सीरिया में टॉप सैन्य अधिकारियों के हत्या के बाद ईरान ने किया बदला लेने का ऐलान, इजराइल के खिलाफ एक और फ्रंट?
Israel-Iran War: गाजा पट्टी में हमास के खिलाफ चल रहे युद्ध के बीच इजराइल के खिलाफ एक और फ्रंट खुल सकता है और सीरिया के दमस्कस में अपने दो जनरलों और पांच अफसरों के एक हमले में मारे जाने के बाद ईरान ने बदला लेने की कसम खाई है।
सीरिया में ईरान के दूतापास के पास हुई बमबारी में तीन वरिष्ठ ईरानी कमांडरों के साथ सात सैन्य सलाहकार मारे गये हैं और ईरान का आरोप है, कि ये हमला इजराइल ने किया है, लिहाजा ईरान ने बदला लेने की घोषणा की है। वहीं, ईरान के बदला लेने के ऐलान के बाद मिडिल ईस्ट में एक और युद्ध छिड़ने की आशंका तेज हो गई है।

सीरिया में ईरानी दूतावास के बाहर हमला
सीरिया के आंतरिक मंत्री के साथ घटनास्थल पर देखे गए सीरियाई विदेश मंत्री फैसल मेकदाद ने कहा है, कि "हम इस नृशंस आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करते हैं, जिसने दमिश्क में ईरानी वाणिज्य दूतावास की इमारत को निशाना बनाया और कई निर्दोष लोगों को मार डाला।"
सीरिया में ईरान के राजदूत ने कहा है, कि हमला दूतावास परिसर में एक कांसुलर इमारत पर हुआ है, जिसमें ईरानी सैन्य अधिकारियों की मौत हुई है।
टॉप कमांडर मोहम्मद रजा जाहेदी की मौत
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने एक बयान में कहा है, कि हमले में सात ईरानी सैन्य सलाहकारों की मौत हो गई, जिसमें उसके कुद्स फोर्स के एक वरिष्ठ कमांडर मोहम्मद रजा ज़ाहेदी भी शामिल थे, जो एक विशिष्ट विदेशी जासूसी और अर्धसैनिक शाखा है।
हिज़्बुल्लाह ने ज़ाहेदी की मौत के लिए ईरान के प्रति संवेदना व्यक्त की है और इज़राइल को "मूर्ख बताया है।" इसने अपने बयान में कहा है, कि यह हत्या "दुश्मन को सज़ा और बदला लिए बिना ख़त्म नहीं होगी।"
इजराइल ने लंबे समय से सीरिया में ईरान के सैन्य प्रतिष्ठानों और उसके प्रतिनिधियों को निशाना बनाया है, लेकिन सोमवार का हमला पहली बार था, जब इज़राइल ने ईरान के विशाल दूतावास परिसर पर ही हमला किया हो।
इजराइल ने ईरान समर्थित फिलिस्तीनी समूह हमास के खिलाफ अपने अभियान को और तेज कर दिया है और हमास के खिलाफ लगातार हमले किए जा रहे हैं, जिससे गाजा पट्टी में भारी संख्या में लोगों की मौत हो रही है। इसके अलावा, इजराइल की सेना ने सीरिया में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स और ईरान समर्थित लेबनानी सशस्त्र समूह हिजबुल्लाह के खिलाफ भी हवाई हमले बढ़ा दिए हैं, ये दोनों सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल-असद का समर्थन करते हैं।

इजराइल ने सीरिया पर हमला क्यों किया?
इजराइल आम तौर पर सीरिया पर अपनी सेना के हमलों पर चर्चा नहीं करता है। हमले के बारे में पूछे जाने पर, एक इजरायली सैन्य प्रवक्ता ने कहा, कि "हम विदेशी मीडिया में रिपोर्टों पर टिप्पणी नहीं करते हैं"। न्यूयॉर्क टाइम्स ने चार अज्ञात इजरायली अधिकारियों का हवाला देते हुए स्वीकार किया है, कि इजरायल ने ही सीरिया में हमला किया है।
दिसंबर में दमिश्क के पड़ोस में एक इजरायली हवाई हमले में सीरिया में लंबे समय तक ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड के सलाहकार सैयद रजी मौसवी की मौत हो गई थी।
जनवरी में दमिश्क की एक इमारत पर इसी तरह के हमले में कम से कम पांच ईरानी सलाहकार मारे गए थे।
पिछले हफ्ते, इराकी सीमा के पास पूर्वी सीरियाई प्रांत दीर अल-ज़ौर पर हवाई हमले में एक ईरानी सलाहकार की मौत हो गई थी।
इजराइल की सेना के मुख्य प्रवक्ता, रियर एडमिरल डैनियल हगारी ने कहा, कि दक्षिणी इजराइल में एक नौसैनिक अड्डे पर सोमवार को हुआ ड्रोन हमला "ईरान द्वारा निर्देशित" था और इसमें कोई हताहत नहीं हुआ। मंगलवार की सुबह, इजरायली सेना ने कहा, कि सीरिया से इजरायल में दागा गया हथियार अपने लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही ध्वस्त हो गया।












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