ईरान की पूर्व राष्ट्रपति की बेटी को पांच साल जेल की सजा, जानिए क्या था जुर्म?
ईरान में पिछले साल सितंबर महीने से ही हिजाब के खिलाफ भारी विरोध प्रदर्शन चल रहा है और अभी तक 18 हजार से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है।

Iran News: ईरान के पूर्व राष्ट्रपति अकबर हाशमी रफसंजानी की मानवाधिकार कार्यकर्ता बेटी को पांच साल जेल की सजा सुनाई गई है। उनके वकील ने मंगलवार को इसकी पुष्टि की है। हालांकि, वकील ने पूर्व राष्ट्रपति की बेटी फैज़ेह हाशमी के खिलाफ लगाए गये आरोपों की जानकारी नहीं दी। लेकिन ईरान की अर्ध-आधिकारिक ISNA समाचार एजेंसी के मुताबिक, तेहरान के सरकारी वकील ने पिछले साल हाशमी को "सिस्टम के खिलाफ प्रोपेगेंडा" के आरोप में दोषी ठहराया था।

पूर्व राष्ट्रपति की बेटी को सजा
पिछले साल सितंबर में ईरान की सरकारी मीडिया ने बताया था, कि पुलिस हिरासत में एक युवा कुर्द लड़की महसा अमीनी की मौत के विरोध में तेहरान में "दंगे भड़काने" के आरोप में उन्हें गिरफ्तार किया गया था। ईरान में पिछले साल 16 सितंबर के बाद से ही लगातार प्रदर्शन चल रहे हैं और इन प्रदर्शनों ने साल 1979 की ईरान की इस्लामिक क्रांति के बाद से इस्लामिक कट्टरपंथी शासकों के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक पेश किया है। बचाव पक्ष की वकील नेदा शम्स ने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा कि, "सुश्री फैज़ेह हाशमी की गिरफ्तारी के बाद उन्हें पांच साल की जेल की सजा सुनाई गई थी, लेकिन यह सजा अंतिम नहीं है।"
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सरकार के निशाने पर फैज़ेह हशमी
पूर्व राष्ट्रपति अकबर हाशमी रफसंजानी की बेटी फैज़ेह हशमी लगातार इस्लामिक कट्टरपंथी सरकार के निशाने पर रहती हैं और इससे पहले साल 2012 में भी उन्हें जेल की सजा सुनाई गई थी और साल 2009 के विवादित राष्ट्रपति चुनाव में "राज्य विरोधी प्रचार" के आरोप में उन्हें राजनीतिक गतिविधियों में भाग लेने से प्रतिबंधित कर दिया गया था। आपको बता दें कि, उनके पिता की साल 2017 में मृत्यु हो गई थी। आपको बता दें कि, पूर्व राष्ट्रपति रफसंजानी की आर्थिक उदारीकरण की व्यावहारिक नीतियों और पश्चिम के साथ बेहतर संबंधों ने उनके जीवन के दौरान उग्र समर्थकों और समान रूप से उग्र आलोचकों को परेशान किया था। वह इस्लामिक गणराज्य ईरान के संस्थापकों में से एक थे।

प्रदर्शनकारियों को फांसी
ईरान की इस्लामिक सरकार लगातार प्रदर्शनकारियों को फांसी की सजा दे रही है और अभी तक 17 लोगों को फांसी की सजा सुनाई गई है और 18 हजार से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है। एक दिन पहले ही ईरानी सरकार ने एक कराटे चैंम्पियन और एक कोच को फांसी की है, जिसकी पूरी दुनिया में आलोचना की गई है। एएफपी ने बताया कि दोषी ठहराए गए लोगों में से चार को फांसी दे दी गई है और दो अन्य को जल्द ही फांसी पर लटकाया जाना है। समाचार एजेंसी एएफपी ने न्यायपालिका की मिजान ऑनलाइन समाचार वेबसाइट के हवाले से बताया है कि, सालेह मिरहशेमी, माजिद काज़ेमी और सईद याघौबी को "खुदा के खिलाफ युद्ध" छेड़ने के आरोप में मौत की सजा सुनाई गई है। ईरान की इस्लामिक सरकार का मानना है, कि सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करना अल्लाह के खिलाफ विरोध प्रदर्शन है।












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