गाजा पट्टी के 32% हिस्से पर इजराइल ने किया कब्जा, क्या पूरे फिलीस्तीन को बंदी बनाने का है नेतन्याहू का प्लान?
Gaza Strip: अलजजीरा के सनद वेरिफिकेशन एजेंसी ने दावा किया है, कि "इजरायल ने गाजा के लगभग 32 प्रतिशत क्षेत्र पर कब्जा कर लिया है।" इसके लिए उसने बफर जोन और इसे विभाजित करने वाली एक केंद्रीय धुरी बनाने के लिए "पड़ोसियों को व्यवस्थित रूप से ध्वस्त" किया है।
रिपोर्ट में कहा गया है, जितने क्षेत्र पर कब्जा किया गया है, उसमें मिस्र की सीमा पर फिलाडेल्फिया कॉरिडोर का क्षेत्र शामिल नहीं है, जिसके बारे में इजरायल ने गुरुवार को घोषणा की थी, कि उसने इस पर नियंत्रण कर लिया है।

7 अक्टूबर को हमास ने दक्षिणी इजराइल पर हमला किया था और हमास के आतंकियों ने जानवरों की तरह क्रूरता दिखाते हुए 1200 से ज्यादा इजराइलियों की हत्या कर दी थी और करीब 250 लोगों को बंधक बना लिया था। उसके बाद इजराइल ने हमास के खिलाफ पलटवार करते हुए गाजा पट्टी पर हमला किया, जिसमें अभी तक हमास नियंत्रित स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, 35 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।
इजराइल ने लगातार हवाई हमलों, तोप हमलों और बुलडोजरों के लिए गाजा में विनाश फैला दिया है और करीब करीब 85 प्रतिशत गाजावासी अपने घरों से विस्थापित हो गये हैं। यूनाइटेड नेशंस के मानवीय मामलों के अवर महासचिव और आपातकालीन राहत समन्वयक मार्टिन ग्रिफ़िथ ने कहा, कि "गाजा में कोई सुरक्षित जगह नहीं है" और सम्मानजनक मानव जीवन "लगभग असंभव है"।
उन्होंने कहा, कि "भले ही लोग घर वापस लौटने में सक्षम हों, लेकिन कई लोगों के पास अब जाने के लिए घर नहीं हैं।"
गाजा पट्टी में तबाही का हिसाब-किताब
संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, गाजा की लगभग 85 प्रतिशत आबादी यानि करीब 19 लाख लोग विस्थापित हो चुके हैं। उनमें से आधे लोग सिर्फ इस महीने विस्थापित हुए हैं। इस्लामिक देश दावा करते हैं, कि 1948 में नकबा के दौरान, इजराइल राज्य के निर्माण के लिए जायोनी लोगों ने करीब 700,000 फिलिस्तीनियों को उनके घरों और गांवों से खदेड़ दिया था।
वहीं, अभी तक हमास ये नहीं बता पाया है, कि दक्षिणी इजराइल पर हमला करने का उसका मकसद क्या था और इस युद्ध को शुरू कर भला उसने क्या हासिल किया है, सिवाय 36 हजार लोगों को मरवाकर, 1947 से 1949 के दौरान मारे गए लोगों की संख्या से दोगुने से भी ज्यादा है। सैकड़ों लोगों के अभी भी मलबों में दबे होने की आशंका है, जिन्हें बाहर निकालने वाला कोई नहीं है।
सनद ने सैटेलाइट तस्वीरों के आधार पर विश्लेषण करते हुए दावा किया है, कि इजराइल ने 120 वर्गकिलोमीर क्षेत्र पर कब्जा कर लिया है और उस क्षेत्र में 80-90 प्रतिशत हिस्सा पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है और चूंकी अभी भी इजराइली हमला खत्म नहीं हुआ है, लिहाजा तबाही और भी ज्यादा बढ़ने की पूरी आशंका है।
सैटेलाइट तस्वीरों के आधार पर सनद ने गाजा के मैप का विश्लेषण करते हुए कहा है, कि इजराइली हमलों ने गाजा की सीमाओं को और अंदर की तरफ धकेल दिया है। ये क्षेत्र 1.5 किमी चौड़ी पट्टी है, जो जुहोर एड-डिक क्षेत्र के मध्य में 6.5 किमी तक फैली हुई है, जिसे नेजारिम अक्ष के रूप में जाना जाता है।
यह सीमावर्ती क्षेत्रों और मध्य गाजा में इजरायली सेना द्वारा किए गए विनाश और बुलडोजर हमले की गहराई को भी दर्शाता है।
विश्लेषण से पता चलता है, कि युद्धग्रस्त और घिरे हुए गाजा पट्टी के क्षेत्रों को "पूरी तरह से बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया है" और "एक पैटर्न बनाकर ये कार्रवाई की गई है" ताकि, जिसे संयुक्त राष्ट्र ने कभी "खतरा वाला क्षेत्र" कहा था, उसे वो बफर जोन में बदल सके।
सनद ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, कि उत्तरी गवर्नरेट में, बेत हनून शहर में इजरायली सेना द्वारा किए गए विनाश का क्षेत्र गाजा की सीमा से 2.5 किमी तक फैला हुआ था, जबकि बेत लाहिया में पांच किलोमीटर और जबालिया शिविर में तीन किलोमीटर का क्षेत्र नष्ट हो गया है।
बुरेज शरणार्थी शिविर और मघाजी शिविर में विनाश सीमा से क्रमशः 1.7 किमी और दो किलोमीटर तक पहुंच गया है।

गाजा के दक्षिणी प्रांत में सबसे ज्यादा तबाही
खान यूनिस के पूर्व में किसुफिम और बानी सुहैला क्षेत्रों में सीमा से क्रमशः 3.7 और चार किलोमीटर तक विनाश हुआ है। वहीं, राफा शहर में, सीमा से अस-सलाम पड़ोस तक 5.1 किमी तक विनाश फैला हुआ है।
इजराइली सेना ने दावा किया है, कि उसका मकसद हमास को पूरी तरह से खत्म करना है, लेकिन सवाल ये उठ रहे हैं, कि हमास को खत्म करते करते कहीं पूरा गाजा पट्टी ही खत्म ना हो जाए। 23 जनवरी को, अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने एक बयान में कहा था, कि अमेरिका, गाजा की क्षेत्रीय संरचना में किसी भी स्थायी बदलाव का विरोध करता है और इसकी आबादी के स्थायी विस्थापन को खारिज करता है।
लेकिन, गाजा पट्टी में 24 घंटे इजराइली बुलडोजर मकानों को ध्वस्त कर रहे हैं। इजराइल ने पहले बफर जोन की स्थापना का विस्तार करने और बुलडोजर की रफ्तार को और तेज कर दिया है और अब 100 D9 बुलडोजर को मकानों को तोड़ने और जमीन को समतल करने के काम में लगाया गया है।

यानि, इजराइल का मकसद गाजा पट्टी को और छोटा करना है और गाजा पट्टी के पूरे क्षेत्र को और छोटा करते हुए, उसकी सीमाओं के अंदर कई और सीमाओं का निर्माण करना है, ताकि पूरे गाजा पट्टी की घेराबंदी करते हुए पूरे गाजा पर अपना कंट्रोल बना सके।
2006 से पहले गाजा पट्टी पर इजराइल का ही कंट्रोल था, लेकिन फिलीस्तीनी प्राधिकरण से समझौता होने के बाद इजराइली सेना गाजा पट्टी से बाहर निकल गई और फिर गाजा पट्टी और वेस्ट बैंक में चुनाव करवाए गये। वेस्ट बैंक में तो फिलीस्तीन प्राधिकरण ने जीत हासिल की, लेकिन गाजा पट्टी में हमास को अपार समर्थन मिला और उसके बाद से गाजा पर हमेशा के लिए हमास का कब्जा हो गया। लेकिन, अब ऐसी आशंका है, कि एक बार फिर से गाजा पट्टी पर इजराइल अपना नियंत्रण स्थापित करने की योजना में है और ऐसा होने पर हमास का खात्मा तय होगा।












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