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-90 डिग्री सेल्सियस तापमान पर रात बिताने के बाद Ingenuity हेलीकॉप्‍टर रविवार को भरेगा पहली उड़ान

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नई दिल्ली। धरती से करोड़ों मील की दूरी पर पर मौजूद मार्स रोवर परसिवरेंस ने मंगल की पथरीली जमीन पर हर रोज नए कीर्तिमान रच रहा है। रोवर परसिवरेंस ने हाल ही में मंगल की धरती पर हेलीकॉप्टर इंजेन्यूटी को उतारा है। कई सप्ताह के इतंजार के बाद नासा ने इंजेन्यूटी की उड़ान की तारीख का ऐलान कर दिया है। इंजेन्यूटी रविवार को मंगल ग्रह पर पहली बार उड़ान भरेगा। यह मार्स पर ऐलियन लाइफ की खोज करेगा। इससे पहले नासा के रोवर परसिवरेंस ने मंगल की सतह पर उतरे हेलिकॉप्‍टर की पहली रंगीन तस्‍वीर ली थी। नासा ने बताया कि जब यह हेलीकॉप्‍टर उड़ान भरना शुरू कर देगा तब और ज्‍यादा अच्‍छी तस्‍वीरें आएंगी।

नासा का हेलीकॉप्टर उड़ने के लिए तैयार है

नासा का हेलीकॉप्टर उड़ने के लिए तैयार है

अब नासा का हेलीकॉप्टर उड़ने के लिए तैयार है - यदि वे इसे कंट्रोल करने में सफल रहते हैं, तो यह दूसरे ग्रह पर पहली मानव-नियंत्रित उड़ान होगी। शुरू में यह हेलीकॉप्‍टर केवल टेस्‍ट उड़ान भरेगा। इस दौरान वह करीब 30 सेकंड तक हवा में रहेगा। इसके बाद यह नीचे आ जाएगा। इस शुरुआती उड़ान मकसद यह पता लगाना है कि क्‍या धरती के बाहर मंगल ग्रह पर भी उड़ान भरी जा सकती है या नहीं। इसके बाद इस मिशन की टीम 30 दिनों तक इसे बार बार उड़ाकर देखेगी। उसके बाद, टीम अतिरिक्त दूरी और अधिक ऊँचाई की अतिरिक्त प्रायोगिक उड़ानों का प्रयास करेगी।

इस बात पर तय होगी हेलीकॉप्टर की सफल उड़ान

इस बात पर तय होगी हेलीकॉप्टर की सफल उड़ान

प्रेस कॉन्फ्रेंस ने नासा के अधिकारियों ने बताया कि, हेलीकॉप्टर अपने प्रौद्योगिकी प्रदर्शन को पूरा करने के बाद, परसिवरेंस अपने वैज्ञानिक मिशन को जारी रखेगा। मंगल के वायुमंडल में पृथ्वी के वायुमंडल का लगभग 1 प्रतिशत दबाव है। इसका मतलब यह है कि कोई गारंटी नहीं है इंजेन्यूटी अपनी पहली उड़ान का मैनेज कर पाएगा। इसे पहले सर्द रातों में इस हेलीकॉप्टर के सही सलामत रहने पर नासा ने जश्न मनाया था। नासा ने इस हेलीकॉप्टर की यह ऐतिहासिक उपलब्धि मानी थी। यह किसी दूसरे ग्रह पर भेजा गया पहला रोटरक्राफ्ट है और अब इसने सफलतापूर्वक मंगल पर एक रात अकेले दम पर बिता ली है।

-90 डिग्री सेल्सियस पर बिता चुका है रात

-90 डिग्री सेल्सियस पर बिता चुका है रात

मंगल पर पहुंचने के बाद से यह रोवर से जुड़ा था और शनिवार को यह रोवर से बाहर आया और बाद में लाल ग्रह की जमीन पर कदम रखा। यह एक बड़ी सफलता इसलिए है क्योंकि रात के वक्त यहां तापमान -90 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है।इस हेलीकॉप्टर पर फिलहाल केवल कैमरे और कुछ नेविगेशन सिस्टम लगाए गए है। इस फ्लाइट का मुख्य मिशन यह साबित करना है कि संचालित उड़ान अन्य दुनिया पर काम कर सकती है।

मार्स रोवर परसिवरेंस मंगल की सतह पर फरवरी में उतरा था

मार्स रोवर परसिवरेंस मंगल की सतह पर फरवरी में उतरा था

नासा की जेट प्रोपल्शन लैबोरेटरी में हेलीकॉप्टर की प्रॉजेक्ट मैनेजर मीमी ऑन्ग ने बताया, 'पहली बार इंजेन्यूटी अकेले मंगल पर रहा है लेकिन हमें पता है कि इसे सही सुरक्षा, सही हीटर और ठंडी रातों में रहने के लिए पर्याप्त बैटरी है, यह टीम के लिए बड़ी जीत है। हम इसके फ्लाइट टेस्ट की तैयारी के लिए उत्साहित हैं। इसके रोटर ब्लेड्स को अनलॉक किया जाएगा और इसके मोटर और सेंसर टेस्ट किए जाएंगे। जब हेलीकॉप्टर अपनी पहली फ्लाइट लेगा तो इसकी लाइव स्ट्रीमिंग भी की जाएगी। मार्स रोवर परसिवरेंस मंगल की सतह पर फरवरी में उतरा था। मंगल पर उतरने के बाद से मार्स रोवर अपने नए घर जेजेरो क्रेटर की छानबीन कर रहा है।

मंगल की सतह पर उतरा हेलीकॉप्टर Ingenuity, NASA ने कहा-'मिशन 90 प्रतिशत सफल'मंगल की सतह पर उतरा हेलीकॉप्टर Ingenuity, NASA ने कहा-'मिशन 90 प्रतिशत सफल'

English summary
Ingenuity helicopter will fly first flight on Sunday on another world Mars rover Perseverance
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