्व से इसरो को विश्व में अग्रणी बना दिया है।

फंस गया Xi Jinping का ड्रीम BRI प्रोजेक्ट, भारत को घेरने के चक्कर में अपने ही जाल में उलझा चीनफंस गया Xi Jinping का ड्रीम BRI प्रोजेक्ट, भारत को घेरने के चक्कर में अपने ही जाल में उलझा चीन

English summary
ISRO is about to launch several important missions this year. ISRO has taken a big step towards becoming powerful in space.
देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X