इज़राइल-हमास युद्ध: गाजा में मृतकों की संख्या 40 हजार पार, सड़कें व खेल मैदान बने अस्थायी कब्रिस्तान
Why did Israel fight Hamas? 10 माह से जारी इज़राइल-हमास युद्ध के कारण गाजा इलाके में मरने वालों की संख्या 40 हजार पार हो गई है। अब तक 85 प्रतिशत से ज्यादा आबादी ने अपने घर छोड़ दिए।
इज़राइल-हमास के बीच बीते 10 माह से चल रहे युद्ध की वजह से हजारों लोग बेमौत मारे गए हैं। मैदान ही नहीं बल्कि सड़कें भी कब्रिस्तान में तब्दील हो चुकी हैं। लोगों को दफनाने के लिए जगह कम पड़ रही है। पुरानी कब्रों पर नई कब्र खोदी जा रही है।

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार हमास शासित क्षेत्र में 10 महीने से चल रहे इज़राइल-हमास युद्ध की शुरुआत से लेकर अब मरने वालों की संख्या 40 हजार को पार कर गई है। भूमि का छोटा का टुकड़ा गाजा पट्टी अब शवों से अटा पड़ा है। 85 फीसदी लोग तो यहां से अपने घर तक छोड़कर चले गए।
गाजा पट्टी में स्थिति इस कदर भयावह है कि परिवार हमलों से बचने के बार-बार जगह बदलने को मजबूर हैं। लोग घरों के पीछे, पार्किंग स्थल, सीढ़ियों के नीचे और सड़क किनारे जहां जगह मिल रही, वहीं पर अपनों के शवों के दफना दे रहे हैं। सोशल मीडिया में इसके वीडियो भी खूब वायरल हो रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि 7 अक्टूबर 2024 को हमास के नेतृत्व वाले आतंकवादियों द्वारा इज़राइली सीमा पार करने के बाद इज़राइल ने गाजा को तबाह करने के मकसद से हमले शुरू किए थे, जो अब तक जारी हैंद्य। इज़राइल हमास को पूरी तरह से नष्ट करना चाहता है।
हमास के आतंकियों ने पिछले साल दक्षिणी इजराइल पर हमला किया, जिसमें लगभग 1200 (अधिकांश नागरिक थे।) लोग मारे गए। आतंकियों ने करीब 250 लोगों को बंधक बना लिया था। इनमें 15 महिलाएं और पांच साल से कम उम्र के दो बच्चे भी शामिल थे।
इजराइल तो यह भी दावा करता है कि वह अपने हमलों को आतंकवादियों तक सीमित रखता है। गाजा में नागरिकों की मौत के लिए खुद हमास को दोषी ठहराता है। यह कहते हुए कि आतंकवादी सुरंगों से सजे आवासीय इलाकों से काम करते हैं। इस जंग में अब तक 329 इज़राइली सैनिक भी मारे गए हैं।












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