कोई मिसाइल हमला नहीं हुआ... ईरान ने इजराइली हमले के दावों को किया खारिज, कौन बोल रहा झूठ?
Israel-Iran conflict: इजराइल के एक सैन्य अधिकारी और अमेरिका ने पुष्टि की है, कि ईरान के परमाणु ठिकाने वाले शहर इस्फहान में इजराइल ने मिसाइल हमला किया है, और ईरान के एयरपोर्ट पर धमाके की आवाजें भी सुनी गई हैं।
ABC न्यूज ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से कहा है, कि ईरान में कम से कम 9 जगहों पर इजराइल ने हमले किए हैं, लेकिन हैरानी की बात ये है, कि ईरान के एक अधिकारी ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया है, कि तेहरान पर कोई "मिसाइल" हमला नहीं हुआ है। बयान में कहा गया है, कि इस्फहान में सुना गया विस्फोट, ईरान की वायु रक्षा प्रणाली की सक्रियता का परिणाम था।

एक ईरानी अधिकारी ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया है, कि "इस्फ़हान में सुने गए विस्फोट, ईरान की वायु रक्षा प्रणालियों की सक्रियता का परिणाम थे।" उन्होंने कहा, कि ईरान के खिलाफ कोई मिसाइल हमला नहीं किया गया है। लिहाजा, सवाल उठ रहे हैं, कि आखिर ईरान, इजराइली हमले को क्यों नहीं कबूल रहा है और दूसरा सवाल ये, कि वाकई हमला हुआ है या नहीं?
अमेरिकी मीडिया कर रहा हमले का दावा
इससे पहले आज, एबीसी न्यूज ने पहली बार एक अमेरिकी अधिकारी का हवाला देते हुए रिपोर्ट दी है, कि इजरायली मिसाइलों ने ईरान में एक साइट पर हमला किया है, जबकि ईरानी राज्य मीडिया ने भी देश के केंद्र में एक विस्फोट की सूचना दी है। लेकिन, बाद में ईरान ने हमला होने की रिपोर्ट से इनकार कर दिया है।
ईरान की स्थानीय मीडिया फार्स समाचार एजेंसी ने भी दावा किया है, कि केंद्रीय शहर इस्फ़हान के एक हवाई अड्डे पर विस्फोट की आवाज़ सुनी गई, लेकिन इसका कारण तुरंत पता नहीं चल पाया है। राज्य मीडिया ने बताया है, कि एहतियात के तौर पर, ईरान ने इस्फ़हान, शिराज और तेहरान शहरों के ऊपर उड़ानें सस्पेंड कर दीं हैं।
अमेरिकी मीडिया ने ये भी दावा किया है, कि इजराइल ने अमेरिका से कहा है, कि वह अगले दो दिनों में ईरान पर हमला करने की योजना बना रहा है।
इस बीच, टाइम्स ऑफ इजराइल ने ब्लूमबर्ग के हवाले से दो अज्ञात अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से खबर दी है, कि इजराइल ने गुरुवार को अमेरिका को सचेत कर दिया था, कि वह अगले एक या दो दिनों में हमला करने की योजना बना रहा है। हालांकि, इस वक्त जब हम ये न्यूज लिख रहे हैं, उस वक्त तक इजरायली रक्षा बलों या प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय से हमले को लेकर कोई पुष्टि नहीं हुई थी। वहीं, इजरायली मीडिया ने कहा है, न तो इजराइल डिफेंस फोर्स और न ही इजराइली पीएमओ, इस हमले को लेकर किसी प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करेंगे।
हमले में ज्यादा नुकसान की रिपोर्ट नहीं
वहीं, सीएनएन इंटरनेशनल डिप्लोमैटिक एडिटर निक रॉबर्टसन की रिपोर्ट में दावा किया गया है, कि ईरान के इस्फ़हान प्रांत में हमले के बाद, ईरानी राज्य मीडिया रिपोर्ट कर रहा है, कि क्षेत्र में सभी सुविधाएं सुरक्षित हैं, जिनमें महत्वपूर्ण परमाणु सुविधाएं भी शामिल हैं। लेकिन, एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा है, कि ईरान इस हमले के प्रभाव को कम करने दर्शाने की कोशिश कर रहा है।
वहीं, पेंटागन के एक रीडआउट के मुताबिक, अमेरिकी रक्षा सचिव लॉयड ऑस्टिन ने गुरुवार को "क्षेत्रीय खतरों और मध्य पूर्व में ईरान की अस्थिर करने वाली कार्रवाइयों" के बारे में इजरायली रक्षा मंत्री योव गैलेंट से बात की है।
यह कॉल इजराइल द्वारा ईरान के अंदर हमला करने से पहले हुई थी। पेंटागन के रीडआउट में इजराइल की हमले की योजना की किसी भी चर्चा का उल्लेख नहीं किया गया है।
3 ईरानी अधिकारी ने हमले की बात स्वीकारी
वहीं, न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में 3 ईरानी अधिकारियों के हवाले से दावा किया गया है, कि इस्फहान के पास एक हवाई अड्डे पर हमला किया गया है। लेकिन, ईरान ने सार्वजनिक तौर पर यह कहा है, कि "ईरान के खिलाफ कोई विदेशी हवाई हमले नहीं हुए हैं और जो प्रसारित किया जा रहा है, वह झूठ और इनफॉर्मेशन वार है।"
कुछ डिफेंस एक्सपर्ट्स का मानना है, कि हमले की रिपोर्ट को खारिज कर या उसके प्रभाव को कम बताकर ईरान इस संघर्ष को आगे बढ़ाना नहीं चाहता है। वहीं, अमेरिका की भी कोशिश यही है, कि संघर्ष ना बढ़े, लिहाजा संभावना ये हो सकती है, कि इजराइल के इस हमले के बाद ये संघर्ष यहीं खत्म हो जाए।












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