'महसा अमीनी की हिरासत में हत्या नहीं की गई, वो ऐसे ही मर गई', भारत आए ईरानी मंत्री का बयान
महसा अमिनी की हत्या के बाद शुरू हुए प्रदर्शन में पिछले हफ्ते ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खुमैनी के पुश्तैनी घर को भी प्रदर्शनकारियों ने फूंक दिया है।
Mahsa Amini: इस साल सितंबर महीने में ईरानी पुलिस की हिरासत में महसा अमीनी की संदिग्ध मौत को लेकर भारत आए ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री ने बेहद अजीबोगरीब बयान दिया है। ईराने के डिप्टी प्रधानमंत्री ने कहा है, कि 22 साल की महसा अमीनी की पुलिस ने हत्या नहीं की है, बल्कि वो बस गुजर गई। इसके साथ ही ईरानी डिप्टी विदेश मंत्री ने सितंबर महीने से ईरान में चल रहे भीषण प्रदर्शन को लेकर भी अपनी सरकार का बचाव किया है।

ईरानी डिप्टी पीएम ने क्या कहा?
इस साल सितंबर में पुलिस हिरासत में 22 साल की लड़की महसा अमिनी की मौत के बाद ईरान के उप विदेश मंत्री अली बाकरी ने अपनी सरकार का बचाव किया है, जो इन दिनों देश में चल रहे भीषण प्रदर्शनों की वजह से चारों तरफ से घिरी हुई है। देश के राजनीतिक मामलों के उप विदेश मंत्री अली बघेरी ने भारत दौरे के दौरान कहा कि, "महसा अमिनी को नहीं मारा गया था, बल्कि उनका निधन हो गया था।" इसके साथ ही उन्होंने पश्चिमी देशों की मीडिया की यह कहकर आलोचना की, कि मीडिया में चीजों को काफी बढ़ा चकाकर दिया जा रहा है। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, अली बघेरी ने गुरुवार को कहा कि,"महसा अमिनी को नहीं मारा गया था, उनका निधन हो गया। उन्होंने कहा कि, ईरानी चीजोों को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया जा राह है और ये पश्चिमी देशों की साजिश है।

पश्चिमी मीडिया पर फोड़ा ठीकरा
इसके साथ ही ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री ने पश्चिमी देशों में ईरान के लोगों के मानवाधिकार का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि, "पश्चिमी शक्तियां अफगानिस्तान, फिलिस्तीन या यमन के लोगों के बारे में बात नहीं करतीं। वे इन कार्रवाइयों की निंदा नहीं करतीं। इन लोगों के असली हत्यारे कौन हैं?" राजनीतिक परामर्श के लिए दो दिनों के भारत दौरे पर आए ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री ने कहा कि, इन देशों में जो मानवाधिकार का उल्लंघन हुआ है और हो रहा है, उसके बारे में पश्चिमी देशों की मीडिया बात नहीं करती है। आपको बता दें कि, इसी साल 13 सितंबर को ईरान की धार्मिक पुलिस की हिरासत में महसा अमीनी की मौत हो गई थी और कुर्द लड़की महसा अमीनी को इसलिए हिरासत में लिया गया था, क्योंकि उसने ठीक तरह से हिजाब नहीं पहना था। मेडिकल रिपोर्ट में महसा अमीनी के सिर पर गंभीर जख्म के निशान मिले हैं। वहीं, महसा अमीनी की मौत के बाद ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शनों में पिछले 24 घंटे में 70 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है, जबकि 14 हजार से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है।

पूर्व सर्वोच्च नेता का घर फूंका
महसा अमिनी की हत्या के बाद शुरू हुए प्रदर्शन में पिछले हफ्ते ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खुमैनी के पुश्तैनी घर को भी प्रदर्शनकारियों ने फूंक दिया है। अयातुल्ला खुमैनी ने ही ईरान में सख्त इस्लामिक साम्राज्य की स्थापना की थी। वहीं, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में ईरान के मौलवियों के खिलाफ नारे भी लगाए जा रहे हैं। एक वीडियो में तेहरान में प्रदर्शनकारियों को यह कहते हुए सुना जा सकता है, कि "यह खूनी साल है, अली खमेनेई को उतार फेंका जाएगा।" वीडियो में संग्रहालय के विशिष्ट मेहराब के पीछे आग देखी जा सकती है। आपको बता दें कि, ईरान में 16 सितंबर 2022 को 22 वर्षीय युवती महसा अमीनी की पुलिस हिरासत में मौत के विरोध में प्रदर्शन शुरू हुए थे।












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