Israel-Iran War: ईरान ने दुबई के मशहूर Palm Jumeirah पर किया हमला, कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी ड्रोन अटैक
मध्य पूर्व में गहराते सैन्य तनाव के बीच दुबई के मशहूर मानव-निर्मित द्वीप Palm Jumeirah पर जोरदार धमाके की खबर ने क्षेत्र में दहशत फैला दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ईरान के जवाबी हमलों के बीच द्वीप पर स्थित इस होटल से आग की लपटे और घना काला धुआं उठता देखा गया और कई एंबुलेंस घटनास्थल की ओर दौड़ती नजर आईं। दुबई प्रशासन ने पुष्टि की है कि आग पर काबू पा लिया गया है और चार लोग घायल हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार आग पर काबू पा लिया गया है और चार लोग घायल हुए हैं।

दुबई एयरपोर्ट पर उड़ानें निलंबित
एहतियात के तौर पर Dubai International Airport (DXB) और Al Maktoum International Airport (DWC) पर सभी उड़ानों का संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। यात्रियों को एयरपोर्ट न आने और अपनी एयरलाइंस से संपर्क करने की सलाह दी गई है।

कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ड्रोन हमला
दुबई के अलावा कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ड्रोन हमला हुआ, जिसमें कर्मचारियों को मामूली चोटें आईं। अबू धाबी में मिसाइल हमले के बाद गिरे मलबे से एक नागरिक की मौत की पुष्टि हुई। जॉर्डन ने अपने क्षेत्र की ओर दागी गई दो बैलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराने का दावा किया है, हालांकि मलबे से कुछ इलाकों में नुकसान हुआ है।
यूरोपीय नेताओं ने क्या कहा?
ब्रिटिश प्रधानमंत्री Keir Starmer ने कहा कि ब्रिटेन के विमान क्षेत्रीय रक्षा अभियानों में सक्रिय हैं। फ्रांसीसी राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने चेतावनी दी कि मौजूदा टकराव के वैश्विक सुरक्षा पर गंभीर परिणाम हो सकते हैं। जर्मन चांसलर Friedrich Merz सहित यूरोपीय नेताओं ने ईरान से संयम बरतने और वार्ता बहाल करने की अपील की है।
यूक्रेन समेत कई देशों ने ईरान की निंदा
यूक्रेन समेत कई देशों ने ईरान की भूमिका की आलोचना की है। साइप्रस ने क्षेत्र से यूरोपीय नागरिकों की निकासी के लिए अपनी आपात योजना सक्रिय कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द कूटनीतिक समाधान नहीं निकला तो यह टकराव व्यापक क्षेत्रीय संकट में बदल सकता है।
अमेरिका का सख्त रुख
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि अमेरिका का उद्देश्य ईरानी शासन से आसन्न खतरों को खत्म करना और उसे परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है। उन्होंने ईरानी जनता से शासन परिवर्तन का आह्वान भी किया।
ईरान ने क्या कहा?
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा कि तेहरान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन हमलों का जवाब "आत्मरक्षा" में दिया जा रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि यदि आक्रामकता रुकी तो ईरान भी अपनी कार्रवाई रोक देगा।












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