नौकरी का झांसा देकर भारतीयों के साथ ठगी, यूक्रेन के खिलाफ रूस के साथ युद्ध लड़ने पर किया मजबूर, रिहाई की मांग
Ukraine Russia War: रूस में काम करने जाने वाले भारतीयों के साथ बड़ी धोखाधड़ी हुई है। काम करने वालों के साथ अच्छी सैलरी पर नौकरी का झांसा देकर ठगी की है। विदेश मंत्रालय ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया है।
केंद्र सरकार ने शुक्रवार को कहा कि कई भारतीयों को रूसी सेना के साथ काम करने के लिए धोखा दिया गया है। उन्होंने कहा कि उनकी शीघ्र रिहाई के लिए रूसी अधिकारियों के साथ इस मामले को दृढ़ता से उठाया है।

बताया जा रहा है कि लगभग दो दर्जन भारतीयों को एजेंटों द्वारा उच्च सैलरी नौकरी का झांसा देकर बरगलाया गया था। उन्हें बहला कर यूक्रेन के खिलाफ रूसी युद्ध लड़ने के लिए मजबूर किया गया था। उनमें से एक लोग की संघर्ष क्षेत्र में हत्या कर दी गई थी।
एजेंटों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू
केंद्र सरकार ने झूठे बहानों और झांसा देकर भर्ती करने वाले एजेंटों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने सात शहरों में छापेमारी करने और रूस में भारतीयों की तस्करी में शामिल एक गिरोह का भंडाफोड़ करने के बाद यह बयान दिया है।
सीबीआई ने कल कई शहरों में तलाशी लेकर और सबूत इकट्ठा करते हुए बड़े मानव तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। कई एजेंटों के खिलाफ मानव तस्करी का मामला दर्ज किया गया है। इन कंपनियों ने 35 भारतीयों को रूस और यूक्रेन भेजा था, लेकिन एक अधिकारी ने कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि क्या उन सभी को युद्ध में भाग लेने के लिए मजबूर किया गया था। विदेश मंत्रालय ने पहले कहा था कि रूस में फंसे कम से कम 20 भारतीयों ने भारतीय अधिकारियों से संपर्क किया था।
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