इजराइल ने गाजा के दूसरे सबसे बड़े शहर को खाली करने के दिए आदेश, दुनिया से हमास का नामोनिशान मिटाने का ऐलान
Israel-Hamas War: इजराइल ने गाजा पट्टी के दूसरे सबसे बड़े शहर के हिस्से में रहने वाले लोगों से सोमवार को खाली करने का आदेश जारी किया है। इसके साथ ही, इजराइल ने पूरे गाजा पट्टी में हमास के खिलाफ ग्राउंड
ऑपरेशन शुरू करने का ऐलान कर दिया है और ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, अब पूरे गाजा पट्टी में हमास के ठिकानों पर या तो इजराइली सैनिक बमबारी कर रहे हैं, या फिर जमीनी लड़ाई लड़ रहे हैं।
इजरायली सेना ने गाडा पट्टी के दूसरे सबसे बड़े शहर खान यूनुस के उत्तरपूर्वी हिस्से के आस-पड़ोस के लोगों को अपनी सुरक्षा के लिए वहां से चले जाने का आदेश दिया है औरर उन्हें सुदूर दक्षिण के इलाकों में जाने का निर्देश दिया है।

आपको बता दें, कि खान यूनिस दक्षिणी गाजा में स्थिति है, जहां हजारों-हजार नागरिक पहले ही उत्तरी गाजा से भागकर पहुंचे थे, क्योंकि इज़राइल ने पहले गाजा एन्क्लेव के उत्तरी हिस्से में हमास के खिलाफ अपना अभियान शुरू किया था।
इज़राइल ने लोगों को उन क्षेत्रों से भागने के लिए कई दौर की चेतावनियां जारी की हैं, जहां बाद में इजराइली सैनिकों ने भारी बमबारी की, जिसके लिए उसे संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों की आलोचना का भी सामना करना पड़ा है, जो कहते हैं, कि गाजा में अविश्वसनीय बिजली और इंटरनेट की स्थिति टूटने के कारण लोगों के लिए जानकारी तक पहुंच मुश्किल हो जाती है।
पूरी गाजा पट्टी में इजराइली ऑपरेशन
इजराइल ने 7 अक्टूबर को हमास हमले के बाद उत्तरी गाजा पट्टी में बमबारी शुरू की थी और उत्तरी गाजा पट्टी के लोगों को दक्षिणी गाजा पट्टी में जाने के लिए कहा था। लेकिन, अब इजराइल ने जमीनी अभियान को पूरे गाजा पट्टी में शुरू कर दिया है। दक्षिणी इजराइल, जहां ज्यादातर शरणार्थी शिविर मौजूद हैं, उन इलाकों की स्थिति और भी ज्यादा खराब होने की आशंका बढ़ गई है, क्योंकि अब उन क्षेत्रों में भी इजराइली ऑपरेशन शुरू होने की संभावना है, लिहाजा दक्षिणी गाजा में तीव्र लड़ाई से मानवीय सहायता के प्रवाह पर असर पड़ेगा, जो मिस्र के साथ दक्षिणी सीमा के माध्यम से आती है।
संयुक्त राष्ट्र ने भी गाजा में मानवीय स्थिति के बारे में चेतावनी दी है, जहां अनुमानित 80% आबादी अपने घरों से विस्थापित हो गई है और कई लोग भीड़भाड़ वाले आश्रयों में रह रहे हैं।
इज़रायली सेना ने सोमवार को कहा, कि उसने रात भर में हमास के 200 ठिकानों पर हमला किया, जिसमें उत्तरी गाजा में स्कूलों के अंदर स्थित आतंकवादी अभियान स्थलों को नष्ट करना भी शामिल है। इज़राइल ने हमास पर अस्पतालों और अन्य नागरिक क्षेत्रों में और उसके नीचे खुद को स्थापित करने और आम नागरिकों को सुरक्षा ढाल की तरह इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है।

दूसरी तरफ, ऐसी भी रिपोर्ट है, कि जो लोग क्षेत्र से बाहर निकलना चाह रहे हैं, उन्हें हमास के आतंकी रोक रहे हैं, क्योंकि इससे उनका मानव ढाल खत्म हो जाएगा और फिर उन्हें इजराइली गोली का सामना करना पड़ेगा।
हमास संचालित गाजा स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, शुक्रवार की सुबह एक सप्ताह तक चले इजराइल-हमास संघर्ष विराम के टूटने के बाद से कम से कम 300 फिलिस्तीनी मारे गए हैं, जिससे अक्टूबर में हमास के हमले के बाद से गाजा में मरने वालों की संख्या 15,200 से ज्यादा हो गई है और 40,000 से अधिक घायल हो गए हैं। गाजा में स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है, कि पीड़ितों में 70% महिलाएं और बच्चे हैं।
युद्धविराम टूटने के बाद, नेतन्याहू के कार्यालय ने घोषणा की है, कि उसने कतर के दोहा में मौजूद अपनी वार्ता टीम को इजराइल लौटने का निर्देश दिया है।
अक्टूबर में हमास लड़ाकों के दक्षिणी इज़राइल में घुसने के बाद इज़राइल ने हमास का सफाया करने के लिए अपना सैन्य अभियान शुरू किया। इज़राइल ने कहा कि 1,200 लोग मारे गए और लगभग 240 को बंदी बना लिया गया।












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